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आरएसएस-भाजपा की सरकार ‘हिन्दू’ विरोधी कैसे है?

How is the RSS-BJP government anti-Hindu?

आरएसएस-भाजपा की यह सरकार हिन्दू विरोधी है क्योंकि…

1. योगी-मोदी की मौजूदा सरकार ने शहरों का विकास करने के नाम पर वाराणसी स्थित प्राचीन मंदिरों को न केवल तोड़ा, नष्ट किया बल्कि स्थापित मूर्तियों को अपमानित भी किया. वाराणसी में ऐसा कई मंदिरों के साथ हुआ. क्या कोई दल यह दावा कर सकता है कि उसने अयोध्या में राम मंदिर बनवाकर ‘रामजी’ को महल में स्थापित करवाया? क्या कोई दल भगवान राम से बड़ा हो सकता है? और क्या कोई हिन्दू ऐसा कह-कर सकता है?

2. उत्तर प्रदेश में ‘हिन्दू सरकार’ होने की एक प्रायोजित और झूठी अफवाह फैला कर प्रदेश के 75 फीसद आबादी वाले हिन्दू समुदाय को उनकी सामाजिक, आर्थिक और सियासी भागीदारी से वंचित करने तथा कुछ पूंजीपतियों को देश के समस्त संसाधन को किसी भी तरह से सौंप देने का आपराधिक ‘कुचक्र’ रच रही है. यह आजादी की लड़ाई में शहीद हुए ‘हिन्दुओं’ का भी अपमान है. क्या कोई हिन्दू सरकार ऐसा ‘अपमान’ कर सकती है?

3. बेतहाशा महंगाई है. लोगों की आय गिर गई है और घरों में कुपोषण फ़ैल गया है. इसका खामियाजा कुपोषण के रूप में जहाँ प्रदेश की बहुसंख्यक ‘हिन्दू’ जनता उठा रही है वहीँ भाजपा इस मुद्दे पर मौन है. क्या कोई हिन्दू सरकार अपने ही हिन्दू भाइयों के खिलाफ ऐसा कर सकती है?

4. आज प्रदेश के पढ़े लिखे इस बहुसंख्यक ‘हिंदू’  समुदाय के पास नौकरी के अवसर नहीं हैं. बेहतर शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल, कालेज नहीं हैं. स्वास्थ्य सेवा की नाकाम असलियत से हम कोरोना के भीषण आक्रमण के दौर में दो-चार हो चुके हैं. नौकरीपेशा तबके की सामाजिक सुरक्षा को लगातार ख़त्म किया जा रहा है. मतलब यह कि इस ‘हिन्दू’ समुदाय की आय और सामाजिक बेहतरी का सूचकांक लगातार गिर रहा है, लेकिन योगी-मोदी दोनों चुप हैं. फिर यह किस तरह से हिन्दू सरकार हुई?

कैसी हिन्दू सरकार है यह?

4. संदिग्ध पुलिस एनकाउंटर (हत्या) द्वारा इस समुदाय को लगातार आतंकित किया जा रहा है ताकि कोई भी इस सरकार की मनमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करे. ख़ुशी दुबे के पूरे प्रकरण, दलितों और पिछड़ों के फर्जी एनकाउंटर के कई मामलों में हम यह सब साफ-साफ़ देख चुके हैं. पुलिस तंत्र को हत्यारों के गिरोह में तब्दील किया जा चुका है जो बहुसंख्यक हिन्दू समाज का शिकार कर रही है. आंकड़े गवाह हैं कि हिन्दुओं का सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुआ है, फिर यह कैसी हिन्दू सरकार है?

5. गाय जब खूंटे पर किसान के घर बंधी हो तभी अच्छी लगती है. सड़कों पर आवारा घूमने वाली, फसल चरने वाली, सड़क हादसे का कारण बनने वाले गोवंश अभिशाप होते हैं. योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन गौवंशों को दुर्गति की इस स्थिति में खड़ा किया है. इसके पीछे भ्रष्ट गौशाला माफियाओं का ‘नेक्सस’ है. गायें इनके चंगुल में भूख प्यास से मरने को मजबूर हैं. जो बची हैं छुट्टा घूमकर इन्हीं बहुसंख्यक हिन्दुओं का ही खेत चर-खा रही हैं. दरबदर भटकती गायें हिन्दुओं की आस्था का भी घोर अपमान है. कोई हिन्दू सरकार ऐसा नहीं कर सकती है? यही नहीं, बुंदेलखंड में गायों को जिंदा दफन करवाया गया है.

6. योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा ‘हिन्दू’ हितैषी सरकार होने के नाम पर प्रदेश के दलितों, पिछड़ों को समाज में बांटा जा रहा है. क्या एक सच्ची हिन्दू सरकार ऐसा काम कर सकती है?

7. बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय, जिसमें हम रहते हैं उसे सामाजिक, आर्थिक और सियासी तौर पर क्या चाहिए? आखिर ऐसा क्यों है कि यह सरकार आप से बात किये बिना आपके लिए न केवल झूठे, स्तरहीन सियासी ‘एजेंडे’ तय कर रही है बल्कि इसके आड़ में आपकी पीढ़ियों को मानसिक रूप से पंगु बना रही है? प्रदेश के लगभग एक लाख प्राइमरी स्कूलों में एक ही अध्यापक क्यों हैं? इतनी स्तरहीन शिक्षा ‘हिन्दू सरकार’ होने के ‘झूठे’ दावे के नाम पर दी जा रही है. क्या हम चुप रहकर अपने इस समुदाय की ‘शैक्षिक’ तबाही को ख़ामोशी से यूँ ही देखते रहेंगे?

8. अगर यह एक ‘हिन्दू सरकार’ है तो बहुसंख्यक हिन्दुओं के सामाजिक, आर्थिक, सियासी बेहतरी के बुनियादी सवालों पर बात करने से यह सरकार क्यों भागती है? क्या सिर्फ भय और आतंक को फ़ैलाने की राजनीति से हिन्दू समुदाय का भला हो पायेगा? क्या इन बुनियादी बातों को इसलिए नजरअंदाज किया जायेगा क्योंकि देश में एक हिन्दू सरकार होने का ‘झूठा’ भ्रम फैलाया गया है?

9. आज सबसे जरूरी क्या है?

क्या आजादी को लेकर हमारे पुरखों ने जो सपना देखा था, बलिदान दिया था- उस पर योगी सरकार आगे बढ़ रही है? कोई नाथूराम, जो गाँधी जी का हत्यारा है- हिन्दुओं का आदर्श कैसे हो सकता है?

10. क्या हिन्दूवादी बनकर सावरकर मार्का ये राष्ट्रद्रोही बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय के सपनों को सिर्फ ‘मुसलमानों’ का काल्पनिक भय दिखाकर तबाह करते रहेंगे? क्या अंग्रेजपरस्त सावरकर के ये वंशज सिर्फ हिन्दू सरकार के नाम पर हमारी मूल जरूरतों जैसे रोजी, रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, सुरक्षा, दवाई को दरकिनार करके यूँ ही खेलेंगे? इसलिए यह सरकार अब तक की सबसे बड़ी हिन्दू विरोधी सरकार है.

असल में वसुधैव-कुटुम्बकम की नीति पर चलने वाले हिन्दू समाज को अपने सियासी फायदे के लिए मुस्लिम विरोध तक सीमित कर देना वैश्विक स्तर पर हिन्दुओं की छवि का सबसे बड़ा नुकसान है.

इसलिए, अब इस हिन्दू विरोधी सरकार को 2022 विधानसभा चुनाव में एक मौका और देने की गलती प्रदेश का हिन्दू समुदाय नहीं कर सकता. हिंदूवादी सरकार होने का ढोंग बेनकाब हो चुका है. इस सरकार को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है. अवसर का इस्तेमाल कर हिन्दू समुदाय द्वारा अपनी की गई गलतियों का प्रायश्चित किया जाना चाहिए.

हरे राम मिश्र

लेखक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी हैं।

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