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हस्तक्षेप

मोटा भाई, जब धर्म के आधार पर भारत विभाजन हो रहा था, तब हिन्दू महासभा और संघ कहां थे ?

Amit Shah at Kolkata

संसद में अमित शाह ने कांग्रेस को धर्म के आधार पर भारत के विभाजन का दोषी (guilty of partition of India on the basis of religion) बताया। संघ की स्थापना 1925 में (RSS established in 1925) और हिन्दू महासभा की 1905 में हुई (Hindu Mahasabha was established in 1905) । भारत का विभाजन 1947 में हुआ (India was partitioned in …

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गनीमत है हमारे सदा वाचाल पंत प्रधान ने नारी अस्मिता पर अभी तक सीतारमण जैसा उत्तर नहीं दिया ‘मैं प्याज नहीं खाती’

Narendra Modi in anger

गनीमत है हमारे सदा वाचाल पंत प्रधान ने नारी अस्मिता पर अभी तक सीतारमण जैसा उत्तर नहीं दिया ‘मैं प्याज नहीं खाती’ ऐसे मौन के सदके लड़कियों की अस्मिता (Girls identity) को लेकर पूरे देश में हंगामा बरपा है, सड़कों पर जन-सैलाब है, आसमान गूँज रहा है। संसद में हंगामा है लेकिन हमारे सदा वाचाल पंत प्रधान मुंह में गुड़ …

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बर्बरता किसी न्यायपूर्ण समाज का निर्माण नहीं कर सकती

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women 1

बर्बरता किसी न्यायपूर्ण समाज का निर्माण नहीं कर सकती हैदराबाद में बलात्कारियों के एनकाउंटर की पूरे देश में भारी प्रतिक्रिया (Reaction to the encounter of rapists in Hyderabad) हुई है। अभी हमारा समाज जिस प्रकार की राजनीति के जकड़बंदी में फंसा हुआ है, उसमें लगता है जैसे आदमी आदिमता के हर स्वरूप को पूजने लगा है। यह जन-उन्माद चंद लेखकों-बुद्धिजीवियों …

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जितने वजनदार उतने ही विनम्र थे स्वयं प्रकाश

Swayam Prakash

जितने वजनदार उतने ही विनम्र थे स्वयं प्रकाश श्रद्धांजलि/ संस्मरण- स्वयं प्रकाश Tribute / Memoir to Swayam Prakash  मैं लम्बे समय तक कहानियों का नियमित पाठक रहा हूं जिसका शौक कमलेश्वर के सम्पादन के दौर में निकलने वाली सारिका से लगा था। सारिका के समानांतर कथा आन्दोलन के दौर में जो कहानियां लिखी गयीं, उनके बारे में कहा जा सकता है …

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वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… वो रोज कहते हैं देश बदल रहा है ..

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… वो रोज कहते हैं देश बदल रहा है .. वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… और करने भी नहीं देते… भाषण देते हैं चिल्ला-चिल्ला कर चीख़ते हैं… व्यवस्था… व्यवस्था… अब देश में है ही क्या मनोरंजन इससे सस्ता… कहीं भी मजमा जोड़ लो .. करो इतिहास पुराण की दो बातें जनभावनाएं मोड़ लो… …

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गोडसे का महिमामंडन और गांधी का कद छोटा करने की दक्षिणपंथी कवायद

Mahatma Gandhi murder

गोडसे का महिमामंडन और गांधी का कद छोटा करने की दक्षिणपंथी कवायद Dr. Ram Puniyani’s article in Hindi : Godse’s glorification and right-wing exercise to reduce Gandhi’s stature हर राष्ट्रवाद अपने ‘इतिहास’ का निर्माण करता है. जाने-माने इतिहासविद् एरिक उब्सबान के अनुसार, “राष्ट्रवाद के लिए इतिहास वही है, जो गंजेड़ी के लिए गांजा”. इसमें हम यह जोड़ सकते हैं कि …

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तो फिर राम रहीम, आशाराम, स्वामी चिन्मयानंद और सेंगर जैसे आरोपियों का भी करो एनकाउंटर!

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women 1

तो फिर राम रहीम, आशाराम, स्वामी चिन्मयानंद और सेंगर जैसे आरोपियों का भी करो एनकाउंटर! हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ गैंगरेप और जलाकर मार डालने की घटना (Incident of gangrape and burning with veterinarian in Hyderabad) को लेकर जिस पुलिस को हम कोसते-कोसते थकते नहीं रहे थे। जिस पुलिस के चलते ही हम अपराध होने की घटना बताते हैं। जिस पुलिस …

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खूनी खेल के तमाशबीन ! भारत भी क्या प्राचीन बर्बरता को अपना कर नाजीवाद की दिशा में बढ़ चुका है !

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

खूनी खेल के तमाशबीन ! भारत भी क्या प्राचीन बर्बरता को अपना कर नाजीवाद की दिशा में बढ़ चुका है ! सऊदी अरब में आज की दुनिया की सबसे बर्बर राजशाही (World’s most barbaric monarchy) चल रही है। इसकी एक पहचान है रियाद शहर का डेरा स्क्वायर (Deera Square of Riyadh City)। इसे कटाई स्क्वायर ( chop chop square) भी …

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अमित शाह की ज़ुबान से निकले शब्द गाली क्यों बन जाते हैं

Amit Shah at Kolkata

अमित शाह की ज़ुबान से निकले शब्द गाली क्यों बन जाते हैं अमित शाह की भाषा का असली अर्थ ! अब सचमुच अमित शाह की ज़ुबान से निकला ‘नागरिक’ शब्द भारत के लोगों के लिये शत्रु को संबोधित हिक़ारत भरी गाली बन चुका है। यह बात सचमुच बहुत दिलचस्प है। फ्रायड कहते हैं कि आदमी के सपनों की एक शाब्दिक …

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क्या भविष्य के बलात्कारी हैं ये 80 लाख यूजर्स ? कहीं आप तो इनमें शामिल नहीं ?

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

क्या भविष्य के बलात्कारी हैं ये 80 लाख यूजर्स ? बलात्कार और समाज का नजरिया Rape and society’s perspective बलात्कार शब्द ही इतना डरावना है जब भी इसको सुना, पढ़ा जाता है तो दिमाग में एक तस्वीर उभर जाती है कि एक महिला पर पुरुष का यौन हमला, एक महिला की जिंदगी का खात्मा। The problem of rape in India …

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