मुख्यमंत्री योगी लोकतंत्र के लिए कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक – शाहनवाज आलम

Shahnawaz Alam Yogi Adityanath

Chief Minister Yogi is more dangerous than Corona virus for democracy – Shahnawaz Alam

सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ. अलीमुल्लाह खान पर  मिनी गुंडा एक्ट लगाने पर यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने साधा योगी सरकार पर निशाना

लखनऊ, 21 मार्च, 2020 : सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ अलीमुल्लाह खान पर योगी सरकार द्वारा मिनी गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही करने की यूपी कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने  निंदा की है।

आज यहां जारी बयान में कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध अहिंसक लोकतांत्रिक आंदोलन की अगुवाई कर रहे राजनीतिक एक्टिविस्ट डॉ अलीमुल्लाह खान पर मिनी गुंडा एक्ट लगाने पर  योगी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी लोकतंत्र के लिए कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। योगी उत्तरप्रदेश को लोकतंत्र की कत्लगाह में तब्दील करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पेशेवर कुख्यात अपराधियों पर लगाया जाने वाला  मिनी गुंडा एक्ट डॉ अलीमुल्लाह जैसे शरीफ इंसान पर लगा दिया गया है। जबकि न तो उनका कोई आपराधिक इतिहास है और न ही किसी आपराधिक मुकदमें में वे आरोपी हैं। वे जेएनयू और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र और लोकप्रिय छात्र नेता रहे हैं। डॉ. अलीमुल्लाह ने  पत्रिकारिता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है वे कौमी रफ्तार के संपादक हैं।

शाहनवाज आलम ने कहा कि सीएए विरोधी आंदोलन  में निर्दोष नौजवानों की पुलिस की गोलियों से हत्या कराने से भी मुख्यमंत्री योगी को संतुष्टि नहीं हुई तो अब वह राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे लाद रहे हैं।

उन्होंने कहा कि माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बेशर्म कहने से भी मुख्यमंत्री योगी को शर्म नहीं आई । योगी लगातार लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर हमला बोल रहे हैं। अभी तक लखनऊ में आंदोलनकारियों के गैरकानूनी तरीके से लगाये गए होर्डिंग भी नहीं हटाये हैं।

शाहनावाज आलम ने कहा कि डॉ अलीमुल्लाह समेत राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी को सूबे में लोकतंत्र और संविधान की हत्या की इजाजत किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता अपनी अंतिम सांस तक संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष करेगा।

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