भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है

भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है

Democratic values are under threat in India

संवैधानिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान रहा किन्तु उन पर ही मुकदमे चलाए जा रहे हैं और जेल में बंद किया जा रहा है. ये हमारे लोकतंत्र के लिए एक विकट समस्या है जिसके लिए एक जुट हो कर संघर्ष करने की जरूरत है….

Constitution Day Celebration Patna

पटना, 27 नवंबर 2020. नागरिक अधिकार मंच बिहार की ओर से संविधान दिवस समारोह मनाया गया. इस अवसर पर एक नागरिक मार्च रेडियो स्टेशन से गांधी मैदान तक गया. इस मार्च में करीब चार हजार लोगों ने भाग लिया.

पटना के अलग-अलग इलाके से आए और संविधान की तरफ अपनी प्रतिबद्धता दिखाई.

गांधी मैदान स्थित संत जेवियर्स स्कूल में सभा हुई.सभा को संबोधित किया प्रोफेसर डेजी नारायण, फादर फिलिप मंथरा, अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा और अर्थशास्त्री विद्यार्थी विकास ने संबोधित किया.

सभी वक्ताओं ने संवेद स्वर में इस बात को रेखांकित किया कि संविधान पर खतरा बढ़ रहा है. वक्ताओं ने इस बात का उल्लेख भी किया कि फादर स्टेन स्वामी, सुधा भारद्वाज, वरवर राव जैसे लोगों ने दलितों, आदिवासियों और हाशिए पर खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा में अपना जीवन लगाया जो कि संवैधानिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान रहा किन्तु उन पर ही मुकदमे चलाए जा रहे हैं और जेल में बंद किया जा रहा है. ये हमारे लोकतंत्र के लिए एक विकट समस्या है जिसके लिए एक जुट हो कर संघर्ष करने की जरूरत है.

नागरिक अधिकार मंच का मानना है कि संविधान भारत के लोकतंत्र की रीढ़ है. इसे सुरक्षित रखना सभी भारतीय नागरिकों की ज़िम्मेदारी है. आज के परिदृश्य में जब कि भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा मंडरा रहा है हम सभी भारतीयों का उत्तरदायित्व बनता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता सुनिश्चित करें.

यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner