Home » Latest » जानिए गौरैया और मनुष्य का साथ कैसे हुआ
Sparrow, घरेलू गौरैया, Domestic sparrow,House sparrow,

जानिए गौरैया और मनुष्य का साथ कैसे हुआ

House sparrows are closely associated with humans and are found across the world.

घरेलू गौरैया – हाउस स्पैरो (पैसर डोमेस्टिक- House sparrows Passer domesticus), एक बहुत ही परिचित पक्षी प्रजातियां हैं। यदि आप किसी भी प्रमुख यूरोपीय शहर, भारत या शहर की सड़क पर चलते हैं, तो आप उन्हें आगे-पीछे, भोजन के स्क्रैप उठाते और पास की इमारतों में घोंसले बनाते हुए देखेंगे। यह खेतों पर और ग्रामीण इलाकों में भी एक आम दृश्य हैं।

क्या गौरैया एक पालतू जीव है ? | चिड़िया का महत्व

जहां-जहां मुनष्य रहते हैं, गौरैया भी रहती है। वैसे जीव वैज्ञानिकों का कहना है कि गौरैया एक पालतू जीव नहीं है किंतु मनुष्य के निकट रहती है। और वैज्ञानिक यह समझने का प्रयास करते रहे हैं कि गौरैया और मनुष्य के इस साथ का राज क्या है।

पृथ्वी के हर हिस्से में पाई जाती है घरेलू गौरैया | Domestic sparrow is found in every part of the earth

आम तौर पर देखी जानी वाली घरेलू गौरैया अंटार्कटिका महाद्वीप के अलावा पृथ्वी के हर हिस्से में पाई जाती है। नन्ही सी यह चिड़िया आम तौर पर घरों के आसपास, गलियों में फुदकती और मनुष्यों द्वारा छोड़े/फेंके गए भोजन को चुगते हुए दिख जाएगी। इसका हमारा साथ इतना पुराना है कि प्राचीन साहित्य में भी यह नजर आती है।

How is it that this small, charismatic bird has become so closely associated with us?

ओस्लो विश्वविद्यालय (यूआईओ) में सेंटर फॉर इकोलॉजिकल एंड एवोल्यूशनरी सिंथेसिस (सीईईएस)- Researchers at the Centre for Ecological and Evolutionary Synthesis (CEES) at the University of Oslo (UiO) के शोधकर्ता मार्क रैविनेट और उनके साथियों ने गौरैया के इस व्यवहार की छानबीन जेनेटिक दृष्टि से की है और कुछ आश्चर्यजनक परिणाम प्रकाशित किए हैं।

अपने अध्ययन HOW THE HOUSE SPARROW CAME TO BE के लिए उन्होंने यूरोप और मध्य-पूर्व में पाई जाने वाली विभिन्न गौरैया प्रजातियों को पकड़ा। इनमें 46 घरेलू गौरैया, 43 स्पैनिश गौरैया, 31 इटालियन गौरैया और 19 बैक्ट्रिएनस गौरैया थीं। इन सभी के रक्त के नमूने लिए गए।

रक्त के नमूनों से डीएनए प्राप्त किया गया और फिर प्रत्येक के डीएनए में क्षारों का अनुक्रम पता लगाया गया। जब उन्होंने घरेलू गौरैया और बैक्ट्रिएनस गौरैया के डीएनए अनुक्रमों की तुलना की तो पता चला कि उनके दो जीन्स में प्रमुख रूप से अंतर होते हैं।

एक जीन तो वह था जो घरेलू गौरैया को मंड को पचाने की क्षमता प्रदान करता है। यह जीन एक एंज़ाइम एमायलेज़ का निर्माण करवाता है।

यह एंजाइम मनुष्यों के अलावा उसके पालतू जानवर कुत्ते में भी पाया जाता है। इस जीन व उसके द्वारा बनाए गए एंज़ाइम की बदौलत घरेलू गौरैया अनाज के दानों को खाकर पचा सकती है। दूसरा परिवर्तन ऐसे जीन में देखा गया जो खोपड़ी का आकार निर्धारित करता है। इस परिवर्तन की वजह से घरेलू गौरैया अनाज के सख्त दानों को फोड़ सकती है।

‘Signatures of human commensalism in the house sparrow genome’, Proceedings of the Royal Society of London

अपने अध्ययन के परिणाम प्रोसीडिंग्स ऑफ दी रॉयल सोसायटी-बी (Proceedings of the Royal Society B: Biological Sciences) में प्रकाशित करते हुए शोधकर्ताओं ने कहा है कि वे इन जीन्स और गौरैया के व्यवहार में परिवर्तन की जांच और बारीकी से करना चाहते हैं।

मार्क रैविनेट (Mark Ravinet,) के मुताबिक “हमें कई जीन मिले, जो घर के गौरैया में हाल ही में प्राकृतिक चयन के तहत मजबूत लगते हैं, लेकिन इसके जंगली करीबी रिश्तेदार में नहीं।”

11,000 साल पहले अलग हुई थीं घरेलू गौरैया और बैक्ट्रिएनस गौरैया (Domestic Goraiya and Bactrianus Goraiya)

जेनेटिक विश्लेषण से एक बात और सामने आई है कि घरेलू गौरैया और बैक्ट्रिएनस गौरैया (House sparrow and Bactrianus sparrow) एक-दूसरे से करीब 11,000 साल पहले अलग हुई थीं। यह नव-पाषाण युग का प्रारंभिक काल था और लगभग इसी समय मध्य-पूर्व में खेती की शुरुआत हुई थी। अर्थात विकास की दृष्टि से एक नया पर्यावरणीय परिवेश उभर रहा था।

हमारे बारे में देशबन्धु

Deshbandhu is a newspaper with a 60 years standing, but it is much more than that. We take pride in defining Deshbandhu as ‘Patr Nahin Mitr’ meaning ‘Not only a journal but a friend too’. Deshbandhu was launched in April 1959 from Raipur, now capital of Chhattisgarh, by veteran journalist the late Mayaram Surjan. It has traversed a long journey since then. In its golden jubilee year in 2008, Deshbandhu started its National Edition from New Delhi, thus, becoming the first newspaper in central India to achieve this feet. Today Deshbandhu is published from 8 Centres namely Raipur, Bilaspur, Bhopal, Jabalpur, Sagar, Satna and New Delhi.

Check Also

Coronavirus Outbreak LIVE Updates, coronavirus in india, Coronavirus updates,Coronavirus India updates,Coronavirus Outbreak LIVE Updates, भारत में कोरोनावायरस, कोरोना वायरस अपडेट, कोरोना वायरस भारत अपडेट, कोरोना, वायरस वायरस प्रकोप LIVE अपडेट,

रोग-बीमारी-त्रासदी पर बंद हो मुनाफाखोरी और आपदा में अवसर, जीवन रक्षक दवाओं पर अनिवार्य-लाइसेंस की मांग

जीवन रक्षक दवाओं पर अनिवार्य-लाइसेंस की मांग जिससे कि जेनेरिक उत्पादन हो सके Experts demand …

Leave a Reply