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हस्तक्षेप

Guest writers views devoted to commentary, feature articles, etc.. अतिथि लेखक की टिप्पणी, फीचर लेख आदि. Critical News of Journalism – The Fourth Pillar of Democracy, Opinion, and Media Education. लोकतंत्र का चौथा खंभा पत्रकारिता जगत की आलोचनात्मक खबरें, ओपिनियन, और मीडिया शिक्षा. article, piece, item, story, report, account, write-up, feature, review, notice, editorial, etc. of our columnist. साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism. today current affairs in Hindi, Current affairs in Hindi, views on news, op ed in hindi, op ed articles, अपनी बात,

हिटलर की किताब से ही चुराया गया एक पन्ना है मोशा का संघी एनपीआर एनआरसी

Jews Badge Yellow badge

नागरिकता का संघी प्रकल्प हिटलर की किताब से ही चुराया गया एक पन्ना है NPR is the core of NRC. सब जानते हैं, एनपीआर एनआरसी का मूल आधार है। खुद सरकार ने इसकी कई बार घोषणा की है। एनपीआर में तैयार की गई नागरिकों की सूची की ही आगे घर-घर जाकर जाँच करके अधिकारी संदेहास्पद नागरिकों की शिनाख्त करेंगे और …

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अरविंद सुब्रह्मण्यन की महा सुस्ती की थीसिस और उनके सोच की सीमा

Arvind Subramanian of Counsel The challenges of Modi-Jaitley Economy

Arvind Subramanian’s thesis of great Slowdown and the limits of his thinking भारत के पूर्व प्रमुख आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यन के साथ एनडीटीवी के प्रणय राय की भारतीय अर्थ-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर यह लंबी बातचीत (long conversation with NDTV’s Prannoy Rai on the current state of the Indian economy with Arvind Subrahmanyan, former Chief Economic Advisor of India) कई …

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मोशा जी ! जो दरिया झूम के उट्ठे हैं, तिनकों से न टाले जायेंगे

Amit Shah Narendtra Modi

प्रेमचन्द से राजेन्द्र यादव तक के देखे सपनों का पूरा होना आज अगर राजेन्द्र यादव होते तो बहुत खुश होते। जनवरी 1993 में हंस के सम्पादकीय में उन्होंने एक अलग रुख लिया था। 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद तोड़ने पर, जब सभी बुद्धिजीवी , पत्रकार , सम्पादक राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता एक स्वर से कट्टर हिन्दुत्व की निन्दा कर रहे …

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क्या है झारखंड की जनता को नयी सरकार से उम्मीद?

Hemant Soren

What do the people of Jharkhand expect from the new government? 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में हुए विधानसभा चुनाव का परिणाम 23 दिसंबर को आ गया है। उम्मीद के अनुसार ही महागठबंधन (झामुमो-कांग्रेस-राजद) को स्पष्ट बहुमत (झामुमो-30, कांग्रेस-16, राजद-1) के साथ 81 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें मिली हैं और सत्तासीन भाजपा को मात्र 25 सीटें …

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बहुमत के दम पर मनमानी करते नेताओं को जनता ने दिखा दिया कि वह मूर्ख नहीं हैं

Amit Shah Narendtra Modi

विरोध का दौर और हम Round of protest and we सीएए और एनआरसी की आग देश में ऐसी लगी है कि सारा देश जल रहा है। हर तरफ एक आक्रोश है जो दिखा रहा है कि पूरा देश सरकार के ऑटोक्रेटिक रवैये के खिलाफ है (The entire country is against the autocratic attitude of the government), उस सोच के खिलाफ …

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योगीराज (यूपी) में जारी फासीवादी बर्बरता व दमन के खिलाफ आवाज लगायें!

Release

योगीराज (यूपी) में जारी फासीवादी बर्बरता व दमन के खिलाफ आवाज लगायें! Raise voice against fascist vandalism and oppression in Yogiraj (UP)! यूपी के जेलों में बंद कर दिये गए दर्जनों छात्रों-महिलाओं व सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं की रिहाई लिए बोलें! देशभर में जारी राजकीय हिंसा व दमन के बीच यूपी का योगी राज फासीवादी दमन व बर्बरता के मॉडल के बतौर …

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मोदी संविधान के प्रति अपनी वफादारी का परिचय दें, न कि भारत के लोग

Narendra Modi in anger

दिल्ली में मोदी जी की चुनावी रैली (Modi ji’s election rally in Delhi) पूरे देश में आग लगा कर एक आडंबरपूर्ण चुनावी रैली जलते हुए रोम में बंशी बजाने का ही एक बुरा उदाहरण था। इस रैली में मोदी क्या बोल रहे हैं, इस बात के पहले ही यह जान लेना जरूरी है कि वे कहां से बोल रहे हैं, …

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मोदीजी, ऐसे बयानों से तो और भड़केगा सीएए और एनआरसी के खिलाफ हो रहा आंदोलन

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

किसी भी लोकतांत्रिक देश में जब माहौल बिगड़ता है तो उस देश की सरकार का दायित्व बनता है कि वह किसी भी तरह से माहौल को शांत करे। जब बात किसी मांग की होती है और आंदोलन राष्ट्रव्यापी हो तो सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है कि वह उस आवाज को सुने। केंद्र में काबिज मोदी सरकार है कि …

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कपड़ों से पहचान : पहचान का संकट

Jasbir Chawla

कपड़ों से पहचान : पहचान का संकट —————————————   ‘दाढ़ी धारी हिंदू’ बछड़े के साथ था, मुसलमान समझा, मार दिया. भीड़ भरी बस में अकेला ‘मोना सिख’, हिंदू समझ कर मार दिया. पगड़ीधारी सिख था, गले में टायर डाला, जला दिया, विदेश में मुसलमान समझ कर मार दिया. दलित मरे ढोर की खाल उतार रहा था, गौ हत्यारा कह कर …

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बेड़ा गर्क है.. सस्ता नेटवर्क है.. इकोनॉमी पस्त है.. पर सब चंगा सी

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

रोज दिखती हैं मुझे अखबार सी शक्लें…. गली मुहल्ले चौराहों पर इश्तेहार सी शक्लें… शिकन दर शिकन क़िस्सा ग़ज़ब लिखा है.. हिन्दू है कि मुस्लिम माथे पे ही मज़हब लिखा है…. पल भर में फूँक दो हस्ती ये मुश्त-ए-ग़ुबार है.. इंसानियत को चढ़ गया ये कैसा बुखार है.. खेल नफ़रतों का उसने ऐसा शुरू किया .. अमन पसंद चमन का …

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जब मोदी ने लोगों से कह कर ताली बजवाई और फिर भी…. !

PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet

प्रधानमंत्री ने लोगों से कह कर ताली बजवाई (आज के ‘आनंदबाजार पत्रिका’ की खबर पर आधारित) कल ऐसोचेम की सभा में मोदी (PM Narendra Modi at 100 years of ASSOCHAM meet) ने जब उद्योगपतियों से कहा — अर्थ-व्यवस्था में ऊँच-नीच चलती रहती है तो सारे लोग सन्न रह गये। सामने पसरे सन्नाटे को देख खुद मोदी ने सबको तालियाँ बजाने …

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क्रांति वीर शाहजहानपुर का पठान वो, सिंह और शायर सपूत अशफाक था

Ashfaqulla Khan

उन्नत सपाट, गौर वर्ण, शाही ठाठ-बाट। भारतीय पौरूष की बेमिसाल धाक था।। अंग्रेजी शासन उखाड़ फेंकने के लिए, जिसका इरादा फौलादी नेक पाक था। फांसी चढ़ने के बाद कफन पे रखवाना, चाहता जो बस मादरे वतन की खाक था। क्रांति वीर शाहजहानपुर का पठान वो, सिंह और शायर सपूत अशफाक था।। -0-0-0-0-0   कोई बीज ऐसा हो देना वतन की …

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नागरिकता संशोधन विधेयक पर बहस : मोशा का झूठ का भ्रमजाल

Amit Shah Narendtra Modi

Debate on Citizenship Amendment Bill कौन ज़िम्मेदार था देश के विभाजन के लिए? Who was responsible for the partition of the country? संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विविध प्रतिक्रयाएं (Miscellaneous responses to the Citizenship Amendment Act) सामने आईं हैं, जिनमें से कई नकारात्मक हैं. एक ओर जहाँ उत्तरपूर्व में इस नए कानून का भारी विरोध …

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हर अगली पीढ़ी तेजतर होती है

Ish Mishra - a Marxist; authentic atheist; practicing feminist; conscientious teacher and honest, ordinary individual, technical illegalities apart.

मेरे वक्तव्य की यह अतिसरलीकृत बचकानी व्याख्या है। जब मैं कहता हूं हर पीढ़ी तेजतर होती है, तो ऐतिहासिक पीढ़ियों की बात करता हूं, न्यूटन के बेटे का न्यूटन से बड़ा भौतिकशास्त्री होने या आइंस्टाइन के बेटे का बड़ा आइंस्टाइन होने की इसकी व्याख्या अतिसरलीकरण एवं बचकाना है। हर पीढ़ी, पिछली पीढ़ियों की उपलब्धियों को समीक्षात्मक ढंग से समेकित करती …

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सीएएविरोधी आंदोलन : हंगामा है यूं बरपा ! उनके लिए सब चंगा सी !

Guwahati News, Citizenship Act protests LIVE Updates, Anti-CAA protests, News and views on CAB,

मोदी-शाह सरकार के नागरिकता संशोधन कानून की आग में देश उबल रहा है। और उत्तर-पूर्व शब्दश: जल रहा है, जहां के जटिल बहु-उपजातीय व जनजातीय और बहु-धार्मिक, बहुभाषायी समाज की पुरानी भ्रंश रेखाओं को चौड़ा कर दिया गया है और पुराने घावों को कुरेद दिया गया है। हालांकि, संसद के पिछले ही सत्र में ‘‘एक देश-एक कानून’’ को, संविधान की …

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‘शांत’ भारत को जंग के मैदान में बदल दिया है मोशा की सीएए-एनआरसी ने

CAA NRC

Mosha’s CAA-NRC has turned ‘Quiet’ India into a battleground क्या भारत अपने कुछ पड़ोसियों की तरह एक धार्मिक उन्माद वाले देश में बदल रहा है? Is India like some of its neighbors turning into a country with a religious frenzy? भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) को पारित तो करा लिया …

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भ्रष्टाचार व मनमानी का अड्डा बना आईजीएनसीए !

indira gandhi national centre for the arts new delhi

भारतीय कला और संस्कृति के बिखरे खंडों को एकत्रित करने और उनके संरक्षण की आवश्यकता को पहचानते हुए 1987 में मूर्धन्य कला विद्वान डॉ. कपिला वात्स्यायन (Dr. Kapila Vatsyayan) ने दिल्ली में इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र की स्थापना (Indira Gandhi National Centre for the Arts New Delhi) की थी। उन्होंने इस केन्द्र को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई किन्तु …

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दे और दिल उनको जो न दे मुझको ज़बाँ और

Main Ek Karsewak Tha book by Bhanwar Meghwanshi

–राजेश चौधरी, चित्तौड़गढ़ हिन्दी पट्टी में दलित आत्मवृत्त-लेखन महाराष्ट्र की तुलना में देर से शुरू हुआ और अब भी संख्यात्मक दृष्टि से कम है। भँवर मेघवंशी का आत्मवृत्त पिछले दिनों प्रकाशित हुआ है, जो कि इस अभाव की एक हद तक पूर्ति करता है। इसे लेखक का सम्पूर्ण आत्मवृत्त कहने के बजाय एक अंश कहना ज्यादा ठीक होगा; क्योंकि इसमें …

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अगर अदालत सरकार की बोली बोलने लगे तो इन्साफ कौन करेगा ?

The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

If the court starts speaking the government’s bid then who will do justice? अदालते आलिया कह रही है कि दंगे की सुनवाई बाद में होगी, पहले छात्र दंगा करना बंद करें. छात्र कह रहे हैं कि अनजान लोगों ने आगजनी और तोड़-फोड़ की है. पुलिस ने उन्हें रोका नहीं. बीबीसी पत्रकार खुद यही कह रही है, जिसका कैमरा पुलिस ने …

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क्या साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण अपनी हद पर पहुंच चुका है? मोदी सरकार आज देश की दुश्मन बन गई है !

Amit Shah Narendtra Modi

Communal politics of the Rashtriya Swayamsevak Sangh-Bharatiya Janata Party राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-भारतीय जनता पार्टी की साम्प्रदायिक राजनीति, भले ही अंशकालिक ही, एक जाम में फंसी गई है। मतों के दोहन के लिए साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति (The politics of communal polarization) का बखूबी इस्तेमाल करना वे जानते हैं। यह तरीका गुजरात में काम आया और कुछ हद तक देश के …

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साहित्य अकादेमी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में महिला के यौन उत्पीड़न पर चुप्पी

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

Silence on sexual harassment of women in a prestigious institution like Sahitya Academy देश भर में महिला सुरक्षा पर बहस (Debate on women’s safety across the country) एक बार फिर से तेज हो गई है। हैदराबाद रेप के आरोपियों का एनकाउंटर (Encounter of Hyderabad rape accused) किया जा चुका है, उन्नाव पीड़ितe की मौत के बाद दोषियों को जल्द से …

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