Home » Latest » कांग्रेस के आएंगे अच्छे दिन, 4 नाकारा नेता पुत्र जाएंगे सिंधिया के साथ
Jaipur: Congress leader Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference in Jaipur, on Dec 2, 2018. (Photo: Ravi Shankar Vyas/IANS)

कांग्रेस के आएंगे अच्छे दिन, 4 नाकारा नेता पुत्र जाएंगे सिंधिया के साथ

नई दिल्ली, 11 मार्च 2020 : क्या कांग्रेस के अच्छे दिन आने वाले हैं ?  अगर सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों को सच माना जाए तो कांग्रेस के अच्छे दिन आने वाले हैं क्योंकि कांग्रेस के लिए बोझ बन चुके चार नाकारा नेतापुत्र भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जाने वाले हैं।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि स्वर्गीय राजीव गाँधी के करीबी चार नेताओं के पुत्रों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से गुपचुप संपर्क किया है, इनमें दो उत्तर प्रदेश से, एक हरियाणा व एक मुम्बई से हैं। खास बात यह है कि ये सभी बड़े बाप के सुविधासंपन्न बेटे कांग्रेस पर बोझा हैं, जिनको गांधी परिवार ढो रहा है।

इन नेताओं में उत्तर प्रदेश से आरपीएन सिंह भी शामिल बताए जाते हैं। कुंवर आरपीएन सिंह के पिता कुंवर सीपीएन सिंह कुशीनगर से सांसद थे। वह 1980 में इंदिरा गांधी कैबिनेट में रक्षा राज्यमंत्री भी रहे। आरपीएन ने 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था तब मनमोहन सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। उन्हें कांग्रेस ने झारखंड का प्रदेश प्रभारी भी बनाया और वह भी झारखंड से राज्यसभा जाने के लिए उतावले हैं।

दूसरे नेता पुत्र कुंवर जितिन प्रसाद बताए जा रहे हैं। जितिन कांग्रेस के युवा नेताओं में से एक हैं, उन्हें पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। उनके पिता कुंवर जितेन्द्र प्रसाद उर्फ बाबा साहब भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पी.वी.नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं। जितेन्द्र प्रसाद यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की बर्बादी के लिए बाबा साहब को जिम्मेदार माना जाता है, क्योंकि उनके ही नजदीकी रहे नरेश अग्रवाल और जगदंबिका पाल ने यूपी में कांग्रेस तोड़कर भाजपा की सरकार बनवाई थी और उसके बाद से आज तक कांग्रेस यूपी में खड़ी नहीं हो सकी। जब सोनिया गांधी राजनीति में आईं और कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ी उस समय बाबा साहब सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़े। जितिन प्रसाद ने 2004 में शाहजहांपुर लोकसभा सीट से 14वीं लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की और साल 2008 में पहली बार जितिन प्रसाद केन्द्रीय राज्य इस्पात मंत्री नियुक्त किए गए।

तीसरे नेता पुत्र मिलिंद देवड़ा बताए जा रहे हैं। मिलिंद, राजीव गांधी के नजदीकी रहे मुरली देवड़ा के पुत्र हैं। ऐसा कहा जाता है कि मुरली देवड़ा, राजीव गांधी की मृत्यु के बाद गांधी परिवार से तभी मिले जब सोनिया गांधी राजनीति में स्थापित हो गए। मिलिंद 2004 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचित हुए। और यूपीए-2 में 30 अक्‍टूबर 2012 को वे केंद्रीय नौका-परिवहन के राज्‍यमंत्री बने। कहा जाता है कि सीएजी रिपोर्ट में नाम आने के बाद मुरली देवड़ा ने खुद मंत्रिमंडल स हटकर अपने बेटे के लिए रास्ता साफ किया। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईडी की जांच में पता चला है क‍ि म‍िल‍िद देवड़ा ने प्र‍ियंका गांधी की पेंटिंग खरीदने के ल‍िए यस बैंक के प्रमोटर राणा कपूर पर दबाव डाला था। इससे पहले भी मिलिंदा देवड़ा ने ‘हाउडी, मोदी’ कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी की तारीफ में ट्विटर पर लिखा था।

चौथे नेता पुत्र कुलदीप बिश्नोई बताए जा रहे हैं। कुलदीप, दल-बदल के माहिर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे हैं। कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी बनाने और उसमें भी बुरी तरह विफल रहने के बाद भाजपा के साथ गठबंधन कर चुके कुलदीप बिश्नोई को मुगालता रहता है कि हरियाणा उनके बाप की जागीर है और हरियाणा में पत्ता भी उनकी मर्जी से हिलना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भजनलाल के बेटों कुलदीप बिश्नोई और चंद्रमोहन बिश्नोई के गुरुग्राम स्थित 150 करोड़ के होटल को बेनामी संपत्ति के तहत जब्त किया था। यह संपत्ति ब्राइट स्टार होटल प्राइवेट लिमिटिड के नाम से खरीदी गई थी।

अब इन चारों नेता पुत्रों की मजबूरियां समझीं जा सकती हैं कि उनको भाजपा में क्यों जाना चाहिए। लेकिन अगर ये चारों चले जाते हैं, तो कांग्रेस के सिर से बड़ा बोझ उतरेगा और उसके अच्छे दिन आएंगे।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

monkeypox symptoms in hindi

जानिए मंकीपॉक्स का चेचक से क्या संबंध है

How monkeypox relates to smallpox नई दिल्ली, 21 मई 2022. दुनिया में एक नई बीमारी …