गहलोत ने ‘लव-जिहाद’ कानून को बताया असंवैधानिक, बोले विवाह निजी स्वतंत्रता का मामला

Ashok Gehlot

Gehlot calls ‘Love-Jihad’ law unconstitutional, says marriage is a matter of personal freedom

नई दिल्ली, 20 नवंबर 2020. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘लव-जिहाद’ को लेकर कहा है कि यह भाजपा का देश को बांटने के लिए बनाया गया एक शब्द है।

अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा,

“शादी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है और इसे रोकने के लिए एक कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है।”

‘लव-जिहाद’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए गहलोत ने कई ट्वीट किए।

एक ट्वीट में उन्होंने लिखा,

“लव जिहाद भाजपा द्वारा देश को विभाजित करने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए बनाया गया एक शब्द है। विवाह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, उस पर अंकुश लगाने के लिए कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह कानून किसी भी अदालत में नहीं टिकेगा। प्यार में जिहाद की कोई जगह ही नहीं है।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा,

“वे देश में एक ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां वयस्क सहमति के लिए राज्य की सत्ता की दया पर निर्भर होंगे। विवाह एक व्यक्तिगत निर्णय है और वे इस पर अंकुश लगा रहे हैं, यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने जैसा है।”

‘लव-जिहाद’ पर तीसरे ट्वीट में उन्होंने कहा,

“यह सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने और सामाजिक संघर्ष को बढ़ावा देने और संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना करने वाला है। राज्य नागरिकों के साथ किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं करता है।”

बता दें कि उप्र ने ‘लव-जिहाद’ के खिलाफ एक कानून लाने की घोषणा की है और मप्र सरकार भी इसी तर्ज पर एक कानून लाने की योजना बना रही है।

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

Leave a Reply