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उदयपुर में एक रात : यात्रा वृतांत

List of Tourist Attractions | Tourist Places To Visit in Udaipur

किसी खास वजह से एक दिन के लिए उदयपुर जाना था। लेकिन इसे गलती कहूँ या मेरा सौभाग्य की वहां दो दिन बिता आया। जाना था जापान पहुंच गए चीन समझ गए ना गाने जैसा हाल हो गया। हालांकि पहुंचे हम वहीं जाना था लेकिन बस तारीख गलत पड़ गई। एक दिन पहले पहुंच गए। अब आ गए तो आ गए। इसी बहाने से कुछ एक आध जगह घूम भी लिए।

उदयपुर को किस नाम से जाना जाता है

उदयपुर, झीलों की नगरी और वर्तमान में वर्ल्ड हेरिटेज सिटी (World heritage city) का दर्जा पाने के लिए बेताब शहर। इस शहर की बेताबी बताती है कि यह कितना खूबसूरत है।

भारत के खूबसूरत शहरों में क्यों गिना जाता है उदयपुर

यूँ ही यह भारत के खूबसूरत शहरों में नहीं गिना जाता। राजस्थान के दक्षिण में बसा सिसोदिया वंश के महाराज उदयसिंह और सिसोदिया राजवंश के द्वारा शासित, संचालित मेवाड़ की राजधानी रहा यह क्षेत्र अपनी ओर बरबस खींचता है। फतेह सागर झील किनारे घूमना और बैठना सुकून तो देता ही है साथ ही लगता है जैसे समुद्र किनारे बैठे हों।

वर्ष 1553 में इस शहर को राजा उदय सिंह ने बसाया और एक कारण यह महाराणा प्रताप के प्रताप के कारण भी जाना जाता है।

उदयपुर में घूमने की जगह

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‘झीलों के शहर’ के रूप में विख्यात उदयपुर अपने शानदार किलों, मंदिरों, खूबसूरत झीलों, महलों, संग्रहालयों और वन्यजीव अभयारण्यों के लिए भी प्रसिद्ध है। अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा के लिए विख्यात यह शहर भारत का प्रमुख पर्यटन स्थल भी है।

अगर आप उदयपुर में किसी काम से है और आपके पास घूमने के लिए सिर्फ दो दिन हैं, तो आप  सिटी पैलेस घूम सकते हैं, फतेह सागर में बोटिंग का लुत्फ उठा सकते हैं, इसके अलावा आपके पास रुपए हैं तो खरीददारी के लिए भी अच्छी जगह है उदयपुर

उदयपुर का किला किसने बनवाया था | उदयपुर का इतिहास हिंदी में

अगर आप इतिहास को जानने के इच्छुक हैं तो यह जगह बेहद पसंद आयेगी। यहां बना सिटी पैलेस राजस्थानी वास्तुकला का सर्वश्रेष्ठ नमूना है। इस महल का खास हिस्सा है शीश महल। जिसका निर्माण महाराणा प्रताप ने अपनी पत्नी के लिए करवाया था। यह खूबसूरत पैलेस पर्यटकों के लिए हफ्ते के सभी दिन सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक खुला रहता है। इस खूबसूरत से महल को देखने के लिए आपको 30 रूपये का शुल्क अदा करना होगा। कैमरा ले जाना चाहते हैं साथ में यादों को संजोने के लिए तो उसके लिए अलग से मूल्य देना होगा।

इसके अलावा आप फ़तेहसागर झील में बोटिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।

उदयपुर में रहते हुए अगर अपने फतेहसागर झील बोटिंग मिस कर दी तो जनाब आपने काफी कुछ मिस कर दिया। अगर आप बोटिंग के शौक़ीन है, तो इस झील में शाम के समय बोटिंग का मजा लेते हुए डूबते हुए सूरज को देखना एक अलग ही बात है। साथ ही आप इस झील के किनारे बैठकर भी इस झील की खूबसूरती का आनन्द उठा सकते हैं।

एक और अच्छी जगह है फतेह प्रकाश पैलेस पिछोला झील के पास बना यह पैलेस अब एक हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया है। यह मेवाड़ के महाराणा फतेह सिंह के नाम पर नामित किया गया था।

जग मंदिर भी एक खूबसूरत महल है यह भी पिछोला झील के आइलैंड पर बना हुआ है। एक बेहद ही खूबसूरत महल जिसे देखने या घूमने के लिए आपको खास मंजूरी चाहिए होती है। खूबसूरत पैलेस तक एक नौका लेकर जाया जा सकता है।

वर्ल्ड हैरिटेज का दर्जा पाने के लिए बेताब यह शहर विकास और ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के लिए जिम्मेदार नेताओं, लोगों की ओर से कई प्रयास करने का दंभ भी भरता है लेकिन इस शहर को  आज तक हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने में काई विशेष प्रयास हुए हों या मेहनत रंग लाई हो ऐसा कुछ नहीं दिखता।

Lake City Udaipur

लेक सिटी उदयपुर अपनी प्राकृतिक और सामरिक सुंदरता के लिए देश और दुनिया में विख्यात भी है। यहां की खूबसूरत झीलें, पैलेस, किले और हरी-भरी पहाड़ियों को देखने हर साल हजारों की संख्या में सैलानी यहाँ पहुंचते हैं।

यहां एक झील का पानी ओवर फ्लो होकर दूसरी झील को भरता है। जो दुनिया में जल संरक्षण का बेहद अनूठा उदाहरण पेश करता हैं। शहर की सभी झीलें एक-दूसरे से इन तरह से जुड़ी हुई है कि एक झील के लबालब होने के बाद उसका पानी ओवर फ्लो होकर दूसरी झील को भरता है। 

तेजस पूनियां

लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।

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हमारे बारे में तेजस पूनियां

तेजस पूनियां लेखक फ़िल्म समीक्षक, आलोचक एवं कहानीकार हैं। तथा श्री गंगानगर राजस्थान में जन्में हैं। इनके अब तक 200 से अधिक लेख विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। तथा एक कहानी संग्रह 'रोशनाई' भी छपा है। प्रकाशन- मधुमती पत्रिका, कथाक्रम पत्रिका ,विश्वगाथा पत्रिका, परिकथा पत्रिका, पतहर पत्रिका, जनकृति अंतरराष्ट्रीय बहुभाषी ई पत्रिका, अक्षरवार्ता अंतरराष्ट्रीय मासिक रिफर्ड प्रिंट पत्रिका, हस्ताक्षर मासिक ई पत्रिका (नियमित लेखक), सबलोग पत्रिका (क्रिएटिव राइटर), परिवर्तन: साहित्य एवं समाज की त्रैमासिक ई-पत्रिका, सहचर त्रैमासिक पीयर रिव्यूड ई-पत्रिका, कनाडा में प्रकाशित होने वाली "प्रयास" ई-पत्रिका, पुरवाई पत्रिका इंग्लैंड से प्रकाशित होने वाली पत्रिका, हस्तक्षेप- सामाजिक, राजनीतिक, सूचना, चेतना व संवाद की मासिक पत्रिका, आखर हिंदी डॉट कॉम, लोक मंच, बॉलीवुड लोचा सिने-वेबसाइट, साहित्य सिनेमा सेतु, पिक्चर प्लस, सर्वहारा ब्लॉग, ट्रू मीडिया न्यूज डॉट कॉम, प्रतिलिपि डॉट कॉम, स्टोरी मिरर डॉट कॉम, सृजन समय- दृश्यकला एवं प्रदर्शनकारी कलाओं पर केन्द्रित बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय द्वैमासिक ई- पत्रिका तथा कई अन्य प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं, ब्लॉग्स, वेबसाइट्स, पुस्तकों आदि में 300 से अधिक लेख-शोधालेख, समीक्षाएँ, फ़िल्म एवं पुस्तक समीक्षाएं, कविताएँ, कहानियाँ तथा लेख-आलेख प्रकाशित एवं कुछ अन्य प्रकाशनाधीन। कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में पत्र वाचन एवं उनका ISBN नम्बर सहित प्रकाशन। कहानी संग्रह - "रोशनाई" अकेडमिक बुक्स ऑफ़ इंडिया दिल्ली से प्रकाशित। सिनेमा आधारित संपादित पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य -अमन प्रकाशन (कानपुर) अतिथि संपादक - सहचर त्रैमासिक पीयर रिव्यूड पत्रिका

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