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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

निजीकरण करने पर आमादा मोदी क्या कोरोना काल के बाद सरकारी क्षेत्र की ओर लौटेंगे : मोदी के समक्ष कहाँ है बाधा! 

PM Modi Speech On Coronavirus

Will Modi return to the government sector after the Corona period: where is the obstacle before Modi! गत 14 अप्रैल को सरकार समर्थित देश के सबसे बड़े अखबार में छपी एक खबर ने मोदी सरकार की विनिवेश नीतियों (Disinvestment policies of Modi government) से त्रस्त लोगों को सुखद आश्चर्य में डाल दिया। ‘एयर इंडिया के विनिवेश पर पुनर्विचार की सुगबुगाहट’ …

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लॉकडाउन- 2 के दौर की चुनौतियां : नये भाषण में अपनी पुरानी गलतियों पर पर्दा डालते नजर आये मोदी

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Challenges of Lockdown 2 : Modi was seen covering his old mistakes in his new speech जैसी कि अपेक्षा थी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 14 अप्रैल की प्रातः एक टीवी भाषण के जरिये 19 दिनों के लॉकडाउन-2 की घोषणा (19-day lockdown-2 announcement) कर दी। 3 मई 2020 तक के लिये घोषित इस नये लॉकडाउन का यह दौर …

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क्या हमें आनंद तेलतुंबड़े की गिरफ्तारी पर खामोश रह जाना चाहिए ?

Anand Teltumbde

Should we remain silent on the arrest of Anand Teltumbde? 14 अप्रैल 2020 को जब देश बाबा साहब अम्बेडकर की 129 वी जयंती मना रहा था, तब नागरिक अधिकार कार्यकर्ता, चिंतक, आलोचक व लेखक प्रोफेसर आनंद तेलतुंबड़े को एनआईए ने हिरासत में ले लिया (Professor Anand Teltumbde detained by NIA)। कौन हैं आनंद तेलतुंबडे ? | Who is Anand Teltumbde? …

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कोरोना के खतरों और भूख के बीच फंसा आम इंसान, सरकारी घोषणाओं को मुंह चिढ़ाती जमीनी हकीकत

Coronas dangers and hunger

Common people trapped between Corona’s dangers and hunger, ground reality teasing government announcements लातेहार जिला मुख्यालय (Latehar District Headquarters) से 90 किमी दूर स्थित है माहुआडांड़ प्रखण्ड, जहां से महज 2 कि0 मी0 दूर है अंबा टोली पंचायत का गुड़गु टोली गांव, जहां की रहने वाली अत्यंत गरीब विधवा महिला कुन्ती नगेसिया जहां एक तरफ लॉकडाउन (Lockdown) के कारण कहीं …

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अमेरिका को सलाम! न्यूयॉर्क टाइम्स को सलाम तो झूठे ट्रंप को भी सलाम!

Donald Trump

Hats off to America! Salute to the New York Times and salute to the false trump too! अपन तो कहेंगे | बेबाक विचार विपदा-विध्वंस व युद्ध के वक्त ही मालूम होता है कि कौन सच्चा है, कौन झूठा? कौन योद्धा है व कौन कायर? कौन देवता है और कौन शैतान! पृथ्वी के पौने आठ अरब लोगों का आज वह मुकाम …

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क्या मोदी जी देश और देश की जनता को बचाने के लिए बड़ा दिल दिखाएंगे ??

PM Modi Speech On Coronavirus

अर्थशास्त्र की दुनिया में भारतीय मूल के 3 सबसे बड़े नामों (3 biggest names of Indian origin in the world of economics)– नोबेल पुरस्कृत अमर्त्य सेन व अभिजीत बनर्जी तथा RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक संयुक्त वक्तव्य (A joint statement by Amartya Sen and Abhijeet Banerjee and former RBI Governor Raghuram Rajan) में सरकार से मांग किया …

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क्या अब भूख ने कोरोना के डर को मार दिया है ? वो परिस्थितियों से घायल हैं भिखारी नहीं !

Human and Dog are drinking milk together Photo grab from video

Has hunger killed Corona’s fear now? They are injured by circumstances, not beggars! जब से भारत में लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है (The lockdown in India has been extended till 3 May), इस घोषणा के साथ ही एक बार फिर से देश में अनिश्चितता का माहौल गर्म होता जा रहा है। जैसे-जैसे दिन बीत …

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भारत अमेरिका नहीं बनेगा : भुखमरी इतिहास बदल देती है साहेब, चीन की भुखमरी की कोख से क्रांति का जन्म हुआ था

Donald Trump and Xi Jinping

India will not become America: starvation changes history Saheb, revolution was born from the hunger of Chinese starvation अभी लॉक डाउन लम्बा चलेगा। घरों में बन्द आप नोबेल विजेता लेखिका पर्ल बक की चीन की भुखमरी और क्रांति पर केंद्रित क्लासिक उपन्यास गुड अर्थ (The refugee story by Pearl S Buck in Hindi) जरूर पढ़ लें। चीन की भुखमरी की कोख से …

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ट्रम्प और मोदी में फर्क क्या है? जुमला और झूठ और फरेब का मनुस्मृति एजेंडा कोरोना संकट की आड़ में लागू किया जा रहा है

Namaste Trump

सविता जी नाराज हो रही थी। डॉ. आनंद तेलतुंबडे जैसे विशुद्ध अम्बेडकरवादी अम्बेडकर परिवार के सदस्य और गौतम नौलखा जैसे प्रतिबद्ध पत्रकार की गिरफ्तारी (The arrest of Dr. Anand Teltumbde and Gautam Navlakha) का कहीं कोई विरिध नहीं हो रहा है। कोरोना के बहाने गरीब मेहनतकश जनता को मारने का चाक चौबंद इंतज़ाम हो गया। आप लोग लिखकर क्या कर …

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लॉकडाउन : विश्व भर में बेस्ट हमारे पीएम बीच-बीच में मास्क पहनकर जुमलों की बरसात ही करते रहेंगे ?

PM Modi Speech On Coronavirus

Lockdown: Best around the world, our PM will keep wearing masks in between and keep on raining jumlas? कल सुबह से तेज़ हवा चल रही थी। गेहूँ की फसल पककर खड़ी है। ओलावृष्टि और बारिश से बची खुची फसल भी काटने के हालात नहीं हैं। सब्जी और फलों की खेती करने वाले किसान पुरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। कल …

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कोरोना में सांप्रदायिक विकार : भारत में दुहरी मार, कोरोना से ज्यादा घातक नफरत का वायरस

Lockdown, migration and environment

कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को इतने साफ तौर पर कमजोर क्यों किया जा रहा है? Why is the country’s fight against Corona being so clearly weakened? कोरोना के संकट का सचेत तरीके से संप्रदायीकरण किया जा रहा है (The crisis of Corona is being communalized in a conscious manner.)। सीधे-सीधे कहें तो उसे ‘‘मुस्लिम खतरा’’ (Muslim menace) बल्कि …

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आज भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ख़तरा है, नफ़रत की संस्कृति को जड़ से उखाड़ने की आवश्यकता है

Anand Teltumbde

Today there is a threat to freedom of expression in India, the culture of hate needs to be uprooted बाबा साहेब अंबेडकर के 129वें जन्म दिन पर आपका हार्दिक स्वागत और सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं !! इतने वर्षों में ये पहली बार है कि जब दिल्ली के संसद मार्ग पर अम्बेडरवादियों की भीड़ नहीं होगी और लोग संसद भवन …

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अंबेडकर और लोहिया के दर्शन में जाति

ambedkar and lohia on social justice in hindi

अंबेडकर और लोहिया की वैचारिक समानताएं | Ambedkar and Lohia’s ideological similarities लोहिया और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचार (Lohia and Dr. BR Ambedkar’s thoughts), क्रमशः, नीची जातियों और दलितों के आंदोलनों की प्रेरक शक्ति रहे हैं। लोहिया और अंबेडकर समकालीन थे एवं जातिवाद का विरोध दोनों का एजेंडा था। यह आश्चर्यजनक है कि इसके बावजूद दोनों की वैचारिक समानताएं …

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पहले से ही संकट में घिरे अंबेडकरवाद को और संकटग्रस्त करने जा रहा है कोरोना

Dr B.R. Ambedkar

कोरोना से और संकटग्रस्त हो सकता है अंबेडकरवाद | Ambedkarism may be further threatened by Corona आज 14 अप्रैल है। इस दिन भारत समेत पूरे विश्व में अंबेडकर जयंती (AMBEDKAR JAYANTI) हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। किन्तु इस बार हर्षोल्लास सिरे से गायब रहेगा। वजह कोरोना है! The whole world is terrorized by Corona and following the ‘Social Distance’ to …

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जाति के विनाश के बाद ही मिलेगी सामाजिक और आर्थिक आज़ादी

newspapers by babasaheb ambedkar

The destruction of the institution of caste is the basic foundation of Dr. Ambedkar’s thinking and philosophy. अप्रैल का महीना (Month of april) डॉ. बी. आर. आंबेडकर के जन्म का महीना है। 14 अप्रैल 1891 के दिन उनका जन्म हुआ था। इस अवसर पर उनकी राजनीति की बुनियादी समझ (Basic understanding of Dr। B। R। Ambedkar’s politics) को एक बाद …

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बाबा साहब की अनदेखी का प्रतिफल : घुटन भरा वर्तमान और आशंका भरा कल

ambedkar and communism

Ignoring Baba Saheb: A stuffy present and a feared tomorrow मौजूदा समय विडम्बना का समय है। बिना किसी अतिशयोक्ति के कहा जाए तो; देश और समाज एक ऐसे वर्तमान से गुजर रहा है जिसमे प्राचीन और ताजे इतिहास में, अंग्रेजो की गुलामी से आजादी के लिए लड़ते-लड़ते जो भी सकारात्मक उपलब्धि हासिल की गयी थी वह दांव पर है। समाज …

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कोरोना संकट : भारत, केरल और छत्तीसगढ़ — दो तस्वीरें

Coronavirus CDC

कल लॉक डाऊन के पहले चरण का आखिरी दिन (Last day of the first phase of lockdown) है और इसके बाद दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। 21 दिनों की तालाबंदी (21 days lockDOWN) में संघी गिरोह ने खूब थाली-घंटे बजवाये, खूब मोमबत्ती-टॉर्च जलवाए, लेकिन कोरोना का हमला थमने का बजाए बढ़ता ही गया है। कल दस बजे जब जिल्ले इलाही …

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अगर भारत बचा तो यह किसी लॉक डाउन या किसी 36-72 इंच के सीने की वजह से नहीं, बल्कि गांव और किसान की वजह से बचेगा

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

The lock down will last longer. This is the only way to avoid an epidemic अब तक जितनी शानदार रही है जिंदगी, कोरोना के बाद की दुनिया में शायद उतनी खूबसूरत न भी हो ज़िंदगी। दुनिया सिरे से बदल रही है। इस नई दुनिया में हममें से कितने ज़िंदा बचेंगे, सही सलामत होंगे, कहना मुश्किल है। हर आस्था में जिस …

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यह जो चित्त का जगत है, विचारों और भावों के मूर्तन का जगत, एक बेहद जटिल जगत है

Jacques Lacan जॉक लकान, Jacques Marie Émile Lacan was a French psychoanalyst and psychiatrist who has been called "the most controversial psycho-analyst since Freud".

अथातो चित्त जिज्ञासा – 8 (जॉक लकान के मनोविश्लेषण के सिद्धांतों पर केंद्रित एक विमर्श की प्रस्तावना Preface to a discussion centered on Jacques Lacan ‘s theories of psychoanalysis.) दर्शनशास्त्र और लकान भारतीय दर्शन में तंत्र की भूमिका हमेशा दार्शनिक विमर्श (Philosophical discussion) के क्षितिज को उस बिंदु की सीमा से आगे ले जाने की रही जहां दर्शन में चीजें अपने …

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इस व्यवस्था को कोरोना महामारी ने और भी बदबूदार बनाया

Corona social distancing Jharkhand

The Corona epidemic made this system worse यह व्यवस्था वास्तव में सड़ चुकी है, जिसमें इंसानियत व मानवता के लिए कोई जगह नहीं है। जिंदा आदमी तो दूर, लोग यहाँ लाश को भी अपनी गंदी राजनीति चमकाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। आज जब पूरे विश्व में कोविड-19 एक खतरनाक बीमारी के रूप में सामने आया है (Covid-19 has …

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वित्तीय पूंजी एक नग्न हत्यारे में तब्दील हो गयी है, क्या प्रधानमंत्री जनता की जान और जहान दोनों बचाने के लिए इच्छाशक्ति दिखाएंगे ?

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Financial capital has turned into a naked killer, will the Prime Minister show the will to save both the life and the lives of the people? अमेरिका में कल एक दिन में होने वाली मौत का आंकड़ा 2000 के पार निकल गया -2100 और कुल मौतों का आंकड़ा भी दुनिया में सबसे ऊपर पहुंच गया 18860, इटली के 18849 से …

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