कोरोना : पाँच करोड़ से अधिक हुए बेरोजगार, माकपा की मांग केरल की तरह उठाए जाएं कदम

CPIM

Corona: More than five crore unemployed, CPI-M demand – steps to be taken like Kerala

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भोपाल, 20 मार्च 2020. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि कोरोना आपदा से निपटने के लिए केरल की तरह कदम उठाए जाएं। पार्टी ने कहा है कि कोरोना वायरस की आपदा को महामारी बनने से रोकना है तो सरकारों को तत्काल विराट पैमाने पर जांच, संक्रमितों की बेहतरतम देखभाल, मास्क और हाथ धोने वाले तरल की युद्ध स्तर पर व्यवस्था करनी चाहिए।

माकपा ने मांग करती है कि इसका मजाक बनाने वाले भाषणों से बचा जाना चाहिए तथा इसके देश और प्रदेश पर पड़ने वाले सामाजिक आर्थिक असर को भी गंभीरता से लेते हुए उसके प्रभाव का शिकार बनने वाली 80 फीसदी से अधिक आबादी की जीवन रक्षा के लिए केरल की सरकार की तरह कदम उठाकर समुचित आर्थिक पैकेज घोषित किया जाना चाहिए। इस पैकेज में दो महीने की सामाजिक सुरक्षा मदद, जिसमें वृद्धा पेंशन-विधवा पेंशन और सरकारी पेंशन सभी शामिल हैं, अग्रिम दी जाए। सबको – भले वे एपीएल हों या बीपीएल – महीने भर का राशन मुफ़्त दिया जाए, बिजली-पानी के बिल सहित सारे बकाया की वसूली फिलहाल स्थगित की जाए, जो परिवार बहुत ग़रीब हैं जिनको पेंशन भी नहीं मिलती जैसे दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, घरेलू काम में लगी महिलायें आदि सबको एकमुश्त 5 हजार रुपए की मदद दी जाए, राज्यभर में हर जिले, कस्बों और बड़े गाँवों में सस्ते खाने के स्टाल लगाए जाएँ, जहाँ 20 रूपये प्रति थाली भोजन दिया जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार गारंटी काम आपात स्तर पर चलाने के लिए फण्ड दिया जाये और काम का तत्काल नकद भुगतान किया जाए और कोरोना से निपटने के लिए अलग से स्वास्थ्य योजना का एलान किया जाए।

माकपा के मुताबिक़ कोरोना वायरस के हमले के डर से निर्माण, परिवहन और पर्यटन जैसे अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र बहुत प्रभावित हुए हैं और इससे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, रेहड़ी-पटरी-खोमचे वालों, छोटे दुकानदारों और प्रवासी मजदूरों की आजीविका को भारी क्षति पहुंची है और उनकी मजदूरी और आय में अप्रत्याशित गिरावट आई है। देश में 95% लघु व मध्यम उद्योगों के प्रभावित होने के चलते कल तक 5 करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार सीधे या अपरोक्ष रूप से खत्म हो चुके हैं। इससे भुखमरी और कुपोषण की समस्या बढ़ेगी, जिसका असर उनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ेगा। इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें ठोस पैकेज लेकर आएं ।

पार्टी ने कहा है कि केरल की वामपंथी जनवादी मोर्चे की सरकार ने साबित कर दिया है कि जनता की सरकारें आपदा के समय में जनता के साथ किस तरह खड़ी होनी चाहिए।

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