गांधी जयंती पर इलाहाबाद समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं ने किया रोजगार अधिकार सत्याग्रह

Employment rights satyagraha done on Gandhi Jayanti in various parts of the state including Allahabad

Employment rights satyagraha done on Gandhi Jayanti in various parts of the state including Allahabad

रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने और देश भर में 24 लाख खाली पदों को अविलंब भरने की मांग

इलाहाबाद, 2 अक्टूबर 2020, गांधी जयंती के अवसर पर रोजगार अधिकार सत्याग्रह के आवाहन के क्रम में युवा मंच के बैनर तले इलाहाबाद, आगरा, सोनभद्र, चंदौली, जौनपुर, सीतापुर, बांदा, आजमगढ़, हरदोई, लखीमपुर सहित तमाम जनपदों में प्रतिवाद कार्यक्रम हुए।

इलाहाबाद में बालसन चौराहे पर रोजगार अधिकार सत्याग्रह के तहत युवाओं ने प्रदर्शन कर रोजगार अधिकार के लिए आवाज बुलंद की।

इलाहाबाद में युवा मंच के संयोजक राजेश सचान व अनिल सिंह, हरदोई में युवा मंच राज्य कमेटी सदस्य अंकुर सिंह व कुलदीप कुशवाहा, चंदौली में युवा मंच के सहसंयोजक आलोक राय व स्नेहा राय, सोनभद्र में ज्ञान दास सिंह व रूबी सिंह, आजमगढ़ में युवा मंच राज्य कमेटी सदस्य जय प्रकाश यादव, जौनपुर में बलिंदर यादव, आगरा में आराम सिंह, लखीमपुर में संतोष भारती, बांदा में शहनवाज खान शानू के नेतृत्व में युवाओं ने रोजगार अधिकार सत्याग्रह में भागीदारी की।

इलाहाबाद में प्रदर्शन स्थल पुलिस छावनी में तब्दील रहा। रोजगार अधिकार सत्याग्रह के माध्यम से युवा मंच ने रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने, देशभर में खाली 24 लाख पदों अविलंब भरने की मांग उठाई गई।

युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने कहा कि देश में रोजगार संकट अरसे से है लेकिन मोदी सरकार की नीतियों से कारोबार, व्यापार, खेती-किसानी, छोटे मझोले उद्योग सब कुछ चौपट होने से विगत 6 वर्षों में अभूतपूर्व आजीविका का संकट पैदा हुआ है। अंधाधुंध निजीकरण और प्राकृतिक संसाधनों को वित्तीय पूंजी के हवाले करने से भी रोजगार के संकट में ईजाफा हो रहा है। दरअसल उदार अर्थनीति और वित्तीय पूंजी के अंकुश से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। इन नीतियों को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि गांधी जी रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने और गरिमापूर्ण आजीविका के हिमायती थे और चाहते थे कि संविधान सभा में रोजगार को मौलिक अधिकार बनाया जाये। आज भी रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने की मांग बेहद प्रासंगिक है। उत्तर प्रदेश में हालात तो बेहद खराब हैं। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बयानबाजी से ज्यादा कुछ नहीं किया जा रहा है। मनरेगा तक में औसतन प्रति माह 5 दिन का ही काम मिला है लेकिन सवा करोड़ रोजगार देने का प्रचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी रोजगार और सरकारी नौकरी के मामले में प्रदेश को अव्वल बता रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक विपरीत है।

यहां 3.5 साल से चयन प्रक्रिया अमूमन ठप जैसी है, नये विज्ञापन जारी नहीं हो रहे हैं और पुरानी भर्तियां तक अधर में हैं। मुख्यमंत्री योगी चयन प्रक्रिया में तेजी लाने संबंधी बयान देते रहते हैं, लेकिन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में 40 हजार पद और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में 3900 पदों का आंदोलन के दबाव में अधियाचन आने के बाद साल भर से इन चयन संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री की मंजूरी न मिलने का हवाला दे कर विज्ञापन जारी नहीं कर रहे हैं। इसी तरह लोक सभा चुनाव के पूर्व यूपीपीसीएल में तकनीशियन(लाइन) के 4102 पदों का विज्ञापन 8 मार्च 2019 को जारी किया गया जिसे चुनाव खत्म होने के बाद 1 जुलाई को निरस्त कर दिया गया जबकि यूपीपीसीएल में दसियों हजार पद अरसे से खाली हैं।

उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने पर भी मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं। इलाहाबाद में 17 सितंबर के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में युवा मंच के पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया और मुकदमे दर्ज किये गए। लेकिन दमन की कार्यवाही से युवाओं का विक्षोभ और बढ़ेगा और रोजगार के अधिकार के लिए मुहिम और तेज होगी। इलाहाबाद में प्रस्ताव लेकर हाथरस समेत बलात्कार के सभी मामलों में दोषियों को कठोर सजा दिलाने, सभी पीड़ित परिवारों को सुरक्षा व उचित मुआवजा और प्रदेश में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से की गई।

इलाहाबाद में आयोजित रोजगार अधिकार सत्याग्रह में युवा मंच के संयोजक राजेश सचान, अध्यक्ष अनिल सिंह, आईटीआई छात्रों के प्रतिनिधि इं. राम बहादुर पटेल, अरविंद मौर्य, भानु यादव, रवि प्रकाश, अशोक यादव, सोनू सोनू मौर्य, विश्वनाथ प्रताप यादव, संदीप वर्मा, अनुराग कुमार, श्याम जी वर्मा, राकेश कुमार वर्मा, रोहित कुमार, अमित कुमार वर्मा, सुनील कुमार सिंह, रोहित पाल, प्रमोद कुमार पटेल, मनोज कुमार पटेल, पीयूसीएल के जिला सचिव मनीष सिन्हा, स्वराज अभियान के एम एल यादव, सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार गौतम सहित तमाम युवा मौजूद रहे।

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