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काले कानूनों को लागू करने के लिए बेकरार मोदी सरकार देश को गृह युद्ध में झोंक रही

Desperate to implement black laws, the Modi government is pushing the country into civil war.

किसान आंदोलन के समर्थन में आइपीएफ कार्यकर्ताओं ने किया उपवास

लखनऊ, 30 जनवरी, 2021: संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर आज किसानों के समर्थन में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, जय किसान आंदोलन से जुड़े मजदूर किसान मंच, वर्कर्स फ्रंट और युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने गांधी जी के शहादत दिवस के अवसर पर सद्भावना उपवास रखा।

उपवास के बारे में जानकारी देते हुए आज प्रेस को जारी बयान में आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी व मजदूर किसान मंच के महासचिव डा. बृज बिहारी ने बताया कि आज गांव-गांव कार्यकताओं ने आरएसएस-भाजपा सरकार द्वारा किसानों की हो रही घेराबंदी व किसान आंदोलन के दमन, हमले व दुष्प्रचार करने की कड़ी आलोचना करते हुए सरकार से तत्काल तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने व किसानों की उपज की खरीद व भुगतान और किसान आंदोलन के नेताओं पर लगाए सभी मुकदमे वापस लेने की पुरजोर मांग की।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि देशी विदेशी कारपोरेट घरानों की गुलामी में लगी मोदी सरकार देश के किसानों और आम नागरिकों को तबाह करने वाले कृषि कानूनों को लागू करने के लिए इतनी बेकरार है कि वह देश में गृह युद्ध तक कराने पर आमादा है। दरअसल सरकार और आरएसएस की किसान आंदोलन को बदनाम करके उसका दमन करने की तमाम कोशिशों के बावजूद देशभर में किसान आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है और लोग सरकारी हथकंडों के बारे में भी सचेत हो रहे हैं। यही कारण है कि सरकार के हर स्तर पर बौखलाहट है। लेकिन आरएसएस व सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद यह आंदोलन सफल होगा और लोकतांत्रिक, विकसित और आधुनिक भारत निर्माण की नई इबारत लिखेगा।

आज बिहार के सीवान में पूर्व विधायक व आइपीएफ के प्रदेश प्रवक्ता रमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में मानव श्रृंखला बनाई गई और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एआईपीएफ के प्रदेश अध्यक्ष डा. बी. आर. गौतम, सीतापुर में मजदूर किसान मंच नेता सुनीला रावत, युवा मंच के नागेश गौतम, अभिलाष गौतम, लखनऊ में वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष उपाध्यक्ष उमाकांत श्रीवास्तव, एडवोकेट कमलेश सिंह, वाराणसी में प्रदेश उपाध्यक्ष योगीराज पटेल, सोनभद्र में प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कोल, कृपाशंकर पनिका, मंगरू प्रसाद गोंड़,  ज्ञानदास गोंड़, सूरज कोल, श्रीकांत सिंह, रामदास गोंड़, शिव प्रसाद गोंड़, महावीर गोंड, आगरा में वर्कर्स फ्रंट उपाध्यक्ष ई. दुर्गा प्रसाद, चंदौली में अजय राय, आलोक राजभर, रामेश्वर प्रसाद, इलाहाबाद में युवा मंच संयोजक राजेश सचान, इंजीनियर राम बहादुर पटेल, मऊ में बुनकर वाहनी के इकबाल अहमद अंसारी, बलिया में मास्टर कन्हैया प्रसाद, बस्ती में एडवोकेट राजनारायण मिश्र, श्याम मनोहर जायसवाल, गोण्डा में साबिर अजीजी, आरिफ के नेतृत्व में कार्यक्रम किए गए।  

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