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कोविड-19 पर अपडेट : रोकथाम और निवारण के लिए सरकार की सलाह और दिशानिर्देश

Coronavirus tips in Hindi | Coronavirus Prevention

नई दिल्ली, 19 मार्च 2020. कैबिनेट सचिव ने बीते मंगलवार 17 मार्च को यहां विभिन्न मंत्रालयों / विभागों से संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली।

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बैठक के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार एक दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखने के उपायों के कार्यान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक रूप से दूरी बनाए रखने से इस बीमारी के प्रसार को सीमित करने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने संगरोध सुविधाओँ Quarantine facilities, अस्पताल प्रबंधन और जागरूकता अभियानों के लिए विभिन्न राज्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की।

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केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी और समेकित तालमेल सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त सचिव और उनसे ऊपर के स्तर के 30 नोडल अधिकारियों को विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क में रहने, तालमेल स्थापित करने तथा और राज्यों को भारत सरकार से किसी भी चीज़ के संबंध में आवश्यक मदद करने के लिए तैयार रखा गया है। इन्हें राज्यों में प्रतिनियुक्त पर भेजा जाएगा जो तैयारियों और रोकथाम के उपायों के लिए राज्य अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखेंगे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने सभी मंत्रालयों/ विभागों के सचिवों को भी लिखित आदेश देते हुए उनसे भारत सरकार के उन विभिन्न दिशानिर्देशों/ परामर्श को लागू करने का अनुरोध किया है जो जारी किए गए हैं और ये उन पर तथा उनके तहत आने वाले संगठनों पर लागू होते हैं।

11 मार्च, 2020 और 16 मार्च, 2020 को जारी की गए यात्रा यात्रा परामर्श को जारी रखते हुए निम्नलिखित अतिरिक्त परामर्श जारी किए गए हैं:

i- अफगानिस्तान, फिलीपींस, मलेशिया से भारत आने वाले यात्रियों की यात्रा तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है। भारतीय मानक समयानुसार शाम 3 बजे के बाद इन देशों से भारत के लिए भी कोई भी विमान उड़ान नहीं भरेगा।

ii- यह निर्देश एक अस्थायी उपाय है और 31 मार्च 2020 तक लागू रहेगा और बाद में इसकी समीक्षा की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, तीन दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं (ये www.mohfw.gov.in पर उपलब्ध हैं):

– कोविड-19 के गंभीर रोगियों (रोगियों की प्रारंभिक पहचान) के चिकित्सीय ​​प्रबंधन पर दिशानिर्देश, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन को संशोधित और अपडेट किया गया है।

– शव प्रबंधन के लिए मानक सावधानियों, संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण उपायों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

– कोविड -19 परीक्षण शुरू करने के लिए निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाओं के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

प्रयोगशाला परीक्षण केवल तभी किया जाना चाहिए जब आईसीएमआर के नियमों के अनुसार एक योग्य चिकित्सक द्वारा परीक्षण निर्धारित किया गया हो। चूंकि मार्गदर्शन समय-समय पर तय किया जाता है इसलिए नवीनतम संशोधित संस्करण का पालन किया जाना चाहिए।

आईसीएमआर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एसओपी साझा करेगा और परीक्षण के लिए सकारात्मक नियंत्रण प्रदान करेगा। परीक्षण के लिए वाणिज्यिक किट एलसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे के दिशा-निर्देशों पर आधारित होनी चाहिए।

एक संदिग्ध रोगी से सैंपल एकत्र करते समय उचित बायोसेफ्टी और सुरक्षा सावधानियां सुनिश्चित की जानी चाहिए। वैकल्पिक रूप से, एक बीमारी विशिष्ट अलग संग्रह केंद्र बनाया जा सकता है।

आईसीएमआर फिर से अपील करता है कि निजी प्रयोगशालाओं को कोविड-19 के इलाज की मुफ्त पेशकश करनी चाहिए।

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा एक परामर्श जारी किया गया है, जिसमें कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए मंत्रालयों / विभागों के सभी कर्मचारियों द्वारा निवारक उपायों का जिक्र किया गया है। सभी मंत्रालयों / विभागों को निम्नलिखित सलाह दी गई है:

संभव हो सके तो सरकारी भवनों में प्रवेश करने पर थर्मल स्कैनर लगाना। सरकारी भवनों में प्रवेश करने पर हैंड सेनिटाइज़र को रखना अनिवार्य करना। फ्लू जैसे लक्षण पाए जाने पर उचित उपचार / क्वॉरन्टीन आदि करने की सलाह दी जा सकती है।

कार्यालय परिसर में आगंतुकों के प्रवेश को जितना हो सके उतना कम करना। आगंतुकों / अस्थायी पास के नियमित मुद्दे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए। केवल उन्हीं आगंतुकों को जिनके पास उस अधिकारी की उचित अनुमति होना चाहिए जिनसे वे मिलना चाहते हैं। उनकी ठीक से जांच के बाद अनुमति दी जानी चाहिए।

बैठकें, जहां तक ​​संभव हो, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जानी चाहिएं। जब तक आवश्यक न हो बैठकों को टाला जा सकता है या फिर बैठक में कम और जरूरी लोगों को ही ही बुलाया जा सकता है।

गैर-जरूरी आधिकारिक यात्रा से बचें।

आवश्यक पत्राचार को आधिकारिक ईमेल से करें और संभव होने तक अन्य कार्यालयों में फाइलें तथा दस्तावेज भेजने से बचें।

जहां तक ​​व्यावहारिक है, कार्यालय भवन के प्रवेश द्वार पर ही डाक की डिलीवरी और रसीद की सुविधा।

सरकारी भवनों में स्थित सभी जिम / मनोरंजन केंद्र / क्रेच को बंद करना।

कार्य स्थल की उचित सफाई और लगातार स्वच्छता सुनिश्चित करना, विशेष रूप से उन जगहों पर जिन्हें हम छूते हैं। वॉशरूम में हैंड सैनिटाइजर, साबुन और बहते पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना।

सभी अधिकारियों को सलाह दी जा सकती है कि वे अपने स्वयं के स्वास्थ्य की देखभाल करें और श्वसन संबंधी लक्षणों / बुखार से बचाव करें। यदि अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं, तो अपने रिपोर्टिंग अधिकारियों को सूचित करने के तुरंत बाद कार्यस्थल को छोड़ दें। उन्हें स्वास्थय मंत्रालय द्वारा द्वारा जारी दिशा-निर्देशों (निम्नलिखित URL पर उपलब्ध है:    www.mohfw.gov.in/DraftGuideIinesforhomequarantine.pdf ) के अनुसार घर में क्वॉरन्टीन के तहत रहें।

जब भी कोई एहतियात के तौर पर सेल्फ-क्वॉरन्टीन के लिए अनुरोध करता है, तो छुट्टी स्वीकृत करने वाले अधिकारियों को छुट्टी मंजूर करने की सलाह दी जाती है।

जिन्हें ज्यादा खतरा है, जैसे बुजुर्ग कर्मचारी, गर्भवती कर्मचारी और जिनका इलाज चल रहा है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मंत्रालयों / विभागों को इस तरह के कर्मचारियों का ख्याल रखना चाहिए।

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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पलाश विश्वास वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं। आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की …