कारपोरेट हितों में श्रमिकों का गला घोट रही मोदी सरकार – वर्कर्स फ्रंट

कारपोरेट हितों में श्रमिकों का गला घोट रही मोदी सरकार – वर्कर्स फ्रंट

चारों लेबर कोड का जलाया पुतला

Effigy of four labour codes

रेनूकूट, सोनभद्र, 1 अप्रैल 2021, देशी विदेशी कारपोरेट घरानों और वित्तीय पूंजी के सम्राटों के हितों को पूरा करने के लिए मोदी सरकार श्रमिकों का गला घोटने में लगी है। संसद को बंधक बनाकर सरकार द्वारा लाए लेबर कोड इसी का नतीजा है। जिसमें काम के घंटे 12 करने, मुख्य नियोजक के सामाजिे व जीवन सुरक्षा सम्बंधी दायित्वों को खत्म करने, 50 से कम मजदइूर नियोजित करने वाले ठेकेदारों को पंजीकरण से छूट, टेक होम वेतन का कम करना, ईपीएफ के अंशदान को कम करने, छंटनी की छूट देना जैसे मजदूर विरोधी प्रावधान शामिल है। इसके विरूद्ध संयुक्त ट्रेड यूनियन्स कमेटी और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आवाहन पर वर्कर्स फ्रंट व ठेका मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं नपे अपर श्रमायुक्त कार्यलय के बाहर प्रदर्शन कर चारों लेबर कोड की प्रतियां जलाई और इसे वापस लेने की मांग की।

कार्यक्रम का नेतृत्व ठेका मजदूर यूनियन अध्यक्ष कृपाशंकर पनिका, मंत्री तेजधारी गुप्ता व पूर्व सभासद व वर्कर्स फ्रंट नेता नौशाद ने किया।

       कार्यक्रम के बाद अनपरा तापीय परियोजना में कार्यरत ठेका मजदूरों की चार माह से बकाया मजदूरी के भुगतान, ठेका मजदूरों के सुरक्षा उपकरण, कार्ड पंचिंग व्यवस्था शुरू करने और बोनस आदि सवालों पर अनपरा प्रबंधन से ठेका मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों की अपर श्रमायुक्त विंध्याचल मण्डल के सम्मुख वार्ता हुई।

वार्ता में प्रबंधन प्रतिनिधियों द्वारा हर माह की सात या दस तारीख को मजदूरी भुगतान करने और बकाया मजदूरी को अविलम्ब देने का मुख्य महाप्रबंधक अनपरा परियोजना दीपक कुमार का लिखित पत्र सौंपा।

गौरतलब हो कि श्रम बंधु और वर्कर्स फ्रंट के अध्यक्ष दिनकर कपूर के पत्र पर अपर श्रमायुक्त ने आज वार्ता बुलाई थी।

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