ईद आई अजब एक उदासी लिये !

मोहम्मद ख़ुर्शीद अकरम सोज़

 

—————-

ईद आई अजब एक उदासी लिये

कोई कैसे किसी को मुबारक कहे

————

ऐ ख़ुदा शुक्र है तेरी तौफ़ीक़ से

रोज़े रमज़ान के सारे पूरे हुए

ईद का चाँद भी आ गया है नज़र

इस पे कोविड का लेकिन पड़ा है असर

अब के आई है ईद ऐसे माहौल में

ख़ौफ़ छाया कोरोना का है हर तरफ़

लाखों इंसान हैं बे-बसी में पड़े

अल-मदद ऐ ख़ुदा की सदा हर तरफ़

Mohammad Khursheed Akram Soz

हर तरफ़ दुख के बादल हैं छाये हुए

जिस तरफ़ भी किसी की नज़र जाती है

न उमंग है कोई, न कोई जोश है

हर एक रूह प्यासी नज़र आती है

————-

ईद आई अजब एक उदासी लिये !!!

कोई कैसे किसी को मुबारक कहे

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations