Home » Latest » जानिए हवा का वजन कितना है?
Science news

जानिए हवा का वजन कितना है?

Know how much air weighs?

क्या हवा का वजन होता है? Does air weigh? क्या हवा में वजन है? हवा में कितना वजन होता है?

समुद्र के पानी जितना विशाल हवा का भंडार  हमारी धरती पर भी फैला पड़ा है। औसत कद काठी के एक मनुष्य के कंधों पर तकरीबन एक टन वजन हवा का दबाव (one ton weight air pressure) पड़ता है, लेकिन हमें यह बोझ महसूस नहीं होता क्योंकि लगभग इतनी ही हवा हमारे आसपास से भी दबाव डालती रहती है और यह दबाव सभी तरफ से हम पर पड़ता है।

ऊंचाई पर कम हो जाता है हवा का दबाव | ऊंचाई पर चढ़ाई करते समय हम हांफने क्यों लगते हैं?

सामान्यत: समुद्र तल पर प्रति वर्ग इंच हवा का दबाव 14.7 पौंड रहता है। जैसे-जैसे समुद्र तल से ऊंचाई (height above sea level) की तरफ बढ़ते चलते हैं तो हवा का दबाव (air pressure) तेजी से कम होता जाता है। जैसे 10 हजार फीट की ऊंचाई पर हवा का दबाव 10 पौंड प्रति वर्ग इंच रह जाता है। इसी तरह 29 हजार फीट की ऊंचाई (एवरेस्ट की ऊंचाई) पर यह दबाव केवल 4.5 पौंड प्रति वर्ग इंच रह जाता है। इसीलिए ऊंचाई पर चढ़ाई करते समय हम हांफने लगते हैं।

पर्वतारोही अतिरिक्त ऑक्सीजन लेकर क्यों चलते हैं? | Why do climbers carry extra oxygen?

पर्वतारोही अपने साथ अतिरिक्त ऑक्सीजन लेकर चलते हैं क्योंकि ऊंचाई पर हवा का घनत्व कम हो जाता है और इस पतली हवा में ऑक्सीजन की मात्रा (amount of oxygen in thin air) भी बहुत कम रह जाती है। हवा का कुल वजन सही-सही आंकना लगभग असंभव है बल्कि इसके आकलन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। फिर भी अंदाज बताता है कि समुद्र तल पर 14.7 पौंड प्रति वर्ग इंच दबाव डालने वाली हवा कुल मिलाकर ‘5,000 मिलियन मिलियन टन’ तक का दबाव डालती है।

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में देशबन्धु

Deshbandhu is a newspaper with a 60 years standing, but it is much more than that. We take pride in defining Deshbandhu as ‘Patr Nahin Mitr’ meaning ‘Not only a journal but a friend too’. Deshbandhu was launched in April 1959 from Raipur, now capital of Chhattisgarh, by veteran journalist the late Mayaram Surjan. It has traversed a long journey since then. In its golden jubilee year in 2008, Deshbandhu started its National Edition from New Delhi, thus, becoming the first newspaper in central India to achieve this feet. Today Deshbandhu is published from 8 Centres namely Raipur, Bilaspur, Bhopal, Jabalpur, Sagar, Satna and New Delhi.

Check Also

closer look at edema in hindi

जब शरीर के अंग सूज जाते हैं : एडिमा पर करीब से नज़र रखना

नई दिल्ली,06 जुलाई 2022. शरीर में सूजन कई कारणों से हो सकती है। यदि आप …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.