वित्तीय पूंजी के हितों के लिए किसानों के दमन से बाज आए सरकार

वित्तीय पूंजी के हितों के लिए किसानों के दमन से बाज आए सरकार

किसान-मजदूर विरोधी कानून वापस ले मोदी सरकार – एआईपीएफ

पूरे प्रदेश में एआईपीएफ कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

लखनऊ, 26 नवम्बर 2020 : किसान विरोधी तीन कानून और मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग पर आयोजित अखिल भारतीय विरोध दिवस के तहत आज आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को पत्रक भेजा।

एआईपीएफ कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, आगरा, कासगंज, पीलीभीत, आजमगढ़, इलाहाबाद, मऊ, गोण्ड़ा, बस्ती, लखनऊ आदि जनपदों में केन्द्र सरकार द्वारा किसान विरोधी तीन कानूनों और मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं को वापस लेने की मांग के साथ मनरेगा में सौ दिन रोजगार, समयबद्ध मजदूरी भुगतान, सहकारी खेती की मजबूती, वनाधिकार कानून के तहत जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अधिकार, काले कानूनों के खात्मे, 181 हेल्पलाइन व महिला समाख्या को चालू करने, कोल को आदिवासी का दर्जा देने आदि मांगों को भी उठाया।

इस बात की जानकरी प्रेस को जारी अपने बयान में एआईपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आई. जी. एस. आर. दारापुरी ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में दिल्ली पहुंच रहे किसानों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार द्वारा बार्डर पर रोक कर लाठीचार्ज करने, आंसू गैंस फेंकने, पानी बौछार करने और गिरफ्तार करने की एआईपीएफ कार्यकर्ताओं ने कड़ी निंदा की है।

प्रदर्शन में नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों के दमन से बाज आना चाहिए और देशी विदेशी कारपोरेट घरानों व वित्तीय पूंजी के मुनाफे के लिए लाए किसान, मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लेना चाहिए।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन का नेतृत्व लखीमपुर खीरी में एआईपीएफ के प्रदेश अध्यक्ष डा. बी. आर. गौतम, सीतापुर में एआईपीएफ के महासचिव डा. बृज बिहारी, मजदूर किसान मंच नेता सुनीला रावत, युवा मंच के नागेश गौतम, अभिलाष गौतम, सोनभद्र प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कोल, कृपाशंकर पनिका, राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, आगरा में वर्कर्स फ्रंट उपाध्यक्ष ई. दुर्गा प्रसाद, चंदौली में अजय राय, आलोक राजभर, गंगा चेरो, रामेश्वर प्रसाद, लखनऊ में उपाध्यक्ष उमाकांत श्रीवास्तव, हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के एडवोकेट अतहर फैज खान, कमलेश सिंह व विजय सिंह, गोंड़ा में साबिर हुसैन, बस्ती में एडवोकेट राजनारायण मिश्र, मिर्जापुर में गुलाब सिंह गोंड़, पीलीभीत में वर्कर्स फ्रंट नेता रेनू शर्मा, खुशबू जहां, कासगंज में पार्वती कुशवाहा, रायबरेली में साधना रावत, बिजनौर में खुशबू व खुशनसीब आदि ने जगह-जगह हुए प्रदर्शनों का नेतृत्व किया।

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