चौधरी चरण सिंह को मिले भारत रत्न – शिवपाल यादव

चौधरी चरण सिंह को मिले भारत रत्न – शिवपाल यादव

Chaudhary Charan Singh should get Bharat Ratna – Shivpal Yadav

चौधरी साहब ने किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को उठाने वाली नीतियों को आगे बढ़ाया- शिवपाल यादव

चौधरी चरण सिंह द्वारा किसान और मजदूर हितों के लिए किए गए कार्य आज भी लोगों के दिल में हैं- शिवपाल यादव

मुलायम सिंह यादव, चौधरी चरण सिंह व लोहिया के सपने को पूरा करना ही मेरे राजनीतिक कर्म का उद्देश्य है- शिवपाल यादव

लखनऊ29 मई, 2020। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न सिर्फ इसलिए नहीं मिला क्योंकि वह गरीबों व किसानों के नेता थे। जबकि चौधरी साहब के पहले व बाद में प्रधानमंत्री बने अधिकांश प्रधानमंत्री को भारत रत्न मिल चुका है।

शिवपाल यादव ने कहा कि चौ. चरणसिंह को जब-जब सत्ता में रहने का अवसर मिला उन्होंने किसानों और गरीबों के जीवन स्तर को उठाने वाली नीतियों को आगे बढ़ाया।

शिवपाल यादव ने कहा कि अगर गरीबों व अन्नदाताओं के मसीहा चौधरी चरण सिंह आज होते तो आज अपने प्रदेश से बाहर कमाने गए किसान और गरीबों के बच्चों और मजदूरों को सड़कों पर रात नहीं गुजारनी पड़ती।

कोरोना आपदा की वजह से हुए लॉकडाउन अनिश्चितता, भय व भूख के मंझधार में फंसे और रातों-रात बेरोजगार बन गए लाखों दिहाड़ी मजदूर कड़ी धूप में भूखे पेट और नंगे पैर पैदल चल रहे हैं। इन प्रवासी मजदूरों का कोई सुध लेने वाला नहीं है।

चौधरी चरण सिंह द्वारा किसान और मजदूर हितों के लिए किए गए कार्य आज भी लोगों के दिल में हैं। वह किसान और गरीब की चिंता करने वाले थे।

शिवपाल यादव ने कहा कि चरण सिंह जानते थे कि देश की समृद्धि का रास्ता गांव, खेत-खलिहानों से ही निकलेगा। इसलिए जीवन भर यही कोशिश करते रहे कि कैसे किसानों को खुशहाल बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि चौधरी साहब ने हमेशा किसानों के लिए संघर्ष किया है। चौधरी साहब के प्रयास से उपज के उचित दाम से लेकर, भू-सुधार, चकबंन्दी, भूराजस्व और भूमि-अधिग्रहण तथा जमींदारी उन्मूलन जैसे साहसी और क्रांतिकारी निर्णय हुए।

शिवपाल यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव, चौधरी चरण सिंह व लोहिया के सपने को पूरा करना ही उनके राजनीतिक कर्म का उद्देश्य है। जिनके स्वप्न थे कि दवाई, पढ़ाई और सिंचाई मुफ्त हो।

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