योगी राज बना अपराधी राज, निर्दोषों का हो रहा है उत्पीड़न अपराधियों का बढ़ा मनोबल – दारापुरी

ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अवकाशप्राप्त आईपीएस एस आर दारापुरी (National spokesperson of All India People’s Front and retired IPS SR Darapuri)

कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या पर व्यक्त किया गहरा शोक

Expressed grief over the killing of police personnel in Kanpur

लखनऊ, 3 जुलाई, 2020, उत्तर प्रदेश में आरएसएस-भाजपा का योगीराज अपराधियों के राज में तब्दील हो गया है. पूरे प्रदेश में खनन माफिया, भू माफिया और हिस्ट्रीशीटरों का मनोबल बढ़ा हुआ है वहीं दूसरी तरफ नीरिह व निर्दोष नागरिकों का और राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं का संविधान के विरुद्ध जाकर उत्पीड़न किया जा रहा है.

यह बातें ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी ने कल रात कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हिस्ट्रीशीटर द्वारा की गई हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रेस को जारी अपने बयान में कहीं.

उन्होंने कहा कि सोनभद्र से लेकर राजधानी लखनऊ तक पूरे प्रदेश में सरकार के संरक्षण के चलते अपराधी बेखौफ हो गए है. न सिर्फ दलित, आदिवासी, गरीब गुरबे पर हमला कर रहे हैं बल्कि उनके हमले के दायरे में अब पुलिस वाले भी आ रहे हैं.

The Yogi model has proved to be a failed model in every way.

उन्होंने कहा कि ठोक दो व बदला लो की राजनीतिक-प्रशासनिक संस्कृति बनाने वाला योगी मॉडल हर तरह से एक विफल मॉडल साबित हुआ है.

लखनऊ में हुई हिंसा में अभी तक किसी भी न्यायालय ने किसी भी आरोपी को दोषसिद्ध नहीं किया बावजूद इसके उत्तर प्रदेश की सरकार निरीह और निर्दोष लोगों को घरों से बेदखल कर रही है उनकी कुर्की कर रही है और उनके जीवन पर हमला कर रही है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की निगाह में न्यायालय तक के यहां तक की सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट तक के आदेशों की कोई अहमियत नहीं है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश तक के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जाती है. प्रदेश गहरे संकट के दौर से गुजर रहा है. इसलिए उन्होंने प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि उत्तर प्रदेश को बचाने और योगी सरकार संविधान के अनुरूप व्यवहार करें इसके लिए  प्रतिवाद में उतरना होगा और सभी लोगों को मिलकर इस सरकार को लोकतंत्र की अहमियत (Importance of democracy) को समझाना होगा.

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें