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हस्तक्षेप

तूतीकोरिन में जो हुआ वो निर्भया मामले से भी बदतर, दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार करें : जस्टिस मार्कंडेय काटजू

Justice Markandey Katju

तूतीकोरिन, तमिलनाडु में जो हुआ वो निर्भया मामले से भी बदतर है जिसके लिए हाल ही में 4 लोगों को फांसी दी गई थी। तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के सथानकुलम शहर में मोबाइल एक्सेसरी की दुकान चलाने वाले एक पिता और पुत्र, पी.जयराज और फेलिक्स, को कुछ पुलिसकर्मियों ने बंद के दौरान दुकान खुली रखने के आरोप में गिरफ्तार किया …

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ऐसा क्यों हो रहा है कि जिन मित्रों से पीएम मोदी लपक के गले लगते थे, उन्होंने चुप्पी साध रखी है?

Namaste Trump

हथियारों के सौदागर देश क्यों चाहेंगे तनाव कम हो? बियावान में खड़े हैं विश्व नेता। कूटनीति में ऐसी निरापद स्थिति नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) देखेंगे, इसकी कल्पना उनके शैदाइयों ने नहीं की थी। देश के लिए तय करना घणा मुश्किल है कि गलती 62 में हुई थी, या उसके 58 साल बाद 2020 में? नरेंद्र भाई तब 11 साल के …

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अब सीमा तनाव को चुनावी अवसर में बदलने का खेल : क्षुद्र चुनावी लाभ के लिए, भारतीय सेना को ‘बिहारी सेना’ बनाने का खेल,

Prime Minister, Shri Narendra Modi paying tributes to the Martyrs during the Virtual Conference with the Chief Ministers, in New Delhi on June 17, 2020.

चुनौती को अपने लिए राजनीतिक फायदे के अवसर में और खासतौर पर चुनावी फायदे अवसर में बदलने की कला के बहुत बड़े उस्ताद हैं- नरेंद्र मोदी। वह न तो इसका कोई भी मौका चूकते हैं और न ऐसे मौके का फायदा उठाने में किसी संकोच या झिझक को आड़े आने देते हैं। उल्टे दीदादिलेरी तो उनकी इस कला का एक …

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जुल्म और दमन के खिलाफ इंसाफ और लोकतंत्र की बेखौफ लड़ाई की प्रेरणा बने रहेंगे चितरंजन सिंह !

Chitranjan Singh

आदरणीय चितरंजन भाई से अभी 10 अक्टूबर को टाउनहाल बलिया में बहुत दिनों बाद मुलाकात हुई थी। PUCL के साथियों द्वारा जय प्रकाश जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का अवसर था। उन्हें बेहद अस्वस्थ देखकर धक्का लगा था। वहां उपस्थित बलिया के तमाम जनपक्षधर नेताओं-कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों ने उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंताकुल भाव से अपने नेता के सम्भवतः …

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महाश्वेता देवी के शब्दों में “आंदोलन” यानी चितरंजन सिंह आज आपातकाल की बरसी पर हम सबको छोड़कर चले गए

Chitranjan Singh

क्यों जी कहां हो क्या हो रहा है कहने वाले चितरंजन जी नहीं रहे महाश्वेता देवी के शब्दों में “आंदोलन” यानी चितरंजन सिंह आज आपातकाल की बरसी पर हम सबको छोड़कर चले गए. मानवाधिकार-लोकतांत्रिक अधिकार आंदोलन से जुड़े तो यूपी के किसी जिले में शुरुआती दौर में किसी प्रशासनिक या पत्रकारिता से जुड़े शख्श से मनवाधिकारों की बात आते ही …

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कोयला उद्योग का निजीकरण : इंदिरा गाँधी ने जो शंका व्यक्त की थी, मोदी उसे सच साबित कर रहे हैं

narendra modi flute

कोयला उद्योग – राष्ट्रीयकरण से निजीकरण की ओर….??? कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल जिस समय देश आज़ाद हुआ हमारा कोयला उद्योग (Coal industry) निजी मालिकों के हाथों में था और कोयला मजदूरों की स्थिति (Status of coal laborers) जानवरों से भी बदतर थी जिसका भली-भांति चित्रण शत्रुघ्न सिंहा की फ़िल्म “कालिका“ में किया गया है. यह फ़िल्म …

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दिल्ली दंगे : इस जाँच की जाँच बहुत जरूरी है

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फिर क्यों ना हो दिल्ली दंगों की जांच की जांच ? दिल्ली की एक अदालत में फ़ैसले को जमानत देने वाले जज विनोद यादव ने कहा कि इस मामले के गवाहों के बयानों में अंतर है और मामले में नियुक्त जांच अधिकारी ने ख़ामियों को पूरा करने के लिए पूरक बयान दर्ज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में …

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वंचित समूहों को कब मिलेगी घुटन से मुक्ति : हमें अमरीकी प्रजातंत्र से कुछ सीखना चाहिए.

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Hindi Article- When will the marginalized be able to breathe: We should learn something from American democracy. अमरीका के मिनियापोलिस शहर में जॉर्ज फ्लॉयड नामक एक अश्वेत नागरिक की श्वेत पुलिसकर्मी डेरेक चौविन ने हत्या कर दी. चौविन ने अपना घुटना फ्लॉयड की गर्दन पर रख दिया जिससे उसका दम घुट गया. यह तकनीक इस्राइली पुलिस द्वारा खोजी गई है. …

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दंगे देश की अर्थ व्यवस्था को पीछे ढकेलते हैं, दंगे मानवता के नाम पर कलंक हैं

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यह किसी से छिपा नहीं है कि देश कुछ दिनों से कमजोर उत्पादन, बेरोजगारी, आशंकित अर्थव्यवस्था के चलते चिंतित है। डॉलर की तुलना में रूपए का अवमूल्यन, महंगाई से आम लोग प्रभावित हैं। उधर कोरोना वायरस के कारण चीन से प्रतिबंधित हुए व्यापार के कारण देश के कारखानों में काम ठप्प है और इसका सीधा असर बाजार पर है। ऐसे …

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मोदी का विकल्प ! सच कहें तो, राजनीति के जगत का एक चूहा भी उनसे बेहतर साबित होगा।

narendra modi flute

लोकप्रियता 70% ! — एक सोच | Popularity 70%! – a thought आज ही हमने अपने फेसबुक पेज पर एक छोटी से पोस्ट लगाई — “नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में जैसे ट्रंप का हारना तय है, वैसे ही बिहार में मोदी-शाह का हारना। मोदी के होश फ़ाख्ता करने के लिए यह धक्का काफ़ी होगा।” हम जानते हैं कि हमारी इस …

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