आईआईएम इन्दौर प्रवेश परीक्षा 2020 में सफलता के लिए जरूरी टिप्स

Understanding IIM INDORE Entrance 2020

Important tips in Hindi for success in IIM Indore entrance exam 2020

जयपुर : मैनेजमेंट एक ऐसा विकल्प है, जिसे किसी भी स्ट्रीम का छात्र करियर के रूप में चुन सकता है। इसके न्यूट्रल नेचर के कारण ही यह बहुत ही कम समय में लोकप्रिय विकल्प बन गया है। मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षा के बाद डीयू-जेएटी, सिम्बॉयसिस, एनपीएटी, नार्सी मोंजी, मुंबई, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी और आईआईएम इन्दौर में आईपीएमएटी और आईआईएम रोहतक में आईपीएमएटी को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है।

IIM Indore and Rohtak conducts an aptitude test every year.

दी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) इन्दौर और रोहतक (The Indian Institute of Management (IIM) Indore and Rohtak) हर साल एक एप्टीट्यूड टेस्ट का आयोजन करता है, जिसमें 20,000 से भी ज्यादा छात्र भाग लेते हैं। इस एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिए छात्रों को मैनेजमेंट में 5 साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में प्रवेश पाने का मौका मिलता है। प्रवेश की प्रक्रिया में आईपीएम एप्टीट्यूड टेस्ट शामिल है, जिसके कट-ऑफ को क्लियर करने के बाद रिटेन एबिलिटी टेस्ट (डब्ल्यूएटी) और पर्सनल इंटरव्यू (आईपी) होता है।

प्रथम एजुकेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर, अंकित कपूर (Ankit Kapoor, managing director of Pratham Education) ने बताया कि, “अपने लक्ष्य में सफलता के लिए पहले से ही प्लान तैयार करना आवश्यक होता है। जिस परीक्षा के लिए आप तैयारी शुरु करने वाले हैं, पहले उसके पैटर्न व स्ट्रक्चर को अच्छे से समझना जरूरी है। किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय और डेडिकेशन की आवश्यकता होती है। गणित और वर्बल एबिलिटी के सभी बेसिक कॉन्सेप्ट्स को कवर करें। इस प्रकार आपको प्रश्नों को समझने में आसानी होगी। उम्मीदवारों को हाइयर मैथमेटिक्स पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए क्योंकि परीक्षा में इससे आधारित कई सवाल पूछे जाते हैं। प्रथम एजुकेशन, इस प्रकार की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता के लिए छात्रों का मार्गदर्शन करता है। आईआईएम-आईपीएम इन्दौर के लिए छात्रों के अंको को बेहतर करने के उद्देश्य के साथ प्रथम अलग-अलग प्रकार की रणनीतियां तैयार करता है।”

आईआईएम-आईपीएम 2017 में दो सेक्शन थे- क्वान्टिटेटिव एप्टीट्यूड और वर्बल एबिलिटी। उस साल का कट-ऑफ लगभग 215-220 था। जबकी 2018 की प्रवेश परीक्षा में काफी बदलाव देखने को मिले, जहां क्वान्टिटेटिव एप्टीट्यूड के सेक्शन को सब्जेक्टिव (20 प्रश्न) और एमसीक्यू (40 प्रश्न) में विभाजित कर दिया गया।

2019 की परीक्षा में कुछ खास बदलाव नहीं दिखे, जिसके कारण अधिकतर छात्र कट-ऑफ क्लियर कर पाए। टाइम मैनेजमेंट और स्पीड इस साल की सफलता की कुंजी थी। 2019 में आईआईएम रोहतक ने भी मैनेजमेंट में 5 साल के इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की शुरुआत कर दी।

What to do for IPMAT 2020 exam success

श्री कपूर ने आगे बताया कि,

“आईपीएमएटी 2020 की परीक्षा में सफलता के लिए नियमित रूप से अभ्यास करना आवश्यक है। चूंकि, इस टेस्ट में नेगेटिव मार्किंग होती है, इसलिए आपके अंको और सफलता पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। पेपर में कुछ सवाल आसान हो सकते हैं और कुछ कठिन, इसलिए सरल सवालों पर कम समय दें और कठिन पर ज्यादा समय दें। शुरुआत में ही पेपर को अच्छे से पढ़ें और यह सुनिश्चित कर लें कि आपको किन सवालों का जवाब देना और किन सवालों का जवाब नहीं देना है। आईपीएम-आईआईएम इन्दौर प्रवेश परीक्षा के लिए हर दिन आप गणित के 45-48 सवाल और अंग्रेजी के 30-32 सवाल हल करें। यदि आप इससे ज्यादा सवाल हल कर सकते हैं तो अवश्य करें। मॉक टेस्ट का जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे, आपके बेसिक कॉन्सेप्ट उतने ज्यादा मजबूत होंगे। प्रथम एजुकेशन में सभी शिक्षक छात्रों को अधिक से अधिक मॉक टेस्ट का अभ्यास कराते हैं, जिसकी मदद से उम्मीदवार परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन दे पाते हैं।”

मॉक टेस्ट की मदद से छात्रों को वास्तविक परीक्षा की गंभीरता और कठिनाई के स्तर का पता चलता है। यदि आप पूरी लगन के साथ मॉक टेस्ट का अभ्यास करते हैं तो परीक्षा में पूछे गए सवालों का आसानी से जवाब दे पाएंगे।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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