चीन में कोरोना वायरस का कहर, डब्ल्यूएचओ के निर्देश पर सतर्क हुआ स्वास्थ्य मंत्रालय, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की तैयारी

Corona virus havoc in China, Ministry of Health and Family Welfare alerted on WHO directive, preparations for thermal screening at international airports

नई दिल्ली, 22 जनवरी 2020. चीन और थाईलैंड में एक नए कोरोना वायरस (सीओवी)- Coronaviruses (CoV) का पता चला है, जो पशुओं से मनुष्यों में संचरित हुआ है। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सचेत किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अद्यतन (11 जनवरी, 2020) जानकारी के अनुसार चीन से एक नोवेल कोरोनावायरस से 41 लोगों के पीड़ित होने (एक व्यक्ति की मौत समेत) की रिपोर्ट मिली है। डब्ल्यूएचओ जोखिम मूल्यांकन के अनुसार इस बीमारी के दुनिया में फैलने की संभावना अत्यंत कम है।

डब्ल्यूएचओ की जानकारी के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न एहतियाती कदम उठाए हैं, जो इस प्रकार हैं  :

  1. स्वास्थ्य सचिव अद्यतन स्थिति, निपटने की तैयारी और मंत्रालय द्वारा किए गए उपायों की निरंतर समीक्षा कर रही हैं।
  2. चीन में मामलों की बढ़ती संख्या तथा जनस्वास्थ्य उपायों को बढ़ाने के संदर्भ में विशेष सचिव (स्वास्थ्य) ने 20 जनवरी, 2020 को समीक्षा बैठक की।
  3. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है। हवाई यात्रा से जुड़ी सभी कंपनियों को चीन से प्रारंभ होने वाली तथा भारत में समाप्त होने वाली हवाई यात्रा के दौरान बीमारी के लक्षण से पीड़ित किसी व्यक्ति के प्रबंधन तथा मामले की रिपोर्ट करने के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारत आने वाले हवाई जहाजों में यात्रा के दौरान घोषणा करने के निर्देश दिए हैं।
  4. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 31 दिसंबर, 2019 से चीन के वुहान नगर से भारत की यात्रा के लिए वीज़ा का आवेदन करने वाले सभी यात्रियों के संपूर्ण ब्यौरे की जानकारी मांगी है तथा वीज़ा जारी करने के दौरान आवेदकों को परामर्श देने का अनुरोध किया है। मंत्रालय को दैनिक आधार पर ब्यौरे देने का अनुरोध किया गया है। ई-वीज़ा के संबंध में गृह-मंत्रालय से संपर्क किया जा रहा है।
  5. विदेश मंत्रालय को चीन तथा पड़ोसी देशों के भारतीय दूतावासों को यात्रा संबंधी दिशा-निर्देश के प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया गया है।
  6. स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों /केन्द्रशासित प्रदेशों को निगरानी, जांच, संक्रमण रोकथाम व नियंत्रण, लॉजिस्टिक तथा अति गंभीर श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मरीजों को पृथक वार्ड में रखने तथा वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के संदर्भ में पत्र लिखा है।
  7. यदि भारत में किसी पीड़ित व्यक्ति का पता चलता है तो इस संदर्भ में तैयारी और प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा तथा जोखिम के आकलन के लिए डीजीएचएस के अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की दो बैठकें (08 और 15 जनवरी, 2020) हुई हैं। डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि जेएमजी की बैठक में भाग ले रहे हैं तथा अद्यतन व तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।
  8. व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए यात्रा संबंधी दिशा-निर्देश मंत्रालय की वेबसाइट और ट्विटर पर उपलब्ध कराए गए हैं।
  9. बंदरगाह और हवाई अड्डों के स्वास्थ्य संगठनों को मामले की जानकारी दी गई है और दिल्ली, मुंबई एवं कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आज से यह प्रक्रिया चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि हवाई अड्डों पर शुरु की जा रही है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता हवाई अड्डों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं जिसमें यात्रियों को स्वयं मामले की जानकारी देने का अनुरोध किया गया है। इन हवाई अड्डों से जुड़े अस्पतालों में, मरीजों को पृथक वार्ड में रखने और अति संवेदनशील देखभाल सुविधाओं की समीक्षा की गई है। इन हवाई अड्डों पर आव्रजन अधिकारियों को सचेत रहने के लिए कहा गया है।
  10. एसएआरआई निगरानी के लिए एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम ने सभी राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि वे यात्रा संबंधित मामलों को चिन्हित कर सकें।
  11. राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे ने नोवेल कोरोनावायरस के नमूनों की जांच की तैयारी पूरी कर ली है। यदि आवश्यकता हुई तो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अंतर्गत 10 अन्य प्रयोगशालाएं भी इन नमूनों की जांच करने में सक्षम हैं।
  12. मेडिकल स्टोर संगठन ने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण का पर्याप्त स्टॉक तैयार रखा है।
  13. राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को 2014 में एमईआरएस-सीओवी (मध्यपूर्व से रिपोर्ट किया गया वायरस) प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। कांगो गणराज्य में फैली इबोला महामारी के संदर्भ में सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों की त्वरित प्रक्रिया टीमों, एपीएचओ / पीएचओ एवं मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशकों को नवंबर-दिसंबर, 2019 के दौरान प्रशिक्षण दिया गया था।

अद्यतन जानकारी के अनुसार सामुदायिक निगरानी या संपर्क के द्वारा पता लगाने के आधार पर बीमारी के किसी भी मामले की जानकारी नहीं मिली है।

क्या है कोरोना वायरस

डब्ल्यूएचओ के एक दस्तावेज के मुताबिक कोरोना वायरस (सीओवी)- Coronaviruses (CoV), वायरस का एक बड़ा परिवार है जो सामान्य सर्दी से लेकर गंभीर बीमारियों जैसे मध्य पूर्व रेस्पिरेटरी सिंड्रोम -Middle East Respiratory Syndrome (MERS-CoV) और गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम – Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS-CoV) का कारण बनता है। कोरोना वायरस एक नया वायरस है, जो पहले मनुष्यों में नहीं पहचाना गया है।

कोरोनवायरस ज़ूनोटिक (zoonotic) हैं, जिसका अर्थ है कि वे जानवरों और मनुष्यों के बीच संचारित होते हैं। विस्तृत जांच में पाया गया कि SARS-CoV मुश्कबिलाव (सिविट बिल्ली – civet cats) से और MERS-CoV कूबड़ वाले ऊंटों से मनुष्यों में पहुंचे।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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