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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

फिर भी…दिल्ली अभी दूर है

Arvind Kejriwal

वैसे तो हरेक चुनाव के नतीजे को ही जनता का जनादेश माना जाता है, फिर भी दिल्ली की जनता का फैसला अपने जोर में और निर्णायकता में खास है। इस फैसले के खास होने के तीन खास कारण हैं, जिनका महत्व उनके क्रम से उलटा है। पहला तो यही कि लगातार दूसरी बार, दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी …

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रेडिकल अंबेकरवाद के जवाब में आंबेडकर में देवत्व स्थापना का संघ प्रायोजित ’खेल’

Dr B.R. Ambedkar

RSS-sponsored ‘game’ of establishing divinity in Ambedkar in response to radical Ambekarism Ambedkar-Buddha (Bhima Katha) Katha organized in Mangta village of Kanpur Nagar district of Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के मंगटा गांव में हाल ही में आंबेडकर-बुद्ध(भीम कथा) कथा का आयोजन किया गया। इस कथा में आंबेडकर की बाईस शिक्षाओं (Twenty two teachings of ambedkar), उनके …

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सर्वाधिक अवसरवादी केजरीवाल : जो सवाल मोदी से राहुल ने पूछा वो भाजपा को पूछना चाहिए था

Arvind Kejriwal

राजनेताओं के बयानों और आचरण में गम्भीरता का अभाव Lack of seriousness in statements and conduct of politicians  भारत एक बड़ा व महान देश है जिसे इन दिनों ओछे और निचले स्तर के नेता चला रहे हैं। पिछले दिनों जब पुलवामा कांड को एक साल पूरी हुआ तब राहुल गाँधी ने एक सवाल पूछा कि उक्त घटना की जाँच रिपोर्ट …

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राजनीति का नया अखाड़ा : बजरंगबली बनाम जय श्रीराम

Arvind Kejriwal

The craving for power has weakened human morality. राजनीति एक बड़ा अजीब खेल है। राजनीति में कब क्या होगा, इसका किसे कोई पता नहीं होता। कब करीबी दोस्त विरोधी बन जाएगा और कब कट्टर विरोधी दोस्त बनेगा इसपर कुछ भरोसा नहीं किया जा सकता। देश में ऐसे कई उदाहरण हैं। राजनीति में कब करीबी रिश्तेदार दुश्मन बनकर चुनावी मैदान में …

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हाँ मैं बेशर्म हूँ….रवायतें ताक पर रख कर खुद अपनी राह चलती हूँ

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

हाँ मैं बेशर्म हूँ…. झुंड के साथ गोठ में शामिल नहीं होती रवायतें ताक पर रख कर खुद अपनी राह चलती हूँ तो लिहाजो की गढ़ी परिभाषाओं के अल्फ़ाज़ गड़बड़ाने लगते हैं.. और खुद के मिट जाने की फ़िकरों में डूबी रिवाजी औरतों की इक बासी उबाऊ नस्ल सामने से वार करती है… झुंड में यह मुँह चलाती भेड़ें भरकस …

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प्रायोजित आतंकवाद, प्रायोजित राष्ट्रवाद और फेक न्यूज मोदी का माहौल बना रहे हैं

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

अपने ही “सत्य “में कैद नरेन्द्र मोदी प्रायोजित आतंकवाद (Sponsored terrorism), प्रायोजित राष्ट्रवाद (Sponsored nationalism) और फेक न्यूज (Fake news) ये तीन तत्व मिलकर घर घर मोदी का माहौल बना रहे हैं। मोदी की नई रणनीति– सैनिकों की मौत को वोट बैंक में तब्दील करो। जो इसका विरोध करे उसे राष्ट्र शत्रु करार दो। Vulgar politics tv show वल्गर राजनीति …

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अल्बेयर कामू के तर्क बिखरे हुए ज़रूर थे लेकिन व्यावहारिक थे

Albert Camus

अल्बेयर कामू जैसे निर्मम राजनैतिक चिन्तक को सार्त्र ने अपना पिछलग्गू अस्तित्ववादी लेखक बना दिया……. कलावादी यहाँ तक कि मनोवैज्ञानिक-कुंठाओं का फ्रायडीय लेखक बना दिया….  “हर नयी क्रांति सत्ता के नाम पर दमन का नये से नया मुखौटा लगाकर खड़ी हो जाती है जो आम आदमी के ख़िलाफ़ जाता है.”——–कामू अल्बेयर कामू की यह घोषणा (Albert Camus Quotes) थी लगभग.तब …

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शाहीन बाग, मुसलमान और तकनीकी रैनेसां : यह एकदम नए मुसलमान के जन्म की घोषणा है

Shaheen Bagh

शाहीन बाग, मुसलमान और तकनीकी रैनेसां Muslims’ association with computer technology and cyber culture शाहीन बाग जनांदोलन (Shaheen bagh movement) के आरंभ होने के बाद बड़ी संख्या में इस आंदोलन का मीडिया कवरेज (Media coverage of Shaheen Bagh movement) सामने आया है। इस कवरेज में स्व-प्रचार की भावना से निर्मित सामग्री और विभिन्न वेबसाइट पर व्यापक सामग्री सामने आई है। यह …

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एस जयशंकर जेएनयू प्रोडक्ट हैं उनको गंदी किताबें नहीं पढ़ना चाहिएं, क्या वाकई पं. नेहरू अपने मंत्रिमंडल में सरदार पटेल को नहीं शामिल करना चाहते थे?

Sardar Vallabhbhai Patel

Prime Minister Narendra Modi’s misrepresentation of Sardar Patel and Pandit Jawaharlal Nehru’s relations नौकरशाह जब राजनीति में आता है तो वह अपने आका के प्रति ज्यादा स्वामीभक्ति प्रदर्शित करता है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल और पं जवाहर लाल नेहरू के संबंधों को लेकर गलत बयानी करें तो समझा जा सकता है कि उनकी शिक्षा कम है और संघ …

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क्या आदिवासी हिंदू हैं? आगामी जनगणना और आरएसएस का अभियान

डॉ. राम पुनियानी (Dr. Ram Puniyani) लेखक आईआईटी, मुंबई में पढ़ाते थे और सन्  2007 के नेशनल कम्यूनल हार्मोनी एवार्ड से सम्मानित हैं

Are Adivasis Hindus? Forthcoming Census and RSS campaign Upcoming census and RSS campaign article in Hindi by Dr. Ram Puniyani इन दिनों पूरे देश में एनपीआर-एनआरसी-सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी के समांतर, सन 2021 की दशकीय जनगणना (Census of India 2021) की तैयारियां भी चल रहीं हैं. आरएसएस द्वारा एनपीआर, एनआरसी और सीएए का समर्थन तो किया ही …

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शरणार्थियों की चिंता मगर देश के दलितों की नहीं : ये कैसा नागरिकता कानून!

News and views on CAB

Refugees are concerned but not the Dalits of the country मुगलों ने बहुसंख्यक हिंदुओं की संस्कृति पर प्रहार (Attack on Hindu culture) किया जैसा कि भारत के इतिहास के विभिन्न लेखकों की पुस्तकों से प्रतीत होता है. जिसमें रोमिला थापर की पुस्तक “भारत का इतिहास” इस संदर्भ में विस्तृत प्रकाश डालती है. मुगल कालीन शासक अकबर से पहले तक के …

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बजट 2020 : जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण को लेकर चिंताएं बढ़ी ही हैं

Budget 2020

Budget 2020: Concerns about climate change and pollution have increased हर साल की तरह केंद्र सरकार ने वर्ष 2020-21 का आम बजट (General Budget for the year 2020-21) संसद में पेश कर दिया है। लेकिन जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण (Climate change and pollution) जैसी दो बड़ी समस्याओं पर यह बजट खामोश है, बल्कि सही कहा जाए तो बजट से जलवायु …

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2019 के शिखर से मोदी का ढलान शुरू हुआ दिल्ली ने उसमें एक जोरदार धक्का दिया है

Amit Shah Narendtra Modi

दिल्ली में आप की जीत क्रांतिकारी महत्व की है AAP’s victory in Delhi is of revolutionary importance 2019 के शिखर से मोदी के ढलान का रास्ता जो शुरू हुआ है, दिल्ली ने उसमें एक जोरदार धक्के का काम किया है। मोदी का दूत अमित शाह रावण के मेघनादों और कुंभकर्णों की तरह रणभूमि में आकर खूब गरजे-बरसे, पर ज्यादा देर …

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जब-जब यह सोच सरकार बनाती है विचारों का खुलापन सीलेपन की बदबू से घिर जाता है,

Rajeev mittal राजीव मित्तल वरिष्ठ पत्रकार हैं।

इतिहास, शिक्षा, साहित्य और मीडिया।  (History, education, literature and media । ) ये चार ऐसे शक्तिशाली हथियार हैं, जो किसी भी समाज को लंबे समय तक कूपमंडूक और बौरा देने की क्षमता रखते हैं। युद्ध में हुई क्षति के घाव तो देर-सबेर भर जाते हैं, लेकिन ज़रा बताइये कि उन घावों जख्मों का क्या किया जाए, जो मनुस्मृतियों, वेद पुराण …

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दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम, जीत के गुलदस्ते में कांटे 

Arvind Kejriwal

दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणामों (Delhi Assembly Election Results) ने देश भर में एक उत्साह का संचार किया है। ये चुनाव असाधारण परिस्थितियों में हुये थे जब तानाशाही प्रवृत्ति के साम्प्रदायिक दकियानूसी संगठन संचालित दल से देश के लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील लोग असंगठित रूप से मुकाबला कर रहे थे। केन्द्र में सत्तारूढ होने के कारण सुरक्षा बलों का नियंत्रण भी …

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देशबन्धु को अपनी स्वतंत्र नीति, सिद्धांतपरकता, निर्भीकता और राजाश्रय या सेठाश्रय के बिना कितनी मुश्किलों से गुजरना पड़ा है

Lalit Surjan ललित सुरजन देशबंधु पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं. वे 1961 से एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे एक जाने माने कवि व लेखक हैं. ललित सुरजन स्वयं को एक सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं तथा साहित्य, शिक्षा, पर्यावरण, सांप्रदायिक सद्भाव व विश्व शांति से सम्बंधित विविध कार्यों में उनकी गहरी संलग्नता है. यह आलेख देशबन्धु से साभार लिया गया

देशबन्धु के साठ साल Sixty years of Deshbandhu दृश्य-1 मि.मजूमदार! आई हैव डन माई इनिंग्ज़ मोर ऑर लैस. बट गॉड विलिंग, यू हैव अ लॉंग वे टू गो. आफ्टर ऑल, यू एंड ललित आर ऑफ सेम एज. (श्री मजूमदार! मैं अपनी पारियां लगभग खेल चुका हूं। लेकिन प्रभु कृपा से आपको लंबा सफर तय करना है। आखिरकार, आप और ललित हमउम्र …

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क्या “आप” आरएसएस का उत्तर भारत में भाजपा का वैकल्पिक राजनैतिक प्रयोग है?

Arvind Kejriwal

Is “AAP” an alternative political experiment of RSS in North India? जब मोदी के विकास जुमले की लहर पूरे देश में चल रही थी तब भी दिल्ली में “आप” की जीत हुई थी. आज जब मोदी का बहुमत की भीड़ से संसद में संविधान के मूल स्तम्भों को धराशायी करने का षड्यंत्र उफ़ान पर है तब भी दिल्ली में “आप” …

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सोई हुई कांग्रेस ने किसान जनजागरण अभियान शुरू किया है

Kisan Jan Jagran Abhiyan by Congress

सोई हुई कांग्रेस ने किसान जनजागरण अभियान शुरू किया है। हाल ये है कि अजय कुमार लल्लू के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद और आधा दर्जन आयतित प्रदेश कार्यकारिणी में ओहदेदार बड़ी छान बीन करके नियुक्त करने के बाद, नौजवान जिला अध्यक्ष नियुक्त करने के बाद कांग्रेस पार्टी शीत निष्क्रियता में चली गई। नये ओहदेदार कुछ तो दिशाहीन स्वयं थे, …

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मैं केजरीवाल में एक पोटेंशियल फासिस्ट देखता हूँ

Arvind Kejriwal

I see a potential fascist in Arvind Kejriwal कनक तिवारी जी की एक एफबी पोस्ट पर मैंने कमेंट किया कि अरविंद केजरीवाल की आरएसएस भाजपा के शीर्षस्थ नेतृत्व से एक मिली भगत है। तो उन्होंने कहा कि बताइये आप ये बात कैसे कह रहे हैं। तो मैंने उन्हें निम्नवत जवाब भेजा है। मुझे लगा कि गाली के डर के बावजूद …

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हिन्दुत्व के दायरे में अपना खोया ’स्पेस’ तलाशती सपा !

Akhilesh Yadav with Sunil Singh of Hindu Yuva Vahini

Communalism among Samajwadi Party’s base voters ’’देखौ बच्चा! हम बात बहुत साफ बोलि थै कि मोदी जी दिल्ली में रहईं और अखिलेश का यूपी देईं। केवल मोदी पाकिस्तान से लड़ सकत हैं दिल्ली में उनही कइ जरूरत है। ई चुनाव में हम सब चाहिथै कि मोदी जी दिल्ली मा फिर से लौउटें बाकि पिछले चुनाव(2017) मा हम अखिलेश यादव का …

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आपको सिर्फ मुसलमान दिख रहा है जबकि किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े और आदिवासी मुसलमानों से पहले मारे जाएंगे !

Shaheen Bagh

अगले पांच साल में बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure development) के लिए 103 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की सरकार की योजना है। रोज़गार और नौकरियां बढ़ाने के लिए निवेश और विनिवेश का रास्ता चुना गया है, खेती और उत्पादन का नहीं। इस बहाने पीपीपी मॉडल (Ppp model) के विकास और रोज़गार सृजन (Employment generation) की आड़ में कारपोरेट टैक्स …

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