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Shailendra Dubey, Chairman - All India Power Engineers Federation

विद्युत् वितरण कम्पनियाँ लॉक डाउन में निजी क्षेत्र के बिजली घरों को फिक्स चार्जेस देना बंद करें

DISCOMS SHOULD INVOKE FORCE MAJEURE CLAUSE TOSAVE FIX CHARGES BEING PAID TO PRIVATE GENERATORS IN LOCK DOWN- AIPEF

ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने सभी प्रांतों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर प्रदेश व आम उपभोक्ता के हित में की मांग

लखनऊ, 02 अप्रैल 2020. लॉक डाउन के चलते बिजली की मांग में भारी कमी (Heavy reduction in power demand due to lock down) को देखते हुए ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (ALL INDIA POWER ENGINEERS FEDERATION,) ने सभी प्रांतों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर मांग की है कि बिजली खरीद करार के अपरिहार्य परिस्थितियों (फोर्स मेंजयूर) क्लाज का उपयोग करते हुए निजी बिजली उत्पादन घरों को नोटिस दे कर बता दिया जाये कि जरूरत न होने पर बिजली न खरीदने की स्थिति में उन्हें फिक्स चार्ज नही दिए जायेंगे। फेडरेशन ने कहा कि विद्युत् वितरण कम्पनियाँ इसकी नोटिस निजी बिजली उत्पादन कंपनियों को तुरंत दे दे।

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने 01 अप्रैल को सभी प्रांतों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भेजे पत्र में लिखा है कि राज्यों की बिजली वितरण कम्पनियाँ पहले ही गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही हैं, ऐसे में बिजली की मांग न होने पर बिना बिजली खरीदे उन्हें निजी क्षेत्र के बिजली उत्पादन घरों को पीपीए के अनुसार फिक्स चार्ज देना पड़ता है जिससे वितरण कंपनियों पर और आर्थिक बोझ आ रहा है।

फेडरेशन ने पत्र में लिखा कि जब तक लॉक डाउन चल रहा है और बिजली की मांग नहीं है तब तक वितरण कंपनियां बिजली खरीद करार में ही निहित फ़ोर्स मेंज्यूर क्लाज का प्रयोग करते हुए निजी कंपनियों को नोटिस जारी कर बता दें कि चूँकि उनसे अभी बिजली नहीं खरीदनी है, अतः लॉक डाउन रहने तक उन्हें फिक्स चार्जेस नहीं दिए जायेंगे।

शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि लॉक डाउन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक उपभोक्ताओं को लॉक डाउन के दौरान बिजली का फिक्स चार्ज देने से छूट दे दी है। यही स्थिति विद्युत् वितरण कंपनियों की भी है अतः उन्हें भी निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादन कंपनियों को फिक्स चार्ज देने से छूट मिलनी चाहिए।

ध्यान रहे कि उप्र पावर कार्पोरेशन ने 28 मार्च को ही सभी बिजली उत्पादन कंपनियों को नोटिस भेजकर कह दिया है कि बिजली न खरीदने की स्थिति में कार्पोरेशन उन्हें फिक्स चार्ज नहीं देगा।

यू पी पी सी एल ने ललितपुर, बजाज पावर, लैंको, रोजा, एनटीपीसी, एनएचपीसी, न्यूक्लियर पावर कार्पोरेशन, सतलज जल विद्युत् निगम, टेहरी डेवलपमेंट कार्पोरेशन, सासन पावर, पावर ट्रेडिंग कंपनी और राज्य विद्युत् उत्पादन निगम को इस बाबत नोटिस दी है।

उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, मध्य प्रदेश और तामिलनाडु ने भी इसी प्रकार की नोटिस निजी कंपनियों को कल दे दी है जिसका बिजली इंजीनियरों ने स्वागत किया है।

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