भाजपा सांसद के इशारे पर लोकप्रिय नेता मुन्ना धांगर की जिस एसओ ने गिरफ्तारी की वह खुद ही मास्क नहीं लगाए था -आईपीएफ

भाजपा सांसद के इशारे पर लोकप्रिय नेता मुन्ना धांगर की गिरफ्तारी के खिलाफ दारापुरी ने भेजा मुख्यमंत्री को पत्र

Darapuri sent a letter to the Chief Minister against the arrest of popular leader Munna Dhangar

तत्काल मुन्ना धांगर को रिहा करे सरकार

पत्र की कॉपी एसपी और डीएम को भी भेजी गई

सोनभद्र 6 सितंबर 2020, भाजपा के राज्य सभा सांसद के इशारे पर दलितों आदिवासियों के लोकप्रिय नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना धांगर की गिरफ्तारी व उत्पीड़न के संबंध में आज ईमेल से आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी ने सीएम को पत्र भेज तत्काल रिहा करने की मांग की है.

पत्र की प्रतिलिपि अपर मुख्य सचिव गृह, महानिदेशक उ. प्र. पुलिस, डीएम और एसपी को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी गई है.

पत्र में कहा गया कि लोकप्रिय नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना धांगर की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजे जाने की ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, आदिवासी वनवासी महासभा, धांगर महासभा समेत सभी जनवादी लोग कड़ी निंदा करते हैं.

पत्र में कहा गया कि मुन्ना धांगर कानून का सम्मान करने वाले व्यक्ति हैं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है. कल दिनांक 5 सितम्बर 2020 को बच्चों द्वारा पटना गाँव में कबड्डी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि के बतौर शामिल हुए थे, जिसमें उन्होंने कोरोना महामारी के तहत दिए गए दिशा निर्देशों का पूर्णतया पालन किया, शारीरिक दूरी बनाते हुए तथा मास्क लगाकर वह पुरस्कार वितरण कर रहे थे. वहाँ उन्होंने बच्चों को भी इसका पालन करने के संबंध में कहा. इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राम सकल के कहने पर रामपुर बरकोनिया थाने की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. रातभर उन्हें रामपुर बरकोनिया थाने में रखा गया और जेल भेजने की तैयारी की जा रही है. यह सारी कार्यवाही महज इसलिए हो रही है क्योंकि वह लंबे समय से धांगर जाति को अनुसूचित जाति की सूची से बाहर करने के विरुद्ध आवाज उठाते रहे और आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी से राजनीतिक वैचारिक मतभेद रखते हैं. दरअसल पूरे सोनभद्र जिले में भाजपा से वैचारिक-राजनीतिक मतभेद रखने वाले दलित आदिवासी मूल के नेताओं का उत्पीड़न लगातार जारी है और मुन्ना धांगर की गिरफ्तारी भी इसी श्रृंखला का नतीजा है.

दारापुरी का पत्र प्रेस को जारी करते हुए आइपीएफ नेता जितेन्द्र धांगर ने कहा कि सोनभद्र में राजनीतिक विरोधियों के उत्पीड़न की हद पुलिस प्रशासन पार कर रहा है. वहीं कोरोना महामारी के भारत सरकार के दिशा निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर भाजपा व आरएसएस के लोग लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं. खुद राज्यसभा सांसद की फेसबुक की पोस्ट इसकी गवाह है. कल देर रात तक भाजपा के प्रतिनिधि बिना शारीरिक दूरी व मास्क लगाए बढ़ौली चौराहे पर कार्यक्रम किया जिसकी फोटो खुद सदर विधायक ने पोस्ट की है. लेकिन एक भी कार्यवाई पुलिस प्रशासन ने नहीं की. यहाँ तक कि जिस एसओ ने मुन्ना धांगर की गिरफ्तारी की वह खुद ही मास्क नहीं लगाए थे. इस दोहरी नीति, अन्याय व उत्पीड़न के खिलाफ चौतरफा प्रतिवाद किया जायेगा.

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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