Best Glory Casino in Bangladesh and India! 在進行性生活之前服用,不受進食的影響,犀利士持續時間是36小時,如果服用10mg效果不顯著,可以服用20mg。
जानिए फूलों से फल कैसे बनते हैं?

जानिए फूलों से फल कैसे बनते हैं?

फूल कैसे फल बनाते हैं?

हम सभी जानते हैं कि पौधों पर फूल लगते हैं और फूल ही फल बन जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फूल फल में कैसे परिवर्तित हो जाते है? आइए, जानते हैं।

फूल पौधे का कौन सा अंग होता है? किसी भी फूल के कितने भाग होते हैं?

फूल पौधे का प्रजनन अंग है जिससे पौधों में लैंगिक प्रजनन की क्रिया (sexual reproduction in plants) होती हैं। किसी भी फूल के चार भाग होते हैं। आपने देखा होगा कि फूल के नीचे की तरफ हरे रंग की पंखुड़ी जैसी रचना होती है जिसमें फूल खिलने से पहले बंद होता है। उसे बाह्यदलपुंज (calyx in biology) कहते हैं।

पुंकेसर क्या है?

दूसरा भाग फूल की पंखुड़ियां या दलपुंज होता है जो हमें फूल के रंग में ही दिखता है। जिनकी संख्या एक या एक से अधिक हो सकती है। फूल के डंठल पर पंखुड़ियों के बीच में कुछ लंबे-लंबे सूत्र जैसी रचनाएं निकलती हैं, जिनके ऊपरी सिरे थोड़े गोल या फूले हुए होते हैं। इन्हें पुंकेसर कहते हैं। पुंकेसर (stamens in flowers) फूल का नर भाग होता है।

जानिए परागण की प्रक्रिया के बारे में

पुंकेसर के ऊपरी सिरे पर स्थित फूले हुए भाग को परागकोश कहते हैं और प्रत्येक परागकोश में दो पिंड होते हैं, जिन्हें परागकण कहते हैं। फूल के अंदर ही सुराही जैसी संरचना होती है जिससे फूल की पंखुड़ियां निकली हुई होती हैं। यह फूल का मादा भाग होता है। जो अंडप/ कार्पेल कहलाता है। इसके ऊपर का हिस्सा वर्तिकाग्र और इसकी नली जैसी संरचना वर्तिका कहलाती है तथा नीचे की तरफ का अंडाकार हिस्सा अंडाशय कहलाता है।

अंडाशय में उपस्थित अंडे जैसी संरचना बीजांड कहलाती है।

फूल के परिपक्व होने पर इसके पुंकेसर स्थित परागकोश से निकले परागकणों को कार्पेल के वर्तिकाग्र तक पहुँचने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता पड़ती है जिससे कि परागण की प्रक्रिया शुरू हो सके। जैसे कि हवा, कीड़े-मकोड़ों, तितलियों या फिर चमगादड़ों की, जो फूलों का रस पीने की चाहत में फूलों के पास आते हैं और इनके ज़रिए परागण होता है यानी नर और मादा कणों का मेल होता है और बाद में जिनके विकास से फूल से फल बनता हैं। अर्थात् परागण क्रिया के कारण ही फूल का स्त्री जननकोश अंडाशय निषेचन की प्रक्रिया द्वारा रूपान्तरित होकर फल का निर्माण करता है।

जब फल बनते हैं तो मुख्य रूप से तीन तरह के होते हैं – साधारण फल, गुच्छेदार फल और बहुखण्डित फल।

साधारण फल, जिनमें फल भित्ति का कुछ भाग या पूरी भित्ति ही पकने पर मांसल (गूदेदार) हो जाती है जो कि सामान्य गूदेदार फल कहलाते हैं।

रसभरी, गुच्छेदार फल का उदाहरण है और बहुखण्डित फल, फूलों के एक समूह (एक पुष्पक्रम) से गठित होता है। हर फूल एक फल का निर्माण करता है लेकिन यह सब एक एकल पिंड के रूप में परिपक्व होते हैं। इनके उदाहरण हैं, अनन्नास, खाद्य अंजीर, शहतूत।

– पूनम त्रिखा

(मूलतः देशबन्धु में प्रकाशित लेख का किंचित् संपादित रूप साभार)

How do flowers make fruits?

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner