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प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने कहा रेमडेसिविर कोविड का कोई ‘रामबाण’ उपचार नहीं है

कोविड मरीजों को ऑक्सीजन पर रखने की मांग (Demand to keep COVID patients on oxygen) पर बोले एम्स निदेशक, ‘ऑक्सीजन एक ट्रीटमेंट है, यह एक दवा की तरह है’

कुल कोविड पॉजिटिव मरीजों में से केवल 15 प्रतिशत कोविड के मध्यम चरण में पहुंचेंगे

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2021. देश के तीन बड़े डॉक्टरों प्रो. (डॉ.) रणदीप गुलेरिया, निदेशक एम्स, डॉ. देवी शेट्टी, चेयरमैन नारायण हेल्थ और डॉ. नरेश त्रेहन, चेयरमैन मेदांता अस्पताल ने रेमडेसिविर के उचित उपयोग (fair use of remdesivir), स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय उपचार प्रोटोकॉल के तहत जांच चिकित्सा की श्रेणी में शामिल और अस्पतालों में कोविड रोगियों के उपचार में ऑक्सीजन के इस्तेमाल (Use of Oxygen in the treatment of COVID patients) से संबंधित विभिन्न मसलों पर जानकारी दी।

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

कोविड टीका | Covid-19 Vaccine latest update | क्या कोविड टीका हमें संक्रमित होने से रोक सकता है

डॉ. गुलेरिया ने कोविड से संबंधित परेशानियों से काफी हद तक बचने के लिए टीके को सबसे महत्वपूर्ण बताया।

यद्यपि कोविड टीका हमें संक्रमित होने से नहीं रोक सकता है लेकिन टीका लगने से यह हमें गंभीर स्थिति से बचाता है।

टीकाकरण के बाद भी क्या कोविड संक्रमण हो सकता है

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि टीकाकरण के बाद भी हम कोविड से संक्रमित हो सकते हैं, ऐसे में टीका लगने के बाद भी मास्क पहनना जारी रखना जरूरी होता है।

ऑक्सीजन और कोविड-19 का संबंध | Relation of oxygen and covid-19

डॉ. गुलेरिया ने आश्वस्त किया कि 93-94% रेंज में ऑक्सीजन सैचुरेशन वाले स्वस्थ लोगों को केवल अपना सैचुरेशन 98-99 प्रतिशत बनाए रखने के लिए उच्च प्रवाह वाली ऑक्सीजन लेने की आवश्यकता नहीं है। यहां तक कि 94 से भी कम ऑक्सीजन सैचुरेशन वाले व्यक्तियों को भी निगरानी की आवश्यकता होती है, ऑक्सीजन वैकल्पिक है।

उन्होंने कहा कि रुक-रुककर ऑक्सीजन लेना, ऑक्सीजन की बिल्कुल बर्बादी है। उन्होंने कहा, ‘ऑक्सीजन एक इलाज है, यह एक दवा की तरह है।’

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई डेटा नहीं है जो यह दर्शाता है कि इससे रोगियों की किसी तरह से मदद होगी और इसलिए यह नासमझी है।

डॉ. त्रेहन ने कहा कि अगर हम विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने की कोशिश करें तो देश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है।

उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे सुरक्षा की भावना के लिए ऑक्सीजन का उपयोग न करें। ऑक्सीजन की बर्बादी से वे लोग इससे वंचित हो जाएंगे जिन्हें इसकी आवश्यकता है।

डॉ. शेट्टी ने कहा कि 94 प्रतिशत से ऊपर सैचुरेशन में कोई समस्या नहीं है। व्यायाम/कामकाज के बाद अगर यह कम होता है तो डॉक्टर से परामर्श किया जा सकता है।

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सभी डॉक्टरों ने एक सुर में लोगों से अनुरोध किया कि वे रेमडेसिविर को जादुई दवा के रूप में न देखें। घर पर पृथकवास या अस्पताल में भर्ती ज्यादातर एक्टिव मामलों में वास्तव में किसी विशिष्ट उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। कम प्रतिशत में ही लोगों को रेमडेसिविर की आवश्यकता होती है।

उनका स्पष्ट मत है कि देशभर के लोग अगर मिलकर काम करें और ऑक्सीजन व रेमडेसिविर का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से करें तो कहीं भी इसकी कमी नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की जरूरत वाले लोगों और आक्सीजन की आपूर्ति को लेकर हम संतुलित अप्रोच अपना रहे हैं।

डॉ. त्रेहन ने सहमति व्यक्त की और कहा कि उनके अस्पताल ने अब एक प्रोटोकॉल बनाया है कि रेमडेसिविर हर कोरोना पॉजिटिव मरीज को नहीं दी जाएगी। डॉक्टरों के टेस्ट रिजल्ट, लक्षण और मरीज की गंभीर बीमारी का आकलन करने के बाद भी इसे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर कोई ‘रामबाण’ नहीं है, यह केवल उन लोगों में वायरल लोड को कम करता है जिन्हें इसकी आवश्यकता है।

कोविड-19 के सामान्य मसले में क्या करें

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि कोविड के मामले में 85 प्रतिशत से ज्यादा लोग रेमडेसिविर आदि के रूप में किसी विशिष्ट उपचार के बिना ही ठीक हो जाएंगे। ज्यादातर लोगों में सामान्य सर्दी, गले में खराश आदि जैसे लक्षण होंगे और 5-7 दिनों में उपचार के साथ ठीक हो जाएंगे। केवल 15 प्रतिशत लोग कोविड के मध्यम चरण में जा सकते हैं।

कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए एम्स निदेशक की सलाह | AIIMS Director’s advice to avoid COVID-19 infection

उन्होंने संक्रमण से बचने के लिए समूहों में न रहने की सलाह दी और कहा कि बंद स्थानों में क्रॉस वेंटिलेशन (हवादार) संक्रमण के जोखिम को कम करता है।

डॉ. त्रेहन ने कहा कि चूंकि कम लोगों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, ऐसे में अस्पतालों के बिस्तरों का उपयोग विवेकपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, जो हम पर ही निर्भर है।

कब कराएं कोविड टेस्ट | When to do a Covid test

डॉ. शेट्टी ने कहा कि अगर कोई पॉजिटिव होता है तो किसी डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी राय लें।

उन्होंने आगे यह भी सलाह दी कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव है तो घबराएं नहीं क्योंकि समस्या आसानी से दूर हो सकती है बशर्ते प्रारंभिक अवस्था में चिकित्सकीय सहायता मिल जाए और डॉक्टर के निर्देशों का पालन किया जाए।

ऐसी भी संभावना है कि मरीजों में लक्षण न दिखाई दे तो डॉक्टर उन्हें घर पर रहने, खुद को अलग रखने, मास्क पहनने और हर 6 घंटे में अपने ऑक्सीजन सैचुरेशन की जांच करते रहने के लिए कह सकते हैं।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर किसी को बदन दर्द, सर्दी, खांसी, अपच,  उल्टी होती है तो अपना कोविड टेस्ट करा लीजिए क्योंकि यह आगे उपचार का आधार है।

#Unite2FightCorona

एम्स निर्देशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने #COVID19 के संक्रमण से बचाव के लिए सभी अनुरुप व्यवहार का पालन…

Posted by Ministry of Health and Family Welfare, Government of India on Wednesday, April 21, 2021

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