Home » हस्तक्षेप (page 63)

हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

अगर अदालत सरकार की बोली बोलने लगे तो इन्साफ कौन करेगा ?

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

If the court starts speaking the government’s bid then who will do justice? अदालते आलिया कह रही है कि दंगे की सुनवाई बाद में होगी, पहले छात्र दंगा करना बंद करें. छात्र कह रहे हैं कि अनजान लोगों ने आगजनी और तोड़-फोड़ की है. पुलिस ने उन्हें रोका नहीं. बीबीसी पत्रकार खुद यही कह रही है, जिसका कैमरा पुलिस ने …

Read More »

क्या साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण अपनी हद पर पहुंच चुका है? मोदी सरकार आज देश की दुश्मन बन गई है !

Amit Shah Narendtra Modi

Communal politics of the Rashtriya Swayamsevak Sangh-Bharatiya Janata Party राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-भारतीय जनता पार्टी की साम्प्रदायिक राजनीति, भले ही अंशकालिक ही, एक जाम में फंसी गई है। मतों के दोहन के लिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति (The politics of communal polarization) का बखूबी इस्तेमाल करना वे जानते हैं। यह तरीका गुजरात में काम आया और कुछ हद तक देश के …

Read More »

साहित्य अकादेमी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में महिला के यौन उत्पीड़न पर चुप्पी

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

Silence on sexual harassment of women in a prestigious institution like Sahitya Academy देश भर में महिला सुरक्षा पर बहस (Debate on women’s safety across the country) एक बार फिर से तेज हो गई है। हैदराबाद रेप के आरोपियों का एनकाउंटर (Encounter of Hyderabad rape accused) किया जा चुका है, उन्नाव पीड़ितe की मौत के बाद दोषियों को जल्द से …

Read More »

लाइब्रेरी में लहू बहाती लाठी

Jamia LathiCharge

लाइब्रेरी में लहू बहाती लाठी ——————   लाठी की आँख नहीं होती पुस्तकें नहीं पढ़ती सोचती नहीं लाठी लाठी का रिश्ता जिस्म से है सत्ता का हाथ लाठी लहू बहाती लाठी तन/मन पर जख्म छोड़ती जामिया की लाइब्रेरी में घुसी परंपरा निभाई संविधान की धज्जियाँ उड़ी निहत्थों की जमकर धुनाई अपना धर्म निभाती लाठी ☘️ जसबीर चावला

Read More »

संघ-भाजपा का नागरिकता कानून हिंदू धर्म का दुश्मन है

Guwahati News, Citizenship Act protests LIVE Updates, Anti-CAA protests, News and views on CAB,

नागरिकता कानून हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने का कानून है Prohibition of the Republic of Secular India is the basic form of citizenship law and citizenship register. धर्मनिरपेक्ष भारत गणराज्य का निषेध नागरिकता कानून और नागरिकता रजिस्टर का मूल भाव है। यह हिंदुत्व की दीर्घकालीन राजनीति का हिस्सा है, इसका भी हिंदू धर्म की मूल भावना से विरोध है। …

Read More »

ये हैं संशोधित नागरिकता क़ानून के पक्ष में गृह-मंत्री अमितशाह के सफ़ेद झूठ

Amit Shah at Kolkata

These are the lies of Home Minister Amit Shah in favor of revised citizenship law नागरिकता (संशोधन) क़ानून, 2019 (Citizenship (Amendment) Act, 2019) के जरिए उन हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, ईसाइयों और पारसियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का रास्ता प्रशस्त किया जा रहा है, जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न (Religious persecution) से त्रस्त होकर 31 दिसंबर, …

Read More »

असम के प्रथम शहीद, ईश्वर नायक और अब्दुल अलीम भारत की ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ की परम्परा को फिर से जिंदा कर दिया!

News and views on CAB

Citizenship Act protests LIVE Updates : First martyr of Assam, Ishwar Nayak and Abdul Aleem असम के प्रथम शहीद, ईश्वर नायक और अब्दुल अलीम, ने फूंकी मुल्क़ की ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ में नई जान! 1857 के बाद, 20वीं सदी की जंगे-आज़ादी के दौरान, बिस्मिल और अशफ़ाक उल्ला अंग्रेज़ों से लड़ते हुए एक साथ शहीद हो गये थे, और हिंदू-मुस्लिम एकता …

Read More »

आज के ही दिन इंदिरा गांधी ने इतिहास और भूगोल बदल दिया था

Indira Gandhi

On this day, Indira Gandhi changed history and geography आज पूर्वी पाकिस्तान की मौत की 48 वीं बरसी है। (Today is the 48th anniversary of East Pakistan’s death) यह दिन भारत ही नहीं दुनिया के लिए यादगार है — लोग इतिहास बदलते हैं, इंदिरा गांधी ने भूगोल भी बदल दिया था। आज का दिन इस समय बहुत अधिक प्रासंगिक है। …

Read More »

अमीर देश भी भुगत रहे अब जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम

Environment and climate change

Climate Risks increasing worldwide – even for High-Income-Countries जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम (Side effects of climate change) पहले गरीब तीसरी दुनिया के देश ज्यादा भुगत रहे थे, लेकिन अब इसकी मार, इसके लिए जिम्मेदार अमीर देशों पर भी पड़ रही है। यह दावा हाल ही में जारी वैश्विक जलवायु संकट सूचकांक यानी ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स (Global Climate Risk Index) …

Read More »

इंसान ईमानदार हो तो उसके गाने में तासीर पैदा होती है : यथार्थबोध से उपजी एक जुझारू आवाज़ बेग़म अख़्तर

आबिदा परवीन की दुनियावी भरम से मुक्ति की आवाज़ और किशोरी अमोनकर का कुलीन, पवित्र और स्थिर स्वर.. दोनों छोरों को अतिक्रमित करती यथार्थबोध से उपजी एक जुझारू आवाज़ बेग़म अख़्तर की! बेग़म अख़्तर पर बारहा लिखने का मन हुआ करता था लेकिन ‘और फिर तल्ख़िए एहसास ने दिल तोड़ दिया’ जैसा हाल हो गया। कमउमरी में उन्हें सिर्फ़ उनकी …

Read More »

समाजवादी आंदोलन के दो महान पुरोधा, जिन्होंने संघ का अछूतोद्धार किया, क्या समाजवादी कभी अपनी इन ऐतिहासिक भूलों को स्वीकार करेंगे?

Dr. Lohia

यह तस्वीर, वह तस्वीर है जिसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अछूतोद्धार किया। 1966-67 में समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया देश में कांग्रेस के एकछत्र साम्राज्य को समाप्त करने के लिये एक थीसिस लेकर आये थे। उन्होंने सबसे पहले यह बताया कि कांग्रेस की जीत का सबसे बड़ा कारण (The biggest reason for the victory of Congress) यह है कि कांग्रेस …

Read More »

इक चाय वाले के हाथ सत्ता लग गयी..उसने कौमों से क़ौम सुलगाई है..मत भूले देस… आज़ादी की रंगत तो अश्फ़ाक के लहू से आई है

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

इक चाय वाले के हाथ सत्ता लग गयी.. चटपटी पाकिस्तानी चटनी पकौड़ियों के साथ हट्टी सज गयी… उसने हिंदू-हिंदू फूँक कर अंगार जलाया, इक काग़ज़ के टुकड़े से असम मेघालय सुलगाया.. अब धीमी-धीमी आँच पर सुलग रहीं है देस की भट्टी.. हौले हौले से चायवाले की चल निकली है हट्टी .. उसकी इस हट्टी पर देस की जलती भट्टी पर.. …

Read More »

मोशा ने सावरकर-जिन्ना को जिता दिया गांधी हार गए

Amit Shah Narendtra Modi

क्या यह गांधी की हार और सावरकर-जिन्ना की जीत है? Is it the defeat of Gandhi and the victory of Savarkar-Jinnah? लोकसभा के नागरिकता संशोधन विधेयक पर मोहर लगाने पर प्रधानमंत्री के ‘खुशी’ जताने (Expressing ‘happiness’ of Prime Minister on passage of Citizenship Amendment Bill in Lok Sabha) पर बरबस, पाकिस्तानी कवियित्री फहमिदा रियाज की बहु-उद्धृत नज्म ‘‘तुम बिल्कुल हम …

Read More »

भारत विभाजन हम ने नहीं कराया : झूठों के शहंशाह अमित शाह

Amit Shah at Kolkata

झूठ बोलने में माहिर आरएसएस इस समय दुनिया का कोई भी फासीवादी संगठन दोग़ली बातें करने, उत्तेजना फैलाने और षड्यंत्र रचने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ– Rashtriya Swayamsevak Sangh, (आरएसएस) को मात नहीं दे सकता। भारत के एक मशहूर अंगरेजी दैनिक ने आरएसएस के बारे में प्रख्यात लेखक जॉर्ज ऑरवेल द्वारा दिए गए शब्द ‘दो मुंहा’ को इस विघटनकारी संगठन के …

Read More »

संघ से नहीं, इतिहास से कुछ सीखिए मोटा भाई, धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान साल 1971 आते-आते टूट गया था

Amit Shah Narendtra Modi

इतिहास से सीखिए कुछ ! धर्म के आधार पर बना पाकिस्तान साल 1971 आते आते टूट गया था। पूर्वी पाकिस्तान बंगलादेश बन गया था। हिन्दू धर्म के मानने वालों से अपेक्षाकृत अधिक एकरूपता ‘एक अल्लाह’ ‘एक कुरान’ और ‘एक आखिरी पैगम्बर’ तथा ‘एक भाषा में एक जैसी प्रार्थना-पद्यति’ के कारण पूर्वी-पश्चिमी पाकिस्तान के बहुसंख्यकों में थी। लेकिन धार्मिकता राष्ट्र की …

Read More »

बलात्कार के बढ़ते मामलों में क्या सरकार व सिस्टम से सवाल नहीं करें ?

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women 1

Should we not question the government and the system in the increasing cases of rape? बलात्कार की बढ़ रही वारदातों को देख अब सरकार व सिस्टम से सवाल करने की मजबूरी हुई जरूरी बलात्कार की आए दिन हो रही नई वारदातें व बढ़ते हुए क्रूर, बर्बर, घृणित दुष्कर्म के मामले देखकर तो यह निश्चित हो गया है कि लोगों में …

Read More »

आरएसएस और उद्योग जगत के बीच प्रेम और ईर्ष्या के संबंध की क़ीमत अदा कर रही है भारतीय अर्थ-व्यवस्था

Indian economy is paying the price for love and jealousy between RSS and industry आज के टेलिग्राफ़ में उद्योगपतियों की मनोदशा (Mood of industrialists) के बारे में सुर्ख़ी की खबर है। “Why business is talking ‘wine’, not Dhanda”। (क्यों उद्योगपति ‘शराब’ की बात करते हैं, धंधे की नहीं ) पूरी रिपोर्ट उद्योगपतियों की आपसी बातचीत और उनके बयानों के बारे …

Read More »

एनआरसी भारत विभाजन से अधिक त्रासद परिणामों वाला फैसला होगा।

NRC par ghiri BJP BJP in crisis over NRC

NRC will be a decision with more tragic consequences than partition of India. एनआरसी भारत विभाजन से अधिक त्रासद परिणामों वाला फैसला होगा। एनआरसी (NRC) की कवायद मुसलमानों से द्वेष (Malice to Muslims) के नाम पर शुरू होकर सभी धर्मों के करोड़ों भारतीयों को उसी तरह घायल कर गुजरेगी जैसे कालेधन के नाम पर नोटबन्दी ने किया ! और ये …

Read More »

मोटा भाई, जब धर्म के आधार पर भारत विभाजन हो रहा था, तब हिन्दू महासभा और संघ कहां थे ?

Amit Shah at Kolkata

संसद में अमित शाह ने कांग्रेस को धर्म के आधार पर भारत के विभाजन का दोषी (guilty of partition of India on the basis of religion) बताया। संघ की स्थापना 1925 में (RSS established in 1925) और हिन्दू महासभा की 1905 में हुई (Hindu Mahasabha was established in 1905) । भारत का विभाजन 1947 में हुआ (India was partitioned in …

Read More »

गनीमत है हमारे सदा वाचाल पंत प्रधान ने नारी अस्मिता पर अभी तक सीतारमण जैसा उत्तर नहीं दिया ‘मैं प्याज नहीं खाती’

Narendra Modi in anger

गनीमत है हमारे सदा वाचाल पंत प्रधान ने नारी अस्मिता पर अभी तक सीतारमण जैसा उत्तर नहीं दिया ‘मैं प्याज नहीं खाती’ ऐसे मौन के सदके लड़कियों की अस्मिता (Girls identity) को लेकर पूरे देश में हंगामा बरपा है, सड़कों पर जन-सैलाब है, आसमान गूँज रहा है। संसद में हंगामा है लेकिन हमारे सदा वाचाल पंत प्रधान मुंह में गुड़ …

Read More »

बर्बरता किसी न्यायपूर्ण समाज का निर्माण नहीं कर सकती

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women 1

बर्बरता किसी न्यायपूर्ण समाज का निर्माण नहीं कर सकती हैदराबाद में बलात्कारियों के एनकाउंटर की पूरे देश में भारी प्रतिक्रिया (Reaction to the encounter of rapists in Hyderabad) हुई है। अभी हमारा समाज जिस प्रकार की राजनीति के जकड़बंदी में फंसा हुआ है, उसमें लगता है जैसे आदमी आदिमता के हर स्वरूप को पूजने लगा है। यह जन-उन्माद चंद लेखकों-बुद्धिजीवियों …

Read More »