राष्ट्रपिता के प्रपौत्र बोले – सावरकर एक माफी लेखक थे, स्वतंत्रता सेनानी नहीं

Great-grandson of Father of the Nation, Tushar Gandhi attacks on VD Savarkar and BJP

नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2019. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा सावरकर का नाम लेकर भाजपा पर हमले से तिलमिलाई भाजपा अभी संभल भी न पाई थी कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी (Great-grandson of Father of the Nation, Tushar Gandhi) ने एक और हमला बोलते हुए कहा है कि “सावरकर एक माफी लेखक थे, स्वतंत्रता सेनानी नहीं।”

तुषार गांधी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लगातार तीन ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा –

“सावरकर एक माफी लेखक थे, स्वतंत्रता सेनानी नहीं।“

दूसरे ट्वीट में तुषार गांधी ने लिखा –

“यदि कमल एक सुरक्षा विशेषता है तो कमल के कटआउट को सीमा पर क्यों नहीं लगाया जाता है?”

एक अन्य ट्वीट में तुषार गांधी ने लिखा –

“अगर सावरकर के बारे में राहुल गांधी की टिप्पणी से शिवसेना नाराज है, तो वे महाराष्ट्र में गठबंधन से बाहर क्यों नहीं निकल रहे हैं?”

बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की माफी की मांग पर तंज कसते हुए कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, वह राहुल गांधी हैं और माफी नहीं मांगेंगे।

राहुल गांधी यहां पार्टी की ओर से यहां रामलीला मैदान में आयोजित ‘भारत बचाओ रैली‘ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा,

“कल संसद में भाजपा के नेता मुझसे माफी की मांग कर रहे थे। लेकिन मैं उन्हें बता देना चाहता हूं कि मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है, मैं राहुल गांधी हूं। मैं माफी नहीं मागूंगा।”

राहुल का इशारा हिंदुत्ववादी नेता दिवंगत विनायक दामोदर सावरकर द्वारा 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को लिखे गए माफी के पत्र की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान के सेलुलर जेल में बंद रहने के दौरान लिखा था।

आरएसएस के महापुरुष, हिन्दुत्व के जनक ‘वीर’ सावरकर के 1913 और 1920 के माफ़ीनामों का मूल-पाठ यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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