असम के प्रथम शहीद, ईश्वर नायक और अब्दुल अलीम भारत की ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ की परम्परा को फिर से जिंदा कर दिया!

असम के प्रथम शहीद, ईश्वर नायक और अब्दुल अलीम भारत की ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ की परम्परा को फिर से जिंदा कर दिया!

Citizenship Act protests LIVE Updates : First martyr of Assam, Ishwar Nayak and Abdul Aleem

असम के प्रथम शहीद, ईश्वर नायक और अब्दुल अलीम, ने फूंकी मुल्क़ की ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ में नई जान!

1857 के बाद, 20वीं सदी की जंगे-आज़ादी के दौरान, बिस्मिल और अशफ़ाक उल्ला अंग्रेज़ों से लड़ते हुए एक साथ शहीद हो गये थे, और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल बन गये थे।

सुभाष चंद्र बोस ने अपनी आज़ाद हिंद फौज में इसी ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ की परंपरा को राष्ट्रवादी अमली जामा पहनाया।

Anti-CAA protests

अमरेश मिश्र (Amaresh Mishra) लेखक वरिष्ठ पत्रकार, इतिहासकार व फिल्म पटकथा लेखक हैं।
अमरेश मिश्र (Amaresh Mishra)
लेखक वरिष्ठ पत्रकार, इतिहासकार व फिल्म पटकथा लेखक हैं।

मोदी-RSS-फासिस्ट राज, जो भारत को फिर से फिरंगियों का गुलाम बनाने की साज़िश का हिस्सा है, के दौर में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देने का रिवाज़ खत्म सा हो गया था।

लेकिन असम में फ़ासीवादी CAA के खिलाफ, दूसरी आज़ादी की लड़ाई में, ईश्वर नायक और अब्दुल अलीम ने आपने प्राणों की आहुति दे कर भारत की ‘साझी विरासत-साझी शहादत’ की परम्परा को फिर से जिंदा कर दिया!

ईश्वर नायक-अब्दुल अलीम और असम के अन्य शहीदों को नमन!

जय हिंद!

अमरेश मिश्र

लेखक वरिष्ठ पत्रकार, इतिहासकार व फिल्म पटकथा लेखक हैं।

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