भाकपा की पंचायत चुनावों की मतगणना स्थगित करने की मांग

भाकपा की पंचायत चुनावों की मतगणना स्थगित करने की मांग

CPI demands postponement of counting of panchayat elections

लखनऊ- 26अप्रैल 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की मतगणना को स्थगित करने की मांग की है।

यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा ने कहा कि भयंकर कोविड प्रसार के बावजूद भाजपा की प्रदेश सरकार ने सत्ता अपहरण और ग्राम्य विकास के धन पर कब्जा करने के इरादे से पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को स्थगित नहीं किया और इन चुनावों ने संक्रमण के विस्तार को बढ़ावा दिया।

भाकपा ने कहा कि प्रत्याशियों खास कर धनाढ्य प्रत्याशियों द्वारा चलाये गये अमर्यादित अभियान के परिणाम स्वरूप बड़े पैमाने पर संक्रमण फैला और  चुनाव ड्यूटी करने वाले तमाम शिक्षक कर्मचारी भी बड़े पैमाने पर प्रदेश भर में संक्रमित हुये हैं। उनमें से अनेक की दुखद मृत्यु तक हुयी है।

इसके अलावा तमाम प्रत्याशी और उनके प्रचारक भी संक्रमित हुये हैं और कई मृत्यु के आगोश में चले गये। ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले अनेक शहरी धनाढ्यों ने चुनाव लड़ा और उनकी शहर से गांव गयी प्रचारमण्डली ने गाँवों में बड़े पैमाने पर संक्रमण फैलाया है। पिछली बार ग्राम इस संक्रमण से लगभग अछूते थे।

भाकपा की राय रही है कि निर्वाचन ड्यूटी करने वालों का पहले टीकाकरण किया जाना चाहिये था। लेकिन मगरूर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया और शेष चरणों में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों का टीका करण आज तक नहीं कराया। इससे उनके परिवार के परिवार संकट में आगये हैं।

भाकपा ने कहा कि जिला पंचायत, बीडीसी, ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्यों  की मतगणना के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्याशी, गणना एजेंट  केन्द्रों पर उपस्थित होंगे।  ऊपर से उनके समर्थक परिणाम जानने को मतगणना केन्द्रों के आसपास एकत्रित होंगे। शारीरिक दूरी की तो धज्जियां ही बिखर जायेंगी।

मतगणना में भाग लेने वाले कर्मचारियों की तो शामत ही आजायेगी। वे और उनके परिवारी ड्यूटी का नाम सुन कर थर्रा जाते हैं।

ऐसे में मतगणना से प्रदेश भर में कोरोना प्रसार को और अधिक व्यापकता मिलेगी और भयावह स्थितियां और भी भयावह होंगी।

भाकपा ने कहा कि सरकार ने अपनी स्वार्थपरता और हठवादिता के चलते प्रदेश की जनता पर जबरिया चुनाव थोपे हैं। अब उसे इस हठवादिता से बाज आना चाहिये और मतगणना को कोरोना लहर के चलते टाल देना चाहिये।

लोगों के जीवन से बढ़ कर कुछ भी नहीं है और सरकार उनके जीवन की रक्षा के दायित्व से मुकर रही है। पंचायतें यदि कुछ माह कार्यरत नहीं रहेंगी तो आसमान नहीं फट जायेगा। अतएव उनकी मतगणना टाली जानी चाहिये भाकपा ने दोहराया है।

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