गैलीलियो : आधुनिक विज्ञान के जनक, खगोलशास्त्री, भौतिक विज्ञानी और इंजीनियर

गैलीलियो : आधुनिक विज्ञान के जनक, खगोलशास्त्री, भौतिक विज्ञानी और इंजीनियर

Galileo was the father of modern science.

अधिकांश लोग गैलीलियो गैलिली (Galileo Galilei) को एक खगोलविज्ञानी के रूप में याद करते हैं। दूरबीन में सुधार कर उसे अधिक शक्तिशाली तथा खगोलीय प्रेक्षणों के लिए उपयुक्त बनाया और आधुनिक खगोल विज्ञान की नींव रखी।

कम लोग यह जानते हैं कि खगोलविज्ञानी होने के अलावा वे एक कुशल गणितज्ञ, भौतिकीविद् और दार्शनिक भी थे जिसने यूरोप की वैज्ञानिक क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

गैलीलियो के योगदान का महत्व पूरी दुनिया को तब पता चला जब वह दुनिया छोड चुके थे। देर ही सही लेकिन गैलीलियो को ”आधुनिक खगोल विज्ञान के जनक”, ”आधुनिक भौतिकी का पिता” या ”विज्ञान का पिता” के रूप में संबोधित किया

जाता है।

Galileo Galilei Biography In Hindi | गैलीलियो गैलीली की जीवनी

वर्ष 2009 को अंतरराष्ट्रिय खगोलिकी वर्ष के रूप में मनाया गया। वर्ष 1609 में गैलीलियो द्वारा खगोलीय प्रेक्षण आरंभ करने की घटना की 400वीं जयंती के रूप में यह वर्ष मनाया गया।

गैलीलियो जिन्हें आधुनिक प्रायोगिक विज्ञान का जन्मदाता कहा जाता है, ने चर्च की नाराजगी मोलकर आधुनिक विज्ञान की रखी नींव थी। आधुनिक इटली के पीसा नामक शहर (पीसा की टेढ़ी मीनार के लिए प्रसिद्ध) में 15 फरवरी 1564 को गैलीलियो गैलिली का जन्म हुआ।

गैलीलियो के पिता का नाम

गैलीलियो को सूक्ष्म गणितीय विश्लेषण करने का कौशल संभवत: अपने पिता विन्सैन्जो गैलिली से विरासत में आनुवांशिक रूप में तथा कुछ उनकी कार्यशैली को करीब से देख कर मिला होगा। तभी तो उन्होंने गणित की ऐसी विधा अपने खून में रचा रखी थी।

जाने-माने संगीत विशेषज्ञ थे गैलीलियो के पिता

विन्सैन्जो एक जाने-माने संगीत विशेषज्ञ थे और ल्यूटनामक वाद्य यंत्र (musical instrument called ‘lute) बजाते थे जिसने बाद में गिटार और बैन्जो का रूप ले लिया। उन्होंने भौतिकी में पहली बार ऐसे प्रयोग किए जिनसे अरैखिक संबंध का प्रतिपादन (rendering of non-linear relation) हुआ। तब यह ज्ञात था कि किसी वाद्य यंत्र की तनी हुई डोर (या तार) के तनाव और उससे निकलने वाली आवृत्ति में एक संबंध होता है, आवृत्ति तनाव के वर्ग के समानुपाती होती है। इस तरह संगीत के सिद्धांत में गणित की थोड़ी बहुत पैठ थी। इससे प्रेरित हो गैलीलियो ने पिता के कार्य को आगे बढ़ाया और फिर उन्होंने बाद में पाया कि प्रकृति के नियम (Nature’s law) गणित के समीकरण होते हैं।

गैलीलियो ने लिखा है  भगवान की भाषा गणित है

गैलीलियो ने दर्शन शास्त्र का भी गहन अध्ययन किया था साथ ही वे धार्मिक प्रवृत्ति के भी थे। पर वे अपने प्रयोगों के परिणामों को कैसे नकार सकते थे जो पुरानी मान्यताओं के विरुद्ध जाते थे और वे इनकी पूरी ईमानदारी के साथ व्याख्या करते थे। उनकी चर्च के प्रति निष्ठा (allegiance to the church) के बावजूद उनका ज्ञान और विवेक उन्हें किसी भी पुरानी अवधारणा को बिना प्रयोग और गणित के तराजू में तोले जाने से रोकता था। चर्च ने इसे अपनी अवज्ञा समझा। पर गैलीलियो की इस सोच ने मनुष्य की चिंतन प्रक्रिया में नया मोड़ ला दिया।

स्वयं गैलीलियो अपने विचारों को बदलने को तैयार हो जाते यदि उनके प्रयोगों के परिणाम ऐसा इशारा करते।

गैलीलियो का सिद्धांत क्या है?

अपने प्रयोगों को करने के लिए गैलीलियो ने लंबाई और समय के मानक तैयार किए ताकि यही प्रयोग अन्यत्र जब दूसरी प्रयोगशालाओं में दोहराए जाएं तो परिणामों की पुनरावृत्ति द्वारा उनका सत्यापन किया जा सके।

गैलीलियो ने प्रकाश की गति नापने का भी प्रयास किया और तत्संबंधी प्रयोग किए। गैलीलियो व उनका एक सहायक दो भिन्न पर्वत शिखरों पर कपाट लगी लालटेन लेकर रात में चढ़ गए। सहायक को निर्देश दिया गया था कि जैसे ही उसे गैलीलियो की लालटेन (galileo’s lantern) का प्रकाश दिखे उसे अपनी लालटेन का कपाट खोल देना था। गैलीलियो को अपने कपाट खोलने व सहायक की लालटेन का प्रकाश दिखने के बीच का समय अंतराल मापना था-पहाड़ों के बीच की दूरी उन्हें ज्ञात थी। इस तरह उन्होंने प्रकाश की गति ज्ञात की।

कॉपरनिकस के सिद्धांत का समर्थन किया गैलीलियो ने

”ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं न कि पृथ्वी की” कॉपरनिकस के इस सिद्धांत का गैलीलियो ने समर्थन किया। पर इस ”भूल” के लिये चर्च ने उन्हें दिया कारावास। 1992 में वैटिकन ने यह स्वीकार किया कि गैलीलियो के मामले में उनसे गलती हुई थी।

आधुनिक विज्ञान के जनक कौन है? आधुनिक विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है? आधुनिक विज्ञान के पिता कौन है?

गैलीलियो ने आज से बहुत पहले गणित, सैद्धांतिक भौतिकी और प्रायोगिक भौतिकी के परस्पर संबंध (The interrelationship of mathematics, theoretical physics and experimental physics) को समझ लिया था। उनकी इसी अंतर्दृष्टि के लिए प्रसिद्ध भौतिकीविद् आइंस्टाइन (famous physicist Einstein) ने उन्हें ”आधुनिक विज्ञान का पिता” की पदवी दे डाली।

गैलीलियो की मृत्यु कैसे हुई?

1609 में गैलीलियो को दूरबीन के बारे में पता चला जिसका हालैंड में आविष्कार हो चुका था। केवल उसका विवरण सुनकर उन्होंने कहीं अधिक परिष्कृत व शक्तिशाली दूरबीन स्वयं बना ली। इसके साथ ही गैलीलियो ने कॉपरनिकस के सिद्धांत को खुला समर्थन देना शुरू कर दिया। ये बात तत्कालीन वैज्ञानिक और धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध जाती थी। गैलीलियो के जीवनकाल में इसे उनकी भूल ही समझा गया। सन् 1633 में चर्च ने गैलीलियो को आदेश दिया कि वे सार्वजनिक रूप से कहें कि ये उनकी बड़ी भूल है। उन्होंने ऐसा किया भी। फिर भी गैलीलियो को कारावास भेज दिया गया। बाद में उनके बिगड़ते स्वास्थ्य के मद्देनजर सजा को गृह-कैद में तब्दील कर दिया गया। अपने जीवन का अंतिम दिन भी उन्होंने इसी कैद में गुज़ारा।

कहीं वर्ष 1992 में जाकर वैटिकन शहर स्थित ईसाई धर्म की सर्वोच्च संस्था ने यह स्वीकारा कि गैलीलियो के मामले में उनसे गलती हुई थी। यानी उन्हें तीन सौ से अधिक साल लग गए असलियत को समझने और स्वीकारने में।

Notes : A lute is any plucked string instrument with a neck and a deep round back enclosing a hollow cavity, usually with a sound hole or opening in the body. It may be either fretted or unfretted. More specifically, the term “lute” can refer to an instrument from the family of European lutes. (Wikipedia)

Galileo di Vincenzo Bonaiuti de’ Galilei, commonly referred to as Galileo, was an astronomer, physicist and engineer, sometimes described as a polymath, from Pisa, in modern-day Italy. (Wikipedia)

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