Home » Latest » गाजीपुर बॉर्डर : पुलिस ने बोईं कीलें वहां किसान लगाएंगे फूल
Ghazipur border: farmers will plant flowers near police forts.

गाजीपुर बॉर्डर : पुलिस ने बोईं कीलें वहां किसान लगाएंगे फूल

Ghazipur border: farmers will plant flowers near police forts.

नई दिल्ली, 5 फरवरी 2021. कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन जारी है, वहीं गणतंत्र दिवस के बाद से बॉर्डर्स पर पुलिस द्वारा सुरक्षा बढ़ाई गई है, इस दौरान कटीले तार और नुकीली कीलें भी गईं। अब इन्हीं कीलों के पास किसान फूल लगाएंगे।

गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पुलिस द्वारा लगाई गई नुकीली कीलों का जवाब ढूंढ लिया है जो कि बेहद दिलचस्प भी है।

दरअसल शुक्रवार शाम गाजीपुर बॉर्डर पर अचानक दो डंपर मिट्टी के मंगाए गए, बॉर्डर पर खड़ा हर कोई हैरान था कि आखिर ये क्यों मंगाई गई है। लेकिन कुछ मिनट बाद जो हुआ उसे देख हर कोई चौंक गया।

पुलिस द्वारा बॉर्डर पर जहां नुकीली कीलें लगाई गई थीं, वहीं पर इस मिट्टी को डलवाया गया। थोड़ी देर बाद राकेश टिकैत ने अपने हाथों में फावड़ा ले लिया और मिट्टी के ढ़ेर को बराबर करने लगे।

हालांकि आस पास खड़े किसानों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि

“पुलिस जहां कीलें लगायेंगी, हम वहीं फूल लगाएंगे।”

कुछ देर बाद नुकीली कीलों की जगह पर सांकेतिक फूल लगाए गए, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। हालांकि किसानों के अनुसार कल सुबह यहां फूल लगाएंगे।

राकेश टिकैत ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि,

“जो भी व्यक्ति आंदोलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं, वह अपने खेतों की मिट्टी साथ लेकर आए और जब यहां से वापस जाएं तो यहां की मिट्टी अपने साथ ले जाएं। फिर उस मिट्टी को खेतों में मिला दें।”

उन्होंने आगे कहा कि,

“युवाओं को मिट्टी से जोड़ना है, हर गांव में किसान क्रांतिकारी मिट्टी को पहुचाएंगे।”

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

Industry backs science based warning label on food packaging

उद्योग जगत ने विज्ञान आधारित खाद्य पैकेजिंग पर चेतावनी लेबल को दिया समर्थन

Industry backs warning label on science based food packaging नई दिल्ली, 16 मई 2022. गाँधी …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.