ऑन लाइन व्यापार : चंद बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए करोड़ों व्यापारियों के खिलाफ षड़यंत्र कर रही मोदी सरकार

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कांग्रेस की मांग सभी प्रकार के ऑनलाइन व्यापार पर रोक लगे | Congress demands ban on all types of online business

ऑन लाइन व्यापार में छूट से छोटे दुकानदारों की कमर टूट जाएगी -मोहन मरकाम

रायपुर 20 अप्रैल 2020. कांग्रेस ने सभी प्रकार के ऑनलाइन व्यापार पर रोक लगाने की मांग (Demand to ban online business) की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन व्यपार में छूट (discounts in Online business) नहीं मिलनी चाहिए। मोदी सरकार का यह निर्णय छोटे और मध्यम दुकानदारों के लिए घातक सिद्ध होगा। कोरोना लॉकडाउन (Corona lockdown) के कारण आर्थिक बदहाली से जूझ रहे छोटे दुकानदारों की कमर टूट जाएगी। ऐसे समय जब छोटे व्यापारियों को सरकार के मदद और सहारे की जरूरत है मोदी सरकार उनकी तबाही के रास्ते को खोलने जा रही है।

ऑन लाइन व्यापार को छूट दे कर मोदी सरकार देश के खुदरा व्यापार को चंद पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने का षड्यंत्र रच रही है

Mohan Markam State president Chhattisgarh Congress
Mohan Markam State president Chhattisgarh Congress

देश और प्रदेश की आबादी का बड़ा हिस्सा स्थानीय बाजार की जरूरतों के अनुसार छोटे मोटे व्यवसाय कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। इन्हीं छोटे और मंझोले व्यवसायियों के आधार पर थोक व्यवसायी डीलर आदि की व्यावसायिक चेन (Business chain) बनी हुई है। मोदी सरकार ऑन लाइन व्यापार को अनुमति दे कर सभी को बेरोजगार करने जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि ऑन लाइन व्यापार को अनुमति देने के पीछे मोदी सरकार का सोशल डिस्टेंसिग को बनाये रखने का बहाना भी तर्क हीन है। दिल्ली और दूसरे महानगरों में बड़ी संख्या में डिलीवरी ब्वॉय के कोरोना संक्रमित होने की खबरें (News of delivery boy being corona infected) सामने आई हैं, ऐसे में यह कहना गलत है कि ऑन लाइन व्यापार से कोरोना के संक्रमण से बचाव होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 20 अप्रैल के बाद सभी ऑन लाइन व्यवसाय पर रोक लगे या फिर ऑन लाइन आए ई कामर्स के समान ही हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं खुदरे और थोक व्यवसायियों को भी सभी प्रकार के व्यापार जिनको की ऑन लाइन अनुमति दी जा रही है, उसको दुकानों में भी बेचने की अनुमति दी जानी चाहिये। व्यापारी भी फिजिकल डिस्टेंसिग (Physical distanceing) का पालन कर व्यवसाय करेंगे ।

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