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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

क्या दलित मार्क्सवादी कभी स्वीकार करेंगे कि डाइवर्सिटी से बेहतर नहीं है कोई उपाय

एच.एल. दुसाध (लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)  

क्या दलित मार्क्सवादी कभी यह सत्योपलब्धि करेंगे कि सर्वस्वहाराओं को शक्ति के स्रोतों के वाजिब शेयर दिलाने के लिए : डाइवर्सिटी से बेहतर नहीं है कोई उपाय!  मित्रों, रूस का पतन देखकर भारत के मार्क्सवादी रह-रहकर गहरे सदमे में आ जाते हैं और समय-समय पर इसकी पड़ताल भी करते हैं, जो बिलकुल स्वाभाविक ही है. किन्तु ऐसा होने के पीछे …

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बेचैन दुनिया को नई संस्कृति, नए विचार देने वाले डॉक्टर लोहिया आज भी प्रासंगिक

Dr. Ram Manohar Lohia

गांधी के बाद डॉक्टर लोहिया ही ऐसे चिंतक विचारक हुए हैं जो भारत की धरती से जुड़े हुए हैं ( डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की पुण्य तिथि 12 अक्टूबर पर विशेष लेख– Special article on Dr. Ram Manohar Lohia’s death anniversary on October 12) महापुरूषों की स्मृति और मूल्यांकन से ही कोई समाज ऊर्जा ग्रहण कर निखर सकता है. हालांकि …

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हाथरस : ‘नक्सली भाभी’ का सच !

Crimes of dalit oppression

डॉक्टर, जिसे नक्सली भाभी बताया जा रहा है Doctor, who is being called a Naxalite sister-in-law ( #NaxalBhabhi #NaxaliBhabhi) उत्तरप्रदेश के हाथरस ज़िले के बोलगढ़ी गाँव में एक दलित बालिका के साथ हुई हैवानियत और उसके बाद राज्य प्रायोजित अमानवीयता के घटना क्रम से सारा देश वाक़िफ़ है। जिसने भी इस दरिदंगी के बारे में सुना है, उनकी पीड़ितों के …

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रामविलास शर्मा जिन्होंने इस मिथ का खंडन किया कि प्राचीनकाल में ब्राह्मणों की प्रधानता थी

Ram Vilas Sharma

हिंदी के महान आलोचक रामविलास शर्मा का आज जन्मदिन है | इतिहास में आज का दिन | आज का इतिहास Today is the birthday of Ram Vilas Sharma, a great critic of Hindi अस्मिता, अंबेडकर और रामविलास शर्मा रामविलास शर्मा के लेखन में अस्मिता विमर्श को मार्क्सवादी नजरिए से देखा गया है। वे वर्गीय नजरिए से जाति प्रथा पर विचार …

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सत्ताधारियों का गोडसेवादी हिंदुत्व न तो संतों की परंपरा का है और ना गांधी की

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

गाँधी और गोडसे : विरोधाभासी राष्ट्रवाद Hindi Article By Dr. Ram Puniyani -Gandhi and Godse– Contrasting Nationalism इस वर्ष गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2020) पर ट्विटर पर ‘नाथूराम गोडसे जिन्दाबाद‘ के संदेशों का सैलाब आ गया और इसने इसी प्लेटफार्म पर गांधीजी को दी गई श्रद्धांजलियों को पीछे छोड़ दिया. इस वर्ष गोडसे पर एक लाख से ज्यादा ट्वीट किए …

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आवास सबका मौलिक अधिकार है : ‘कहां है जहां झुग्गी वहां मकान, मोदी जी पूरा करो अपना काम’

Fundamental right to housing

October 5 was celebrated as World Habitat Day | Fundamental right to housing 5 अक्टूबर विश्व आवास दिवस के रूप में मनाया गया। World Habitat Day की शुरूआत 1986 में नैरोबी शहर से हुई थी। यह दिवस हर साल अक्टूबर महीने के पहले सोमवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के नेतृत्व में पूरे विश्व में मनाया जाता है। 2022 तक सबको …

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पूछता है भारत – रिया को जमानत मिलने की खबर पिछले पृष्ठों पर कम जगह में क्यों छपी ?

TRP ke liye murgon ki ladai

रिया चक्रवर्ती को जमानत के बड़े परिप्रेक्ष्य | Big meaning of bail to Rhea Chakraborty कुछ टीवी चैनलों, और लगभग भोंकने काटने के अन्दाज में चिल्लाने वाले टीवी एंकरों ने सुशांत सिंह की दुखद मृत्यु (Tragic death of Sushant Singh) को जानबूझ कर सनसनीखेज बनाया था। यह कहना सही नहीं होगा कि रिया चक्रवर्ती को मिली जमानत (Rhea Chakraborty gets …

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प्रेमचन्द का संसार एक गरीब का घर-संसार था, उन्हें ‘घृणा का प्रचारक’ ‘कलम घसीटू मुन्शी’ और क्या-क्या नहीं कहा गया

Munshi premchand

प्रेमचन्द : एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व (Premchand: an inspiring personality) प्रेमचंद की पुण्यतिथि (8 October History) पर सरला माहेश्वरी का आलेख (Sarala Maheshwari’s article on Premchand’s death anniversary) प्रेमचन्द के जीवन और व्यक्तित्व के बारे में जो भी तथ्य (Facts about Premchand’s life and personality) मिलते हैं उनसे अन्ततोगत्वा इसी निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि वे एस असाधारण साधारण …

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फैज़, भगत सिंह को हीरो मानते थे और उनकी तरह बनने की आरज़ू रखते थे

Bhagat Singh

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और दक्षिण एशियाई राजनीतिक परिप्रेक्ष्य Shaheed-e-Azam Bhagat Singh and South Asian Political Perspective साल 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी के कारण अनेकों मुश्किलों का सामना कर रही है। भारत-वर्ष, जो पहले ही सरकार द्वारा बनायी गलत नीतियों (Wrong policies made by the government) के कारण आर्थिक मंदी, साम्पदायिक-हिंसा, पूंजीवाद और भयंकर बेरोज़गारी की मार झेल …

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सुनो देखो इतिहास की सीली रिसी ईंटें क्या कहती हैं ?

daughter

एय औरतों जितनी हो, उतनी तो बचो रोओ नहीं चलो फिर से तुम इतिहास रचो झूठ है सब भारत में तेरा सम्मान नहीं है देवी के दर्जे हैं तुममें जान नहीं है आडम्बर पुरस्कारों के अर्ज़ी फ़र्ज़ी वुमन डॉटर डे युगों से अब तलक तो तुम सिर्फ़ देह हो बस देह आँखों के एक्सरों में खिंची हर दफ़ा एड़ी से …

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जानिए, उत्तर प्रदेश में कितनी सुरक्षित हैं दलित महिलायें? क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

Crimes of dalit oppression

Know, how safe are Dalit women in Uttar Pradesh? What are the official figures हाल में राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो (National Crime Research Bureau) द्वारा क्राइम इन इंडिया- 2019 रिपोर्ट (Crime in India – 2019 report) जारी की गयी है. इस रिपोर्ट में वर्ष 2019 में पूरे देश में दलित उत्पीड़न के अपराध (Crimes of dalit oppression) के जो आंकड़े …

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हाथरस गैंगरेप, बलात्कार कानून और राजनीति : समझिए हाथरस गैंगरेप घटना की क्रोनोलॉजी

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

Hathras gang rape, rape law and politics अंत में तमाम हंगामों और आरोप-प्रत्यारोप के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस गैंगरेप की जांच सीबीआई को (CBI to investigate Hathras gang rape) सुपुर्द कर दी। यह निर्णय पहले ही हो जाना चाहिए था फिर भी देर से हुए इस निर्णय का स्वागत है। सीबीआई को जांच सौंपने के पहले 1 अक्टूबर …

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मीडिया संस्थानों के नाम खुला पत्र, आपदा में अवसर न तलाशें, पत्रकारों की सेलरी न मारें

media

भोपाल, 06 अक्तूबर 2020. इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य लज्जाशंकर हरदेनिया, एवं इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन सदस्य राजु कुमार,  ने मीडिया संस्थानों के नाम खुला पत्र लिखकर आपदा में अवसर न तलाशने को कहा है। पत्र का मजमून निम्न है मीडिया संस्थानों के नाम खुला पत्र दिनांक: 06 अक्टूबर, 2020 प्रिय, 24 मार्च 2020 के बाद अपने देश के …

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बिल गेट्स द्वारा छेड़े गए जीवन खिलाफ वैश्विक युद्ध का मुकाबला हम कैसे करें

Bill Gates

Hindi Translation of “Bill Gates’ Global Agenda and How We Can Resist His War on Life” (written by Vandana Shiva) मार्च 2015 में, बिल गेट्स ने टेड टॉक के दौरान कोरोना वायरस की एक छवि दिखाई  और दर्शकों को बताया कि यह हमारे समय की सबसे बड़ी संभावित तबाही होगी। उसने कहा  कि जीवन के लिए वास्तविक खतरा  “मिसाइल नहीं, रोगाणु हैं”। उस …

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पूछता है भारत : क्या भाजपा के रामराज्य में यौन हिंसा एक तरह का यज्ञ है जिसमें स्त्री को आहुति देनी ही पड़ेगी

HATHRAS हाथरस गैंगरेप : व्यवस्था और मानवता का अंतिम संस्कार

न्यायालय की अवधारणा और पुलिस तंत्र का न्याय | Concept of Court and Justice of Police System 5 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्म भूमि का शिलान्यास (Foundation stone of Ram Janmabhoomi in Ayodhya) किया गया और उत्तर प्रदेश में रामराज्य की स्थापना (Establishment of Ram Rajya in Uttar Pradesh) हुई। इसी रामराज्य में प्रतिदिन महिलाओं से …

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पूछता है भारत : क्या आप अपनी संतान को गोडसे बनाना चाहेंगे ?

It is necessary to bring back the lost politics

The nation wants to know: Would you like to make your child Godse? भटक चुकी राजनीति को पटरी पर लाना ज़रूरी है, Hathras gang rape case should be studied as a model case राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कल 3 अक्टूबर हाथरस गैंगरेप की पीड़िता के घर (Hathras gang rape victim’s house) में थे। वे वहां अन्य विपक्षी सांसदों के …

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देश के लिए खतरनाक है सार्वजनिक उपक्रमों की उपेक्षा और उनका निजीकरण

Hastakshep new

Neglect and privatization of PSUs is dangerous for the country सार्वजनिक उपक्रमों की उपेक्षा और निगमीकरण के रास्ते पर देश Country on the path of neglect and corporatisation of PSUs (सार्वजनिक क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार (Corruption in the public sector), लालफीताशाही, नौकरशाही, अफसरशाही, भाई-भतीजावाद, फिजूलखर्ची को रोकने और इस पर नियंत्रण लगाने के बजाए उसका निजीकरण एवं निगमीकरण करना देशहित …

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पूछता है भारत – ऐसी फजां में दम नहीं घुटता ?? मगर वो है कि कुर्सी से नहीं उठता

Poochhata hai Bharat

…………बुझा दो ……… इन रेप की मोमबत्तियों से कुर्सियाँ नहीं जलतीं, मोम के आंसुओं से सरकारें नहीं पिघलतीं, ख़बर फिर से वहीं उठाईगीरों ने सर उठाकर चलने वाली को दुनिया से उठा दिया लोग कोसने लगे सत्ता को किसे कुर्सी पर बिठा दिया दुख किसको कितना हुआ है, सब दिखाने में लग गये। तमाम सोये हुए लोग, इक दूजे को …

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मुनाफ़ा, राजनीति और महामारी

COVID-19 news & analysis

Profits, Politics and Epidemics पिछले दस वर्षों से एक आसन्न महामारी के बारे में पर्याप्त गंभीर पूर्वानुमान किया जा रहा था। किन्तु, दुनिया भर के ताकतवर लोगों ने  इस ओर बहुत कम ध्यान दिया। लंबे समय से जिसकी आशंका थी, अंतत: उस रहस्यमयी-रोग ने 2019 के अंत में चीन के हूबेई प्रांत में दस्तक दे ही दी। इसके आगमन की …

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डॉ. राम पुनियानी का लेख : धर्मपरिवर्तन और भारत में ईसाई-विरोधी हिंसा

Dr. Ram Puniyani - राम पुनियानी

एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों (FCRA proposed amendments) पर लोकसभा में बोलते हुए भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह (BJP MP Satyapal Singh) ने विदेशों से आने वाली सहायता पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया. इस सिलसिले में उन्होंने पास्टर ग्राहम स्टेन्स (Pastor Graham Stuart Staines) का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ विषवमन किया. उन्होंने दावा किया कि पास्टर ने 30 आदिवासी महिलाओं …

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नवउदारवादी शिकंजे में आजादी और गांधी

Mahatma Gandhi महात्मा गांधी

यह लेख पाँच वर्ष पुराना है, गांधी जयंती के अवसर पर पुनः प्रकाशित किया जा रहा है 1. Independence and Gandhi in neo-liberal clutches आरएसएस ने आजादी के संघर्ष में हिस्सा नहीं लिया; और वह गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार है – ये दो तथ्य नए नहीं हैं। आजादी के बाद से आरएसएस के खिलाफ इन्हें अनेक बार दोहराया …

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