Home » Latest » शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ देशद्रोह के आरोप में एफआईआर ?
Rajdeep Sardesai Shashi Tharoor

शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई समेत कई वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ देशद्रोह के आरोप में एफआईआर ?

FIR against several senior journalists including Rajdeep Sardesai?

कई वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर

नई दिल्ली, 29जनवरी 2021. गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों की ट्रैक्टर रैली (Tractor rally of farmers on the occasion of Republic Day) के बाद एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडे, विनोद के जोस और अन्य को देशद्रोह के मामले में नामजद किया है।

नोएडा के सेक्टर 20 थाने में दर्ज हुई है प्राथमिकी

प्राप्त जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर 20 थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है। इसमें कहा गया है कि ट्रैक्टर रैली के दौरान एक किसान की मौत को लेकर गलत खबर चलाने और ट्वीट करने के लिए उन्हें नामजद किया गया है।

एफआईआर में नेशनल हेराल्ड के एडिटर-इन-चीफ जफर आगा और कारवां के एडिटर अनंत नाथ का भी नाम शामिल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन सभी लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (धर्म, जाति, भाषा के आधार पर लोगों में वैमनस्य पैदा करना व सौहाद्र्र बिगाड़ने की कोशिश), 153बी (राष्ट्र की अखंडता के लिए संकट पैदा करना), 295ए (जानबूझकर धार्मिक भावना भड़काना), 298 (आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर किसी सम्प्रदाय अथवा धर्म विशेष के व्यक्ति की भावना को आहत करना), 504 (सामाजिक शांति भंग करना), 506 (धमकी देना), 505(2) (उपद्रव भड़काने के लिए गलत बयानी), 124ए (देशद्रोह), 34 (हिंसा भड़काने के लिए उकसाना), 120-बी (आपराधिक साजिश) और सूचना-प्रौद्यागिकी अधिनियम, 2000 के तहत नामजद किया गया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक प्रदर्शनकारी को आईटीओ के पास तेज रफ्तार से ट्रैक्टर चलाते और बैरिकेड तोड़ते हुए दिखाया गया है। तेज रफ्तार के कारण ट्रैक्टर पलट भी जाता है। पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शनकारी की मौत इस हादसे में हुई।

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

हमारे बारे में देशबन्धु

Deshbandhu is a newspaper with a 60 years standing, but it is much more than that. We take pride in defining Deshbandhu as ‘Patr Nahin Mitr’ meaning ‘Not only a journal but a friend too’. Deshbandhu was launched in April 1959 from Raipur, now capital of Chhattisgarh, by veteran journalist the late Mayaram Surjan. It has traversed a long journey since then. In its golden jubilee year in 2008, Deshbandhu started its National Edition from New Delhi, thus, becoming the first newspaper in central India to achieve this feet. Today Deshbandhu is published from 8 Centres namely Raipur, Bilaspur, Bhopal, Jabalpur, Sagar, Satna and New Delhi.

Check Also

Pt. Jawahar Lal Nehru

पंडित नेहरू और शेख अब्दुल्ला के कारण ही कश्मीर बन सका भारत का हिस्सा

Kashmir became a part of India only because of Pandit Nehru and Sheikh Abdullah भारतीय …

Leave a Reply