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दिल्ली पुलिस आयुक्त बोले – मुसीबत के इस वक्त में धैर्य से काम लें, संयम न खोएं

Delhi Police Commissioner said – Be patient in this time of trouble, do not lose control.

नई दिल्ली, 24 मार्च 2020 : दिल्ली के पुलिस आयुक्त एस.एन. श्रीवास्तव ने कहा है कि ‘यह वक्त परेशानी से भरा है। यही हमारी परीक्षा का वक्त है। मुसीबत के इस वक्त में हम और आप धैर्य से काम लें। संयम रखने से ही सफलता मिलेगी।’

पुलिस आयुक्त ने ड्यूटी में दिन-रात जुटे जवानों की भी खुले दिल से हौसला अफजाई की।

पुलिस आयुक्त ने कहा,

“दिन-रात ड्यूटी में जुटे जवान इस चुनौतीपूर्ण समय में अपना और परिवार का ध्यान रखें। आप सब स्वस्थ रहेंगे तो सब कुछ बेहतर ही होगा। विपत्ति में धैर्य ही हर किसी का आभूषण होता है। फिर मुसीबत के इस वक्त में दिल्ली पुलिस भी हमेशा की तरह क्यों न धैर्य से ही काम ले।”

लॉकडाउन के दो दिन के अंदर राष्ट्रीय राजधानी में कुछ स्थानों पर मीडिया और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ बदसलूकी की छिटपुट घटनाएं सामने आई थीं। डॉक्टरों ने तो केंद्रीय गृह मंत्रालय तक मामले को पहुंचा दिया था। उन्होंने कहा था कि पुलिस बदसलूकी बंद करे, और साथ ही केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दे कि मुसीबत की इस घड़ी में सबके साथ सलीके से पेश आए।

दिल्ली में धारा-144 का कड़ाई से पालन कराने पर भी पुलिस आयुक्त की पूरी नजर बनी हुई है। कहने को दिल्ली पुलिस के तमाम विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, तमाम जिलों के डीसीपी सड़कों पर उतरे हुए हैं, लेकिन पुलिस आयुक्त खुद इस बात की निगरानी कर रहे हैं कि कहीं लॉकडाउन के दौरान कहीं हालात न बिगड़ें।

एस.एन. श्रीवास्तव ने धारा-144 का कड़ाई से पालन करने कराने की बात तो कही, मगर इस उम्मीद और इशारे के साथ कि कहीं से कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।

लॉकडाउन के दूसरे दिन दिल्ली पुलिस की सख्ती का ही नतीजा था कि मंगलवार को अलग-अलग थानों में धारा-188 के तहत 299 मामले दर्ज किए गए, जबकि 65 दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत 5146 केस दर्ज हुए, जोकि अपने आप में एक बड़ी तादाद है। इसी तरह दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत 1018 वाहन पुलिस ने जब्त कर लिए। यह भी एक दिन के लॉकडाउन के नजरिए से बड़ी संख्या है। ये बढ़े हुए आंकड़े दिल्ली पुलिस की सख्ती का ही नतीजा है।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय से मंगलवार देर रात जारी आंकड़ों के मुताबिक,

“मंगलवार को 2319 पास जारी किए गए। इन्हीं पास को आम आदमी की भाषा में कर्फ्यू पास कहा जाता है।”

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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