योगी राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं, बलात्कारियों को बचाया जाता है बदायूँ में जिलाधिकारी कार्यालय पर महिलाओं का प्रदर्शन

योगी राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं, बलात्कारियों को बचाया जाता है बदायूँ में जिलाधिकारी कार्यालय पर महिलाओं का प्रदर्शन

In Yogi Raj, women are not safe, rapists are saved. Demonstration of women at the District Magistrate’s office in Badaun

बदायूँ में आंगनबाड़ी सहायिका से बलात्कार और हत्या की निर्भया जैसी घटना के विरुद्ध महिलाओं ने बदायूँ में जिलाधिकारी कार्यालय पर किया प्रदर्शन, ज्ञापन दिया

न्यायिक जांच की मांग उठाई

योगी राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं – प्रियंका यादव

बदायूँ, 8 जनवरी, योगी राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पूरे प्रदेश में महिलाओं पर हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। थानों में बलात्कार पीड़िताओं के मुकदमें दर्ज करने की जगह बलात्कारियों को बचाया जाता है।

उक्त वक्तव्य लोकमोर्चा कार्यसमिति सदस्य प्रियंका यादव ने कल 7 जनवरी 2021 को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान कहीं।

उन्होंने कहा कि उन्नाव से लेकर हाथरस और अब उघैती की घटनाओं से जाहिर हो गया है कि योगी सरकार बलात्कारियों को बचाने की हर संभव कोशिश करती है। उघैती पुलिस निर्भया जैसे जघन्य बर्बर बलात्कार और हत्या के मामले को हादसा बताकर मामले को दबाने में लगी रही। पीड़ित महिला के साथ इतनी हैवानियत की गई सामूहिक बलात्कार किया गया, उसका पैर तोड़ दिया, एक फेफड़ा क्षतिग्रस्त कर दिया, आंतरिक अंगों में रॉड डाली गई और शरीर का पूरा खून बहने से उसकी मौत हो गई फिर भी सूचना के दो दिन तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और बलात्कारियों को बचाने की शाजिस की गई। हाथरस मामले में लखनऊ में प्रेस वार्ता कर योगी सरकार के अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि दलित बेटी के साथ बलात्कार की घटना ही नहीं हुई, जबकि उसने मृत्यु पूर्व बयान में बलात्कार की पुष्टि की थी। उन्नाव में तो योगी सरकार लगातार अपने बलात्कारी विधायक को बचाती रही। इतना ही नहीं योगी सरकार ने अपने सांसद स्वामी चिन्मयानंद से शिष्या के बलात्कार का मुकदमा ही वापस ले लिया।

लोकमोर्चा कार्यसमिति की सदस्य शीबा काजमी ने कहा कि महिलाओं को योगी सरकार के पुलिस प्रशासन पर भरोसा नहीं है, घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार समाज में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण और नफरत फैलाने के देश विरोधी एजेंडे पर काम कर रही है और बलात्कारियों,अपराधियों को संरक्षण दे रही है। सूबे में जंगल राज चल रहा है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के बदायूँ जनपद में उघैती थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव के मंदिर में पुजारी और उसके चेलों द्वारा पूजा करने गई आंगनबाड़ी सहायिका के साथ की सामूहिक बलात्कार और हत्या की निर्भया कांड जैसी हैवानियत की घटना के विरुद्ध कल बदायूँ के जिलाधिकारी कार्यालय पर महिलाओं ने प्रदर्शन कर आक्रोश जाहिर किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया गया।

ज्ञापन में घटना की न्यायिक जांच करने, दोषियों को बचाने वाले जनपद के आला पुलिस -प्रशासनिक अधिकारियों को दंडित करने, आरोपियों को गिरफ्तार कर फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने आदि मांगें की गईं हैं।

कार्यक्रम में प्रियंका यादव,शीबा काजमी,आसमा, जय देवी, मिथलेश, शायशा, तुलसी, पिंकी, शांति, लक्ष्मी, वेदवती समेत दर्जनों लोकमोर्चा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

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