माले ने प्रवासी मजदूरों के समर्थन में रविवार को रखा एक दिवसीय उपवास

CPI ML

CPI(ML) fasted one day in support of migrant laborers on Sunday

पार्टी ने अयोध्या में जिला प्रभारी व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा की

लखनऊ, 19 अप्रैल। भाकपा (माले) ने लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था करने और वर्तमान में उनके रुकने की जगहों पर भोजन, राशन व धनराशि मुहैया कराने की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशव्यापी भूख हड़ताल की।

कोरोना से बचाव के मापदंडों का पालन करते हुए पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने घरों व कार्यालयों पर उपवास रखा।

इस बीच, पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने अयोध्या (फैजाबाद) के माले जिला प्रभारी अतीक अहमद को उक्त मांगों के समर्थन में घर पर भूख हड़ताल पर बैठने के कारण पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने और कार्यकर्ताओं की धर-पकड़ के लिए जिले में छापे डालने की कड़ी निंदा की है।

राज्य सचिव ने कहा कि केंद्रीय श्रम संगठन एआईडीसीटीयू (एक्टू) ने प्रवासी मजदूरों की कठिनाइयों को देखते हुए 18 व 19 अप्रैल को दो दिनों की भूख हड़ताल का देशव्यापी आह्वान किया था। इसके समर्थन में भाकपा (माले) और अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा ने भी यूपी में रविवार को उपवास रखने की अपील की थी।

इस आह्वान के तहत कामरेड अतीक तीन अन्य कार्यकर्ताओं के साथ अपने घर पर शारीरिक दूरी बनाए रखकर भूख हड़ताल पर बैठे थे और सोशल मीडिया पर इसकी सूचना भी डाली थी। इतने पर अयोध्या कोतवाली की पुलिस उनके घर पहुंच गई और अतीक समेत चारों कार्यकर्ताओं को थाने उठा लाई। इनमें दो महिला कार्यकर्ता भी हैं। इसके अलावा, जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र से भी एक पार्टी कार्यकर्ता को अपने घर के सामने भूख हड़ताल में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया गया।

माले राज्य सचिव ने इन गिरफ़्तारियों को योगी सरकार की दमनकारी कार्रवाई बताते हुए सभी की बिना शर्त रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोटा से यूपी के छात्रों को और वाराणसी से दक्षिण भारत के तीर्थ यात्रियों को बसों से गृह प्रदेश को भेजा गया, उसी तर्ज पर यूपी समेत अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों को भी सुरक्षित तरीके से घर भेजवाने की व्यवस्था की जाए। उन्हें दस-दस हजार रुपये लॉकडाउन भत्ता और तीन महीने का मुफ्त राशन दिया जाये। उन्हें नौकरियों से न निकाला जाए और पूरी तनख्वाह भी दी जाये।

राजधानी लखनऊ, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, वाराणसी, रायबरेली, कुशीनगर, जालौन, सीतापुर, कानपुर, मुरादाबाद, मथुरा, फिरोजाबाद व नोएडा में उपवास का कार्यक्रम हुआ।

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