कहीं गुना और उभ्भा न बन जाएं घघरा – मजदूर किसान मंच

मजदूर किसान मंच ने दौरा कर जारी की रिपोर्ट, डीएम को भेजा पत्र

आदिवासी वासुदेव खरवार को पुश्तैनी जमीन से न उजाड़ने का निवेदन

सोनभद्र, 16 जुलाई 2020, बभनी के गांव घघरा में आदिवासी वासुदेव खरवार के पुश्तैनी खेत से प्रधान के शह पर बेदखल करने की अवैधानिक कार्यवाही कहीं मध्य प्रदेश के गुना और घोरावल के उभ्भा जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति जनपद में न करा दें। इसलिए जिला प्रशासन व सरकार को कार्यवाही करते हुए आदिवासी की पुश्तैनी जमीन पर से बेदखली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगानी चाहिए।

यह निवेदन घघरा गांव में मजदूर किसान मंच के नेता कृपा शंकर पनिका के नेतृत्व में गयी टीम द्वारा जांच करने के बाद तथ्यों के साथ जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट में किया गया है।

प्रेस को जारी बयान में टीम ने बताया कि गरीबी रेखा के नीचे आने वाले घघरा निवासी आदिवासी वासुदेव खरवार की बेदखल की जा रही भूमि पुश्तैनी है। इसकी पुष्टि आस-पास बसे ग्रामीणों ने लिखित रूप से टीम की। टीम ने देखा कि चार लड़कियों समेत कुल छः बच्चों के पिता वासुदेव का परिवार निहायत गरीब है और उसकी जीविका का साघन महज खेती है। टीम ने पाया कि गांव के घूसखोर प्रधान व उसका पति जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न जांचे भी चल रही है लेकिन इन जांचों में जांचोपरांत प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। प्रशासन के संरक्षण के कारण उसका मनोबल बढ़ा हुआ है और वह आदिवासियों के विरूद्ध कार्यवाही कर रहा है। वासुदेव के मामले में भी उसने स्थानीय लेखपाल के साथ मिलकर यह जानते हुए कि वासुदेव का परिवार पुश्तैनी रूप से जमीन पर खेती करता है उसे ‘एक गांव-एक बाग’ योजना के तहत दे दिया। जबकि प्रधान का राजस्व संहिता के अनुसार यह दायित्व था कि यदि यह जमीन ग्रामसभा में किन्हीं कारणों से दर्ज भी हो गई थी तो उसे धारा 125 के तहत कार्यवाही कर इस जमीन को वासुदेव को आवंटित कर देना चाहिए। लेकिन इस विधिक प्रक्रिया को अपना कर कार्यवाही करने की जगह बिना कोई नोटिस व सूचना दिए वासुदेव को उसकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल कर दिया गया। इस विधि विरूद्ध कार्यवाही के खिलाफ जिला प्रशासन को पत्रक दिए गए, एसडीएम दुद्धी से मुलाकात कर पीड़ित ने अपना पक्ष रखा और तहसीलदार से कई बार वार्ता की गयी पर आज तक बेदखली की कार्यवाही पर रोक नहीं लगी। उलटा तर्क दिया जा रहा है कि उसके पास तो जीविकोपार्जन के लिए पर्याप्त जमीन है। जबकि जो लोग दुद्धी को जानते होंगे वह सच जानते है कि दुद्धी की पहाड़ी, पथरीली भूमि में जमीन के आकार पर नहीं उसकी उत्पादकता पर आजीविका निर्भर करती है। इसलिए जांच टीम ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेजी है और तत्काल प्रभावी पहल लेकर वासुदेव की पुश्तैनी जमीन उसे देने की मांग की है और उसे उत्पीडित करने वाले राजस्व अधिकारी समेत प्रधान व उसके पति को दण्ड़ित करने की मांग की है। जांच टीम में बभनी के संयोजक इंद्रदेव खरवार, श्याम ज्ञान खरवार, देव कुमार खरवार आदि लोग शामिल रहे।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations