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famous critic Dr. Manager Pandey's Wife is no more

प्रसिद्ध आलोचक डॉ. मैनेजर पाण्डेय को पत्नी शोक  

Dr. Manager Pandey’s Wife is no more

नई दिल्ली, 06 मार्च 2020. हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक डॉ.मैनेजर पाण्डेय की 75 वर्षीया पत्नी शारदा देवी का 4 मार्च 2020 की संध्या 4 बजे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। 5मार्च को दिल्ली के लोदी रोड स्थित शवदाह गृह में उनकी अंत्येष्टि संम्पन्न हुई। मैनेजर पाण्डेय और पुत्री रेखा ने उन्हें मुखाग्नि दी।

शारदा देवी गोपालगंज के हरपुर( विजयीपुर) निवासी स्वामीनाथ दुबे और हंसरानी देवी की पुत्री थी। 6 दशक पूर्व  मैनेजर पाण्डेय के साथ उनका परिणय जीवन स्थापित हुआ था। एक पुत्र सहित 2 पुत्रियों की वे माता थीं।

वर्ष 2000 में एक सिरफिरे दारोगा के हाथों निर्दोष बेटे आनन्द को खोकर वे जीवन भर गहरे सदमे में जीने के लिए अभिशप्त रहीं।

प्रोफेसर रेखा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के जयपुर केंद्र में प्रोफेसर हैं। प्रोफेसर रेखा के अनुसार उनकी माता का श्राद्धकर्म हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार मैनेजर पाण्डेय के बिहार स्थित पैतृक ग्राम गोपालगंज के लोहटी में संपन्न होगा।

प्रोफेसर चमनलाल, दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार सुधांशु रंजन, पूर्व कुलपति विभूति नारायण राय, रेखा अवस्थी, मुरली मनोहर प्रसाद, कवि मिथिलेश श्रीवास्तव, वाराणसी से प्रो.चौथीराम यादव, प्रसिद्ध नाट्य निदेशक अरविंद गौड़, कोलकाता से लेखक विजय शर्मा, लहक के संपादक निर्भय दिव्यांशु, उत्तराखंड से वरिष्ठ पत्रकार पलाश विश्वास, पटना से पद्मश्री उषा किरण खान, प्रेम कुमार मणि, जयपुर से कवि कृष्ण कल्पित, तमिलनाडु से सितारे हिन्द, पत्रकार संत समीर, स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन, कॉर्टूनिस्ट सीताराम, गया से पत्रकार उज्ज्वल, जन चौक के संपादक महेंद्र मिश्र, भास्कर के पत्रकार शशिसागर , प्रसिद्ध नदी विशेषज्ञ डॉ.दिनेश मिश्र, रणजीव, कोलकाता से वरिष्ठ पत्रकार गंगा प्रसाद, गुवाहाटी से लेखक चितरंजन लाल भारती, जनार्दन थापा, सिलीगुड़ी से प्रकाशित तीस्ता हिमालय के संपादक राजेन्द्र प्रसाद, जद(यू) के बिहार प्रदेश महासचिव असरफ अंसारी , बेगूसराय से रंगकर्मी दीपक सिन्हा और मुचकुंद मोनू सहित दर्जनों शुभेक्षुओं ने देश के प्रसिद्ध आलोचक मैनेजर पाण्डेय के शोक संतप्त परिवार के लिए मेरे पास श्रद्धाजंलि भेजा है।

(श्रद्धांजलि प्रेषकों के प्रति आभार)

पुष्पराज

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पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

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