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सर्वोच्च न्यायालय के अयोध्या विवाद पर फैसले के आलोक में बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपियों को अविलंब सजा देने की मांग

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी – लेनिनवादी), ने राज्यव्यापी प्रदर्शन किया

CPI-ML STAGES DEMONSTRATIONS STATEWIDE TO DEMAND PUNISHMENT FOR CULPRITS OF BABRI DEMOLITION ON 27TH ANNIVERSARY

सर्वोच्च न्यायालय के अयोध्या विवाद पर फैसले के आलोक में बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपियों को अविलंब सजा देने की मांग 

लखनऊ, 7 दिसंबर। भाकपा (माले) ने सर्वोच्च न्यायालय के अयोध्या विवाद पर फैसले के आलोक में बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपियों को अविलंब सजा देने की मांग को लेकर शुक्रवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। विध्वंस की बरसी पर पार्टी ने देश भर में धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया था। आज के प्रदर्शन से विध्वंस में शामिल साक्षी महाराज व प्रज्ञा सिंह ठाकुर को संसद की सदस्यता से बरखास्त करने की मांग भी उठायी गयी।

यह जानकारी देते हुए माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के 27 साल बाद विवादग्रस्त भूमि के मालिकाना पर कोर्ट का फैसला आया है, तो 1992 में मस्जिद ढहाने का गैरकानूनी और आपराधिक कृत्य करने वाले दोषियों को भी बिना देरी किये सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आह्वान पर आज राजधानी लखनऊ में अंबेडकर प्रतिमा (हजरतगंज) के सामने माले, माकपा, भाकपा, फारवर्ड ब्लाक आदि वाम दलों ने संयुक्त धरना देकर दोषियों के लिए सजा सुनाने की मांग की। इसके अलावा, गाजीपुर, बलिया, मऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, जालौन, पीलीभीत, मुरादाबाद, मथुरा आदि जिलों में भी मार्च और प्रदर्शन आयोजित किये गये।

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