गूगल प्रसिद्ध शायर कैफ़ी आज़मी की 101 वीं जयंती मना रहा है, बनाया कैफ़ी आज़मी का डूडल

Google Doodle Celebrates Legendary Poet Kaifi Azmi’s 101st Birth Anniversary

Google Doodle: कैफ़ी आज़मी 20 वीं सदी के भारत के सबसे प्रसिद्ध कवियों में से एक थे।

14 जनवरी 2020 : कैफ़ी आज़मी का 101वां जन्मदिन

Kaifi Azmi’s 101st Birthday टुडे गूगल डूडल

आज के डूडल ने भारतीय कवि, गीतकार, और सामाजिक बदलाव के पक्षधर कैफ़ी आज़मी को उनके 101 वें जन्मदिन पर मनाया है। भावुक प्रेम कविताओं और एक्टिविस्ट वर्सेज से लेकर बॉलीवुड गानों के बोल और स्क्रीनप्ले तक के काम के साथ, आज़मी भारत में 20 वीं सदी के सबसे प्रसिद्ध कवियों में से एक बन गए हैं, और उनके मानवीय प्रयास आज भी लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं।

कैफी आजमी का जन्म 1919 में भारत के उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले में सैयद अतहर हुसैन रिज़वी के यहाँ हुआ था। 11 साल की उम्र में, उन्होंने अपनी पहली कविता, एक ग़ज़ल-शैली की रचना की।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 1942 के भारत छोड़ो स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरित होकर, वह बाद में एक उर्दू अखबार के लिए लिखने के लिए बॉम्बे (अब मुंबई) के लिए रवाना हुए। इसके बाद उन्होंने अपना पहला कविता संग्रह, झंकार (1943) प्रकाशित किया, साथ ही प्रभावशाली प्रगतिशील लेखक संघ के सदस्य बने, जिन्होंने लेखन का उपयोग सामाजिक आर्थिक सुधारों को प्राप्त करने के लिए किया।

आज़मी बहुविध रचनाकार थे और उन्होंने अपने योगदान के लिए कई पुरस्कार जीते, जिनमें गर्म हवा (1973) के लिए तीन फिल्मफेयर पुरस्कार, साहित्य और शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार (1974), और भारत के सर्वोच्च सम्मानों में से एक, साहित्य अकादमी फेलोशिप (2002) प्रमुख हैं।

अपनी शुरुआती और सबसे प्रसिद्ध कविताओं में से एक, “औरत,” में आजमी ने महिलाओं की समानता की वकालत की, जिसका उन्होंने जीवनपर्यंत समर्थन किया।

उन्होंने ग्रामीण महिलाओं और परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न शैक्षिक पहलों का समर्थन करने के लिए एनजीओ मिजवान वेलफेयर सोसाइटी (MWS) की भी स्थापना की और आज भी MWS अपने संस्थापक की भावना में अपना काम जारी रखे हुए है।

प्रखियात अभिनेत्री शबाना आज़मी उनकी पुत्री हैं।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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