योगी के गृह जनपद की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर करने की सजा पा रहे हैं डॉ कफील – शाहनवाज़ आलम

योगी के गृह जनपद की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर करने की सजा पा रहे हैं डॉ कफील – शाहनवाज़ आलम

Dr. Kafeel is getting punished for exposing the lacunae of the dilapidated health system of Yogi’s home district – Shahnawaz Alam

डॉ. कफील खान को योगी सरकार प्रताड़ित कर रही है,

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग डॉ कफील की रिहाई को लेकर चलाएगी प्रदेश व्यापी अभियान

मानवता की सेवा कर रहे डॉ कफील को योगी सरकार द्वेषपूर्ण कार्यवाही के तहत रासुका लगाया

लखनऊ, 20 जुलाई 2020। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गाँधी के निर्देश पर डॉ कफील खान की रिहाई के लिए प्रदेश व्यापी अभियान चलाएगी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने जारी एक बयान में बताया कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शरारतन डॉ कफील का उत्पीड़न कर रही है। योगी के गृह जनपद गोरखपुर में दिमागी बुखार से जब  मासूम ऑक्सीजन के अभाव में थे , उस वक़्त दिन रात एक करके उन्होंने मासूमो की सेवा करते सैंकड़ो मासूमो की जान बचाई थी। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर की जर्जर हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था को उजागर किया था जिसके चलते सूबे के मुख्यमंत्री योगी उनसे व्यक्तिगत रूप से नाराज़ थे।

शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा कि डॉ कफ़ील खान को पिछले 6 महीने से योगी सरकार ने सिर्फ़ मुसलमान होने के कारण किसी न किसी बहाने फ़र्ज़ी मुकदमें लाद कर जेल में बंद कर रखा है। उनका कुसूर सिर्फ़ इतना है कि वो मुख्यमंत्री के गृहजनपद के स्वास्थय व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक ज़िम्मेदार डॉक्टर की हैसियत से न सिर्फ़ सवाल उठा रहे थे बल्कि ग़रीब मरीज़ों की सेवा भी कर रहे थे। योगी ने उनके रिहा होने के तमाम रास्तों को बंद करने की नीयत से उनपे NSA तक लगा रखा है।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि ऐसे डॉक्टर का जेल में होना एक सभ्य और लोकतांत्रिक समाज को बेचैन करने के लिए पर्याप्त है। कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू जी लगातार डॉ कफील के परिवार के संपर्क में है। एवं उनके परिवार को न्याय दिलाने के हर स्तर पर, सड़क से लेकर सदन तक आवाज़ उठाई जाएगी।

शाहनवाज़ अलाम ने बयान में बताया कि अल्पसंख्यक विभाग ने कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी के निर्देश पर डॉ कफ़ील खान की रिहाई के लिए आवाज़ उठाने का अज़्म किया है। इसके तहत सोशल डिसटेनसिंग का पालन करते हुए 15 दिनों तक घर-घर जाकर कफ़ील की रिहाई के लिए हस्ताक्षर अभियान, सोशल मीडिया अभियान, मज़ारों पर चादरपोशी, दुआख्वानी, रक्तदान, ज्ञापन का कार्यक्रम चलेगा। चाहे इसके लिए ख़ुद गंभीर अपराधों के आरोपी मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कांग्रेस के लोगों पर कितने ही फ़र्ज़ी मुकदमे क्यों न लाद दें। हम डरने और रुकने वाले नहीं हैं। इंसाफ और जम्हूरियत को बचाने की इस जंग में इंशा अल्लाह अवाम जीतेगी और मग़रूर हुकूमत हारेगी।

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