केजरीवाल की तारीफ को लेकर वंशवादी मिलिंद देवड़ा की आलोचना

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Criticism of dynasty Milind Deora for praising Kejriwal

नई दिल्ली, 17 फरवरी 2020. मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को अरविंद केजरीवाल की सराहना करने के लिए अपने पार्टी सहयोगियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है।

देवड़ा ने कहा था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी के राजस्व को दोगुना कर दिया है।

मिलिंद देवड़ा ने ट्विटर पर लिखा,

“स्वागत योग्य तथ्य साझा कर रहा हूं, जिसे कम लोग जानते हैं। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राज्य के राजस्व को दोगुना बढ़ाकर 60,000 करोड़ रुपये कर दिया है और पिछले पांच वर्षों में अतिरिक्त राजस्व को बनाए रखा। सोचने का विषय है : दिल्ली अब देश के सबसे ज्यादा राज्य कर मितव्ययी सरकारों में से है।”

इस पर पहली प्रतिक्रिया अजय माकन की ओर से आई, जिन्होंने देवड़ा को जवाब देते हुए लिखा,

“भाई, आप कांग्रेस को छोड़ना चाहते हैं तो जाइए। उसके बाद आधे-अधूरे तथ्य प्रसारित कीजिए।”

अजय माकन ने फिर 1997-98 के राजस्व आय व उसके बाद की तुलना की। कांग्रेस के 2013-14 अनुमानित बजट (राजस्व) 37,459 करोड़ रुपये, जो 14.87 फीसदी बढ़ा। उन्होंने कहा कि यह 2019-20 में कम होकर 60,000 करोड़ रुपये रहा, इसमें सिर्फ 9.90 फीसदी की वृद्धि हुई।

इस पर मिलिंद देवरा ने तुरंत पलटवार करते हुए अजय माकन की दुखती रग पर हाथ रख दिया, उन्होंने उत्तर दिया,

“भाई, मैं कभी भी दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शीला दीक्षित के शानदार प्रदर्शन को कम नहीं आंरूंगा। यह आपकी विशेषता है।

लेकिन इसे बदलने में कभी देर नहीं हुई!

AAP के साथ गठबंधन की वकालत करने के बजाय, यदि आपने केवल शीला जी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला होता, तो @INCIndia   आज सत्ता में होती।”

सिर्फ माकन ने ही नहीं, चांदनी चौक की पूर्व विधायक अलका लांबा ने भी राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले देवड़ा पर हमला किया।

उन्होंने कहा,

“पिता के नाम पर कांग्रेस में शामिल हुए, राजनीतिक वंश होने की वजह से टिकट मिला और पार्टी का नेतृत्व करते हुए चुनाव हार गए। लेकिन जब पार्टी के लिए लड़ने का समय हो, तो गिटार बजाएं।”

लांबा ने यह स्पष्ट तौर पर देवड़ा के लिए कहा।

इस पर कल तक राहुल गांधी के लिए “डंडे वाली बोली” का इशारा करने वाले कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने अलका लांबा की ट्वीट पर लिखा,

“ये सब वो लोग हैं जो राहुल गांधी को अपना दोस्त समझते हैं “नेता” नहीं…..”


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