समाज के लिए खतरनाक है फेक न्यूज़, हो चुकी है सैकड़ों मौतें : डॉ मनीष जैसल

समाज के लिए खतरनाक है फेक न्यूज़, हो चुकी है सैकड़ों मौतें : डॉ मनीष जैसल

Fake news is dangerous for the society, there have been hundreds of deaths: Dr Manish Jaisal

ख़बरों की सत्यता को जाँचना चुनौतीपूर्ण लेकिन असम्भव नहीं

सूचना और पुस्तकालय विभाग शुरू करेगा मीडिया लिटरेसी कार्यक्रम (media literacy program)

मंदसौर, 08 जनवरी 2022. “इस दौर में फ़ेक न्यूज़ समाज के लिए ख़तरनाक है। इससे युवाओं को बचना चाहिए। प्रतिवर्ष फ़ेक न्यूज़ से सैकड़ों मौतें होती हैं जो कोरोना वायरस से हुई मौतों से भी अधिक ख़तरनाक है।“

यह कहना है आईटीएम विश्वविद्यालय ग्वालियर के सहायक प्रोफ़ेसर और मीडिया ट्रेनर मनीष जैसल का। वह मंदसौर विश्वविद्यालय के सूचना और पुस्तकालय विभाग द्वारा फ़ेक न्यूज़ से बचाव के टूल्स एंड टेक्निक विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे।

डेटा लीड्स और इंटरन्यूज़ पूरे देश में फ़ेक न्यूज़ और मिसइन्फ़ॉर्ममेशन से जुड़े पहलुओं को लेकर जन जागरूकता अभियान चला रहा है।

मंदसौर विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी एंड इंफ़ोरमेशन साइंसेस के विभाग प्रमुख तथा कार्यशाला आयोजक डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला में मालवा क्षेत्र के क़रीब 100 से अधिक प्रतिभागी जुड़े थे। विभाग लम्बे समय से सूचनाओं के आदान प्रदान को और तकनीक सम्पन्न बनाने पर ज़ोर दे रहा है।

एक दिवसीय कार्यशाला के तकनीक सहायक तथा सहायक प्रोफ़ेसर डॉ ए के पॉल ने बताया कि विभाग ऐसे कई आयोजन समय समय पर करता रहता है, जिससे सूचना के इस युग में युवाओं को मार्गदर्शित किया जाता रहे। कार्यशाला में देश भर से जुड़े 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.