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‘कारपोरेट भगाओ-किसान बचाओ’ के नारे पर मनाया लोकतंत्र बचाओ दिवस

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आइपीएफ व सहमना संगठनों ने किए कार्यक्रम

रिहाई, काले कानूनों का खत्मा, कमाई, दवाई, पढ़ाई के सवालों को उठाया

लखनऊ 9 अगस्त 2020, भारत छोड़ो आंदोलन के ऐतिहासिक दिन ‘कारपोरेट भगाओ-किसान बचाओ’ के नारे पर पूरे देश के सैकड़ों किसान और मजदूरों संगठनों के आव्हान पर उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, झारखंड़, उडीसा, कर्नाटक व महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट व सहमना संगठनों द्वारा लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाया गया। कनार्टक में आइपीएफ नेता राधवेन्द्र कुस्तगी, झारखण्ड़ में हफीर्जुरहमानव मधु सोरेन, तमिलनाडु में कामरेड़ पाडियन के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ और जन जागरण अभियान व बात अधिकार की टीम ने सोशल मीडिया पर उडीसा के आइपीएफ नेता मधुसूदन शेट्टी, महाराष्ट्र की ज्योति काम्बले व दिल्ली की रियासत टवीट्र कम्पेन चलाया।

यह जानकारी आल इंण्डिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी ने प्रेस को जारी अपने बयान में दी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मजदूर किसान मंच के महायचिव डॉ. बृज बिहारी व आइपीएफ नेता सुनीला रावत, लखीमपुर खीरी में पूर्व सीएमओ डॉ. बी. आर. गौतम, वाराणसी में आइपीएफ जिला संयोजक योगीराज सिंह पटेल, सोनभद्र में आइपीएफ जिला संयोजक कांता कोल, मजदूर किसान मंच के जिला महासचिव चर्चित उभ्भा गांव निवासी राजेन्द्र सिंह गोंड़, ठेका मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष कृपाशंकर पनिका व तेजधारी गुप्ता, आदिवासी नेता जितेन्द्र धांगर, मजदूर किसान मंच जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, रामदास गोंड़, मंगरू प्रसाद गोंड़, इंद्रदेव खरवार, श्याम खरवार, राजकुमार खरवार, कैलाश चैहान, चंदौली में मजदूर किसान मंच नेता अजय राय, संयोजक रामेश्वर प्रसाद, गंगा चेरो, युवा मंच नेता आलोक राजभर, इलाहाबाद में युवा मंच संयोजक राजेश सचान, आगरा में वर्कर्स फ्रंट उपाध्यक्ष ई. दुर्गा प्रसाद, गोण्डा में मोहम्मद शाबिर अजीजी व आरिफ, बस्ती में राजनारायण मिश्रा, लखनऊ में कर्मचारी संघ महिला समाख्या की प्रदेश अध्यक्ष प्रीती श्रीवास्तव व शगुफ्ता यासमीन, राधेश्याम, योगेश, चित्रकूट में संघ की महामंत्री सुनीता, श्रवास्ती में इंदु गौतम, 181 वूमेन हेल्पलाइन की नेता पूजा पांड़ेय, बदायूं की नीतू सिंह, गाजीपुर की दीपशीखा व नेहा राय, महाराजगंज अनीता, बहराइच उमी सिंह, वंदना, कुशीनगर में विजय लक्ष्मी सिंह, मऊ में सारिका दूबे, सीतापुर रामलल्ली पटेल, रंजना मिश्रा संत कबीर नगर, सीमा श्रीवास्तव सुल्तानपुर, ज्ञाना यादव कौशाम्भी, वर्षा यादव झांसी, प्रियंका तिवारी मिर्जापुर, देवरिया की मालामनी त्रिपाठी, बिजनौर से खुशबु, बागपत की रीता, बलरामपुर से मंशा देवी ने कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में शामिल रहे लोगों ने दिनभर अपने वीडियों, फोटो ट्वीटर, फेसबुक और वाट्सअप ग्रुपों में डाले।

लोकतंत्र बचाओ दिवस के इस कार्यक्रम में मूलतः रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के अधिकार की गारंटी, राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई व उनके उत्पीड़न पर रोक लगाने, काले कानूनों का खत्मा, इनकम टैक्स न देने वाले हर परिवार को पांच हजार रूपए नगद, कोविड मरीजों का मुफ्त इलाज, 181 महिला वूमेन हेल्पलाइन व महिला समाख्या के बकाए वेतन का भुगतान व कार्यक्रमों की बहाली, वनाधिकार के तहत पट्टा, कोल व धांगर को आदिवासी का दर्जा, पर्यावरण की रक्षा, निजीकरण और श्रमिक अधिकारों के खात्मे पर रोक, किसानों को डेढ गुना दाम व कर्जा मुक्ति के लिए कानून, सहकारी खेती की मजबूती, आंगनबाड़ी, आशा, ठेका मजदूरों समेत सभी मजदूरों को सम्ममानजनक वेतन आदि सवालों को उठाया गया।

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