भविष्य से आँख भी मिला पाएँ, इसलिए उठिए और बोलिए

opinion

कुछ बोलिए 

संतुलन न बिगड़ जाए

कुछ बोलिए

अंधेरा न बढ़ता रहे

कुछ बोलिए

भविष्य न हो मलिन

कुछ बोलिए

देश की आहुति न हो

कुछ बोलिए

कीट के काटने पर तो चुप थे

सर्पदंश पर तो कुछ बोलिए

जहर, मार दे देह को लकवा

उससे पहले ही कुछ बोलिए

वर्तमान, डरावना भूत न बने

इसलिए कुछ तो बोलिए

भविष्य से आँख भी मिला पाएँ

इसलिए उठिए और बोलिए।

अनिल सोडानी

Jharkhand Assembly Election
Latest
Videos
आपकी नज़र
एडवरटोरियल/ अतिथि पोस्ट
कानून
खेल
गैजेट्स
ग्लोबल वार्मिंग
चौथा खंभा
जलवायु परिवर्तन
जलवायु विज्ञान
तकनीक व विज्ञान
दुनिया
देश
पर्यावरण
बजट 2020
मनोरंजन
राजनीति
राज्यों से
लाइफ़ स्टाइल
व्यापार व अर्थशास्त्र
शब्द
संसद सत्र
समाचार
सामान्य ज्ञान/ जानकारी
साहित्यिक कलरव
स्तंभ
स्वास्थ्य
हस्तक्षेप

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

Leave a Reply