कोरोना : संकट की घड़ी, पर डॉ. अंबेडकर ने क्यों कहा था हिन्दू कभी एकजुट नहीं होते, वे एकजुट होते हैं तब जब हिन्दू मुस्लिम –मुस्लिम दंगे होते हैं

कोरोना वायरस : संकट की इस घड़ी में प्रभुवर्ग से प्रत्याशा !

Corona Virus: Anticipation from the sovereign in this hour of crisis!

चीन से उपजा कोरोना वायरस मानव जाति के समक्ष एक गंभीर संकट बनकर खड़ा हो गया है, इस बात को खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूटएचओ) ने स्वीकार किया है। इस वायरस से पूरे विश्व में आर्थिक, शैक्षिक, यातायात के साथ मनोरंजन से जुड़े खेल-कूद, सिनेमा इत्यादि गतिविधियां तक बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

Fear of corona virus

कोरोना वायरस के खौफ से शॉपिंग मॉल और सिनेमा हॉल बंद होते जा रहे हैं और बाज़ारों मे सन्नाटा छाते जा रहा है। क्रिकेट को धर्म समझने वाले भारत में जहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक दिवसीय क्रिकेट शृंखला रोकी जा चुकी है वहीं, इंग्लिश प्रीमियर लीग, महिला सुपर लीग, पुरुष और महिला एएफ कप को थोड़े बिलंब से स्थगित किए जाने से इंग्लंड के फुटबॉल अधिकारी निशाने पर आ गए हैं।

स्मरण रहे इंग्लिश क्लब आर्सेनाल के मैनेजर मिकेल आर्टेण्टा के कोरोना के चपेट मे आने के बाद ही गत शुक्रवार से इंग्लंड में फुटबॉल मैचों पर रोक लगी है।

इस बिलंब के लिए पूर्व इंग्लिश स्टार फुटबॉलर वेन रुनी ने अपने देश के फुटबॉल अधिकारियों की तीव्र भर्त्सना करते हुये यहाँ तक कह दिया है कि वे खिलाड़ियों के साथ गिनी सूअर की तरह व्यवहार कर रहे हैं।

बहरहाल कोरोना ने दुनिया के समक्ष जो संकट खड़ा किया है, उसका सामना करने के लिए दुनिया एकजुट होती जा रही है, ताकि मिलजुलकर इसका सामना किया जा सके। इसीलिए इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षेस के सदस्य देशों से जो वीडियो–कान्फ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया है, उसकी सराहना हो रही है।

आज पूरी दुनिया के नेता, चिकित्सक, सेलेब्रेटी, समाज सेवी, मीडिया से जुड़े लोग इसके खिलाफ अपने-अपने स्तर पर जंग लड़ रहे हैं। इस दिशा में पुर्तगाल के महान खिलाड़ी क्रिस्टीयानों रोनाल्डो एक नयी मिसाल कायम करते नज़र आ रहे हैं।

अपने खेल से दुनिया को विस्मित करते रहने वाले बेशुमार दौलत के मालिक रोनाल्डों ने इसके खिलाफ अपने स्तर पर जो काबिले मिसाल फैसले लिए हैं, उससे कोरोना के खिलाफ एकजुट हुई दुनिया में शायद एक नया हौसला पैदा होगा: लोग इसके खिलाफ सर्वस्व न्योछावर करने के लिए प्रेरित होंगे।

इस आशय की एक बड़ी खबर दैनिक जागरण में छपी है।

रोनाल्डों ने पुर्तगाल स्थित अपने सारे होटलों को अस्पताल में तब्दील करने का निर्णय लिया है, जहां कोरोना से संक्रमित लोगों का निःशुल्क इलाज किया जाएगा। इस बात की पुष्टि एक स्पैनिश अखबार ने की है।

अखबार के मुताबिक रोनाल्डो के सभी होटलों को अस्पताल में बदला जाएगा, ताकि उसमें कोरोना से पीड़ितों का इलाज (Treatment of victims of corona) किया जा सके। कोरोना पीड़ितों के मुफ्त इलाज के अतिरिक्त के इनका इलाज करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन भी रोनाल्डो की ही संस्था देगी।

इससे पहले रोनाल्डो ने एक भावनात्मक संदेश सोशल मीडिया पर डाला था, जिसमें उन्होने लिखा था, ’दुनिया बेहद मुश्किल समय से गुजर रही है। सभी को अपना ख्याल रखने की जरूरत है। आज मैं आपसे एक फुटबॉलर होने के नाते बात नहीं कर रहा हूँ, लेकिन एक बेटे, एक पिता, एक इंसान के तौर पर चिंता जाहिर कर रहा हूँ, जिसने दुनिया को प्रभावित कर दिया है। यह जरूरी है कि हम डब्ल्यूएचओ और सरकारों के दिशा-निदेशों को मानें। यही एक विकल्प है जिससे हम इस मुश्किल समय का सामना कर सकते हैं। ज़िंदगियों को बचाना किसी भी काम से सबसे ज्यादा जरूरी है। मैं उन सभी के लिए दुखी हूँ, जिन्होंने अपनों को खोया है। मैं उन्हें सलाम करता हूँ, जो इस खतरे से लड़ रहे हैं, जैसे कि मेरी जुवेंटस टिम के साथी डेनियल रुगानी।‘

रोनाल्डों की तरह ही और कई खिलाड़ी कोरोना के खिलाफ अपना फर्ज अदा करने के लिए सामने आ रहे हैं। इनमें इटली के क्लब नापोली के कप्तान लोरेंजों इन्सिग्ने ने नेपल्स के स्थानीय अस्पताल को 1000000 यूरो अर्थात लगभाग 83 लाख रुपए, जबकि जुवेंटस के डिफ़ेंडर लियोनार्डो बोनुकी ने 1200000 यूरो अर्थात 91 लाख रुपए तुरिन अस्पताल को दान किए हैं।

इस मामले मे स्पैनिश फुटबॉल क्लब बार्सिलोना के सुपर स्ट्राइकर लियोन मेसी भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने दान कितना किया है, यह तो नहीं पता, किन्तु फुटबॉल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले मेसी ने कोरोना से त्रस्त दुनिया का हौसला अफजाई करते हुये बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है,

’स्वास्थ्य सबसे पहले आता है। यह काफी मुश्किल समय है। हमें स्वास्थ्य संगठनों के निर्देशों का पालन करना चाहिए और घर मे बने रहना चाहिए। यह परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का सही समय है। हम साथ मिलकर हालात को सामना कर सकते हैं। हमें उन सभी लोगों को समर्थन और हिम्मत देनी होगी, जो इस बीमारी से पीड़ित हैं।‘

बहाहाल रोनाल्डो, लोरेंजों, लियोनार्डो बेनुकी, मेसी इत्यादि खेल जगत के सुपर स्टार जिस तरह कोरोना के खिलाफ अपना कर्तव्य निर्वहन के लिए सामने आए हैं, उम्मीद करनी चाहिए कि भारत में भगवान समझे जानें वाले विराट कोहली, धोनी, सचिन, रोहित शर्मा इत्यादि जैसे खिलाड़ी, शाहरुख, अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन जैसे फिल्म सितारे तथा अन्य सेलेब्रेटी भी अपना कुछ खास करने के लिए सामने आएंगे। इस संकट को वे राष्ट्र को लौटाने (पे बैक टू द नेशनPay back to the nation) के बड़े अवसर के रूप मे ग्रहण करेंगे।

एच.एल. दुसाध
(लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.)

इस संकट मे सबका एकजुट होना जरूरी है, किन्तु डॉ॰ अंबेडकर की भाषा में हिन्दू कभी एकजुट नहीं होते, वे एकजुट होते हैं तब जब हिन्दू मुस्लिम –मुस्लिम दंगे होते हैं।

उम्मीद करना चाहिए कि शासन-प्रशासन, उद्योग-व्यापार, फिल्म-मीडिया इत्यादि पर 80-90 प्रतिशत कब्जा जमाया हिंदुओं का प्रभुवर्ग इस संकट की घड़ी में सबक़ो एकजुट करने की जिम्मेवारी निभाएगा। वह ऐसा कुछ करेगा जिससे न सिर्फ उच्च – निम्न वर्ण के हिन्दू, बल्कि अहिन्दू भी एकजुट होने के लिए उत्साहित हों। इस प्रभुवर्ग से उम्मीद रहेगी कि अतीत में जिस तरह वह भूकंप, असाध्य रोगों इत्यादि से उपजे संकट के समय राहत सामग्री के बँटवारे इत्यादि में दलित – बहुजनों के साथ भेदभाव करता रहा है, इस बार उस कलंक को धोने के लिए बेहतर दृष्टांत कायम करेगा। साथ में यह भी उससे उम्मीद रहेगी कि संकट का लाभ उठाकर वह हिन्दुत्व को प्रतिष्ठित करने के लिए अंधविश्वासी और विज्ञान-विरोधी लोगों को गाय का गोबर और मूत्रपान के लिए उत्साहित न कर, आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का अनुसरण करवाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करेगा। वह रोनाल्डो और मेसी के संदेशों का सम्मान करते हुये देश के अवाम को विश्व स्वास्थ्य संगठन और सरकारों के दिशा-निदेशों का अनुपालन करने के लिए प्रेरित करने में सर्वशक्ति लगाएगा।

एच.एल. द्साध

लेखक बहुजन डाइवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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