ईद आई अजब एक उदासी लिये !

ईद आई अजब एक उदासी लिये !

मोहम्मद ख़ुर्शीद अकरम सोज़

 

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ईद आई अजब एक उदासी लिये

कोई कैसे किसी को मुबारक कहे

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ऐ ख़ुदा शुक्र है तेरी तौफ़ीक़ से

रोज़े रमज़ान के सारे पूरे हुए

ईद का चाँद भी आ गया है नज़र

इस पे कोविड का लेकिन पड़ा है असर

अब के आई है ईद ऐसे माहौल में

ख़ौफ़ छाया कोरोना का है हर तरफ़

लाखों इंसान हैं बे-बसी में पड़े

अल-मदद ऐ ख़ुदा की सदा हर तरफ़

नाम :- मोहम्मद खुर्शीद अकरम तख़ल्लुस : सोज़ / सोज़ मुशीरी वल्दियत :- मौलाना अब्दुस्समद ( मरहूम ) जन्म तिथि :- 01/03/1965 जन्म स्थान : - बिहार शरीफ़, ज़िला :- नालंदा (बिहार) शिक्षा :- 1) बी.ए.             2) डिप. इन माइनिंग इंजीनियरिंग     उस्ताद-ए-सुख़न :-( स्व) हज़रत मुशीर झिन्झानवी देहलवी काव्य संकलन : - सोज़-ए-दिल सम्मान :- 1. आदर्श कवि सम्मान, और साहित्य श्री सम्मान संप्रति :- कोल इंडिया की वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में कार्यरत संपर्क :- बी-22, कैलाश नगर, पोस्ट :- साखरा(कोलगाँव), तहसील :- वणी ज़िला :- यवतमाल , पिन:- 445307 (महाराष्ट्र)
Mohammad Khursheed Akram Soz

हर तरफ़ दुख के बादल हैं छाये हुए

जिस तरफ़ भी किसी की नज़र जाती है

न उमंग है कोई, न कोई जोश है

हर एक रूह प्यासी नज़र आती है

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ईद आई अजब एक उदासी लिये !!!

कोई कैसे किसी को मुबारक कहे

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